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Lucknow News: निदेशक ने डीपीआरओ को दी प्रतिकूल प्रविष्टि की चेतावनी
Thu, 16 Jan 2025 12:49 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Thu, 16 Jan 2025 12:49 AM IST
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रायबरेली। मुख्यमंत्री पंचायत प्रोत्साहन पुरस्कार के लिए पांच ग्राम पंचायतों का चयन करने पर डीपीआरओ को पसीना आ रहा है। शासन से 31 दिसंबर तक सूची तलब की गई थी लेकिन पंचायतीराज विभाग के अधिकारियों ने अब तक पंचायतों का चयन नहीं किया है। मामले में निदेशक ने डीपीआरओ को कारण बताओ नोटिस देकर प्रतिकूल प्रविष्टि के साथ ही अन्य कार्रवाई की चेतावनी दी है।
जिले में इस साल पुरस्कार के लिए 225 पंचायतों ने ऑनलाइन आवेदन किया। 218 ग्राम पंचायतों का डाटा फ्रीज किया गया। 40 प्रतिशत से कम मानक पूरा करने वाली 174 ग्राम पंचायतों को पहले ही बाहर कर दिया गया।
जिले की 44 ग्राम पंचायतों को पुरस्कार की प्रक्रिया में शामिल करने के लिए चुना गया। जिला स्तर पर टीमों के माध्यम से जांच कराकर 44 ग्राम पंचायतों में पांच ग्राम पंचायतों का चयन करके रिपोर्ट शासन को भेजना था। मामले में निदेशक ने 31 दिसंबर तक ग्राम पंचायतों की चयनित सूची उपलब्ध कराने के आदेश दिए थे।
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निदेशक के आदेश के बाद भी अधिकारियों ने सुस्त रवैया अपनाए रखा। अब तक जिला स्तर से ग्राम पंचायतों का चयन नहीं किया गया है। नौ बिंदुओं गरीबी मुक्त गांव, स्वस्थ गांव, बाल मैत्री गांव, पर्याप्त जलयुक्त गांव, स्वच्छ एवं हरित गांव, आत्मनिर्भर बुनियादी ढांचे वाला गांव, सामाजिक रूप से सुरक्षित गांव, सुशासन व महिला हितैषी गांव पर किए गए कार्यों में अच्छा काम करने वाली ग्राम पंचायतों का चयन होना है।
मामले में खराब प्रगति पर निदेशक अटल कुमार राय ने डीपीआरओ सौम्यशील सिंह को कारण बताओ नोटिस देकर नाराजगी जताई है। साथ ही प्रतिकूल प्रविष्टि देने के साथ ही अन्य कार्रवाई की चेतावनी भी दी है। डीपीआरओ का कहना है कि प्रक्रिया चल रही है। जल्द ही जिला स्तर से पंचायतों का चयन करके सूची राज्य मुख्यालय को उपलब्ध कराई जाएगी।
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जिले में इस साल पुरस्कार के लिए 225 पंचायतों ने ऑनलाइन आवेदन किया। 218 ग्राम पंचायतों का डाटा फ्रीज किया गया। 40 प्रतिशत से कम मानक पूरा करने वाली 174 ग्राम पंचायतों को पहले ही बाहर कर दिया गया।
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जिले की 44 ग्राम पंचायतों को पुरस्कार की प्रक्रिया में शामिल करने के लिए चुना गया। जिला स्तर पर टीमों के माध्यम से जांच कराकर 44 ग्राम पंचायतों में पांच ग्राम पंचायतों का चयन करके रिपोर्ट शासन को भेजना था। मामले में निदेशक ने 31 दिसंबर तक ग्राम पंचायतों की चयनित सूची उपलब्ध कराने के आदेश दिए थे।
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निदेशक के आदेश के बाद भी अधिकारियों ने सुस्त रवैया अपनाए रखा। अब तक जिला स्तर से ग्राम पंचायतों का चयन नहीं किया गया है। नौ बिंदुओं गरीबी मुक्त गांव, स्वस्थ गांव, बाल मैत्री गांव, पर्याप्त जलयुक्त गांव, स्वच्छ एवं हरित गांव, आत्मनिर्भर बुनियादी ढांचे वाला गांव, सामाजिक रूप से सुरक्षित गांव, सुशासन व महिला हितैषी गांव पर किए गए कार्यों में अच्छा काम करने वाली ग्राम पंचायतों का चयन होना है।
मामले में खराब प्रगति पर निदेशक अटल कुमार राय ने डीपीआरओ सौम्यशील सिंह को कारण बताओ नोटिस देकर नाराजगी जताई है। साथ ही प्रतिकूल प्रविष्टि देने के साथ ही अन्य कार्रवाई की चेतावनी भी दी है। डीपीआरओ का कहना है कि प्रक्रिया चल रही है। जल्द ही जिला स्तर से पंचायतों का चयन करके सूची राज्य मुख्यालय को उपलब्ध कराई जाएगी।