फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   digital ragging in king george medical college lucknow

KGMU: जूनियर्स को मिले हैं 2 बाउंसर्स पर सीनियर्स कर रहे हैं ‘डिजिटल रैगिंग’

Sat, 26 Aug 2017 01:39 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Sat, 26 Aug 2017 01:39 PM IST
विज्ञापन
digital ragging in king george medical college lucknow
केजीएमयू में नजरें झुकाकर चलते जून‌ियर्स

केजीएमयू में एमबीबीएस प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों के साथ रैगिंग का मामला सामने आने से प्रशासन की पोल खुल चुकी है। तमाम कड़े प्रयासों का दावा बेमानी लग रहा है। जूनियर छात्र-छात्राओं के हाव-भाव और ड्रेसिंग आदि देखकर ही उनके मन में छुपे डर का अंदाजा लगाया जा सकता है। 

विज्ञापन


शुक्रवार को कक्षाओं के आने-जाने के बीच विद्यार्थियों की नजरें झुकी हुई थीं। अधिकांश छात्रों के बाल छोटे थे। इसके अलावा ज्यादातर छात्राओं की हेयर स्टाइल भी एक जैसी थी। ये सारी हरकतें रैगिंग के अंतर्गत ही आती हैं।
विज्ञापन


गुरुवार को रैगिंग की शिकायत आने के बाद से केजीएमयू प्रशासन हैरत में है, क्योंकि एंटी रैगिंग दस्ते के तहत दो-दो बाउंसर्स की नियुक्ति की गई है। जो प्रथम वर्ष के छात्र-छात्राओं के साथ साये की तरह रहते हैं। इसके अलावा अलग छात्रावास की भी व्यवस्था की गई है ताकि सीनियर वहां आ-जा न सकें। 
विज्ञापन
विज्ञापन


हर चीज के साथ अब रैग‌िंग भी डिज‌िटल हो गई है। ये सुनकर थोड़ा अजीब जरूर लगेगा, लेकिन यह केजीएमयू के एमबीबीएस प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों के लिए बड़ा सच है। तमाम सख्ती के बीच स्मार्ट फोन और आधुनिक एप्लीकेशन के माध्यम से जूनियर्स की रैगिंग ली जा रही है। 

सीनियर स्टूडेंट, सोशल साइटों के जरिये अपनी हनक दिखाने में कामयाब हो रहे हैं। जूनियर को खड़ाकर इंट्रो और डांस कराने जैसी घटनाओं को वीडियो कॉलिंग के माध्यम से अंजाम दिया जा रहा है। अधिकारियों का तर्क है कि अगर वीडियो कॉल पर भी आप डरकर सामने वाले के निर्देशों का पालन कर रहे हैं तो इसमें क्या किया जा सकता है। अगर ऐसी कोई कॉल आती है तो उसे काटकर सीधे शिकायत क्यों नहीं दर्ज कराते।

धीमी आवाज में बात करना

digital ragging in king george medical college lucknow
घुटनों तक एप्र‌िन पहने स्टूडेंट्स
एमबीबीएस प्रथम वर्ष के विद्यार्थी इतने डरे हुए हैं कि फोन पर धीमी आवाज में बात कर रहे हैं। एक विद्यार्थी ने नाम नहीं छापने की शर्त पर फोन पर बताया कि वह छात्रावास में तो नहीं रहता है, लेकिन साथियों ने काफी बातें बताई हैं। उसको भी कहा गया है कि फोन आए तो धीमी आवाज में बात करें। हालांकि सीनियर्स से कभी आमना-सामना नहीं हुआ है। उन्हें फोन पर ही निर्देश दिए जा रहे हैं।

तीसरी बटन पर नजर रखो
रैगिंग के दौरान सीनियर स्टूडेंट्स ने जूनियर्स को आने जाने के दौरान नजरें नीची करके चलने का हुक्म सुनाया है। शुक्रवार को भी यह दृश्य देखने को मिला। लंच करने निकले अधिकांश स्टूडेंट्स नीचे देख रहे थे। इसके अलावा फोन पर गाली गलौज करने, झुककर सलाम करने और बाल छोटे रखने की धमकी का मामला सामने आया है। इसकी पुष्टि खुद केजीएमयू के अधिकारियों ने की है।

इस प्रकार की घटनाएं चिंतित करने वाली हैं। इसमें जूनियर स्टूडेंट्स की भी गलती है। अगर फोन पर उन्हें परेशान किया जा रहा है तो तुरंत अधिकारियों और उनकी सुरक्षा में लगाए बाउंसर को सूचित करना चाहिए। जबकि वे ऐसा करने के बजाय धमकी से डर रहे हैं। रैगिंग को रोकने के लिए हम कड़ी से कड़ी कार्रवाई करने को तैयार हैं।
प्रो. नरसिंह वर्मा, प्रवक्ता, केजीएमयू।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed