क्या सच में कांग्रेस की मदद कर रहा है आयोग?
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भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी ने चुनाव आयोग पर कांग्रेस की मदद करने का आरोप लगाया था, पर क्या ये सच है? लगता तो ऐसा ही है।
चुनाव आयोग ने जिला निर्वाचन अधिकारी की रिपोर्ट के बाद कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी को ईवीएम तक जाने के मामले में क्लीन चिट दे दी है।
आयोग का कहना है कि राहुल जिस ईवीएम तक गए थे, वह खराब थी। वहां पर उस समय तक वोटिंग ही शुरू नहीं हो सकी थी।
साथ ही आयोग ने यह भी साफ किया कि प्रत्याशी मतदान केंद्रों में जाकर ईवीएम मशीनों को देख सकते हैं। लेकिन वे उस समय नहीं जाएंगे जब कोई मतदान कर रहा हो।
ईवीएम तक गए थे राहुल
अमेठी में सात मई को हुई वोटिंग के दौरान राहुल तिलोई में एक पोलिंग बूथ पर ईवीएम मशीन तक पहुंच गए थे।
मीडिया में आई खबरों व आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार कुमार विश्वास की शिकायत के बाद इस मामले की जांच जिला निर्वाचन अधिकारी जगतराज त्रिपाठी को सौंपी गई थी।
आयोग ने कहा कि राहुल के जाने के बाद यहां पर नई ईवीएम लाकर मतदान शुरू करवाया गया। संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी रमाकांत पांडेय ने बताया कि राहुल प्रत्याशी हैं। ऐसे में उनके बूथ पर जाने व ईवीएम देखने में कोई मनाही नहीं हैं।
इसमें प्रत्याशी को इतना ख्याल रखना होता है कि मतदान की गोपनीयता भंग न हो। जांच रिपोर्ट में किसी भी तरह की गोपनीयता भंग न होने की बात सामने आई है। इस आधार पर राहुल गांधी को क्लीन चिट मिल गई है।
जिला प्रशासन की भी क्लीन चिट
गौरतलब है कि इसी मामले में जिला प्रशासन की ओर से भेजी गई रिपोर्ट में भी राहुल गांधी को लगभग क्लीन चिट दे दी गई है।
मामले की तथ्यात्मक रिपोर्ट गुरुवार देर रात निर्वाचन आयोग को भेजने के बाद किसी भी प्रकार की कार्रवाई के लिए जिला प्रशासन उसके आदेश का इंतजार कर रहा है।
भाजपा और आम आदमी पार्टी द्वारा शोर मचाने पर चुनाव आयोग के आदेश पर जिला निर्वाचन अधिकारी जगतराज त्रिपाठी ने एआरओ तिलोई से पूरे मामले की रिपोर्ट मांगी थी।
मामले की गंभीरता का अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि इस मुद्दे पर विचार विमर्श के लिए गुरुवार दोपहर निर्वाचन से जुडे़ अधिकारियों की मौजूदगी में शुरू हुई बैठक देर शाम तक चली।
खराब थी ईवीएम
बैठक में जिला निर्वाचन अधिकारी के साथ ही सामान्य प्रेक्षक आर. रामकृष्णन, उप जिला निर्वाचन अधिकारी माताफेर, एआरओ तिलोई अनिल कुमार सिंह के अलावा संबंधित बूथ के पीठासीन अधिकारी, सेक्टर मजिस्ट्रेट और माइक्रो ऑब्जर्वर तक मौजूद रहे।
बैठक में पाया गया कि राहुल के जिस ईवीएम तक जाने पर बवाल हुआ वह सुबह छह बजे हुए मॉकपोल के दौरान मात्र तीन वोट पड़ने के बाद ही खराब हो गई थी।
पीठासीन अधिकारी, सेक्टर मजिस्ट्रेट व माइक्रो ऑब्जर्वर की डायरी के अनुसार 6:00 बजे खराब हुई यह ईवीएम 10:40 बजे सही की जा सकी। इसी दौरान राहुल गांधी बूथ पर पहुंचे थे। भीड़ से ईवीएम खराब होने की जानकारी मिलने के बाद राहुल 10:17 बजे बूथ के अंदर ईवीएम तक गए और 10:19 पर बाहर निकल आए।
सूत्रों की मानें तो जिला प्रशासन की ओर से इन तथ्यों को शामिल करते हुए आयोग को भेजी गई रिपोर्ट में राहुल को तकरीबन क्लीन चिट दे दी गई है। जिला निर्वाचन अधिकारी ने रिपोर्ट भेजने की बात स्वीकार की है लेकिन उसके तथ्यों को बताने से इंकार किया है।
भाजपा कर सकती है हमला
भाजपा द्वारा अब चुनाव आयोग पर फिर से हमले हो सकते हैं। मोदी ने आयोग पर कांग्रेस की मदद करने का आरोप लगाते हुए कहा था कि अब चुनाव आयोग भी कांग्रेक की मदद नहीं कर सकता है क्योंकि जनता ने कांग्रेस को हरा दिया है्।
मोदी ने आयोग पर सवाल उठाते हुए यह भी कहा था कि आयोग निष्पक्ष चुनाव करवाने में असफल रहा है।
उन्होने बूथ कैप्चरिंग को भी न रोक पाने पर नाराजगी जताई थी। हालांकि आयोग ने विवादों से किनारा करते हुए कहा था कि आयोग किसी के पक्ष या किसी के दबाव में काम नहीं करता है।
अब उम्मीद की जा रही है कि भाजपा आयोग पर और अधिक हमलावर हो जाएगी।