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संवाद: डॉ. जयदीप मल्होत्रा बोलीं- देश में बढ़ी है बांझपन की समस्या, भारत की 15 फीसदी महिलाएं इसकी चपेट में
Tue, 27 Feb 2024 12:40 PM IST
रोहित मिश्र
अमर उजाला सिटी रिपोर्टर, लखनऊ
अमर उजाला सिटी रिपोर्टर, लखनऊ
Published by: रोहित मिश्र
Updated Tue, 27 Feb 2024 12:40 PM IST
सार
Amar Ujala Samvad: अमर उजाला संवाद में डॉक्टर जयदीप मल्होत्रा ने कहा कि टेस्ट ट्यूब बेबी को लेकर देश में बहुत सारे मिथक हैं। यह तकनीक आपके सहायता के लिए है।
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Amar Ujala Samvad
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
अमर उजाला संवाद के तीसरे सत्र में देश की जानी मानी महिला डॉक्टर लोगों से मुखातिब हुईं। इस कार्यक्रम में कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ. कनिका सूद, मानव व्यवहार विशेषज्ञ डॉ. संगीता शर्मा और आईवीएफ विशेषज्ञ डॉ. जयदीप मल्होत्रा ने अपने-अपने क्षेत्रों के बारे में अनुभव साझा किए।
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तीन हजार से ज्यादा टेस्ट ट्यूब बेबी से जन्म कराने वालीं डॉ. जयदीप मल्होत्रा ने कहा कि टेस्ट ट्यूब तकनीक अभी भी टैबू है। 15 फीसदी आबादी बांझपन से पीड़ित है। उनके लिए यह तकनीकी वरदान की तरह है। महिला की ट्यूब बंद होने या पुरुष में शुक्राणु कम होने के केस लगातार बढ़ रहे हैं। टेस्ट ट्यूब बेबी को लेकर बहुत सारे मिथ हैं। ये तकनीकी उन महिलाओं को भी मां बना देती है जिनमें गर्भाशय ही नहीं होता है।
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कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ. कनिका सूद ने कहा कि पूरे देश में कैंसर के रोगियों की संख्या बढ़ रही है। आने वाले समय में कैंसर के रोगियों की संख्या बढ़ेगी। दुनिया में होने वाले कुल कैंसरों में 33 प्रतिशत कैंसर तंबाकू चबाने से होता है। भारत में कैंसर के केस 115 फीसदी बढ़ गए हैं। तंबाकू कोई भी हो वह कैंसर कर सकता है।
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डॉ संगीता शर्मा ने कहा कि थोड़ी मात्रा में स्ट्रेस अच्छी होती है। जैसे परीक्षा में स्ट्रेस लेना अच्छा होता है। लेकिन जब वह मात्रा बढ़ जाती है तो वह नुकसान दायक होने लगता है। हमें यह देखना है कि स्ट्रेस को कैसे मैनेज करना है।
महिला रोग विशेषज्ञ डॉक्टर मंदाकिनी प्रधान ने कहा कि कई बार जन्म के पहले भी बच्चा रोगग्रस्त हो जाता है। वह हमारे के लिए बड़ी चुनौती हो जाता है। महिलाओं की दिनचर्या, खानपान और परहेज से इसी ठीक किया जा सकता है। प्रेगनेंसी के दौरान आपकी दिनचर्या बहुत कुछ बच्चे के स्वास्थ्य पर असर डालती है।
बाहर का खाना कैंसर को दावत
डॉक्टर जयदीप मल्होत्रा ने कहा कि मोटापा कई बार कैंसर को जन्म देता है। सात प्रकार का कैंसर की वजह मोटापा होता है। बाहर का खाना और प्लास्टिक बोतल में बिकने वाला पानी कई बार कैंसर को दावत देता है।
रेडीयेशन से दूर रहें महिलाएं
डॉक्टर कनिका सूद ने कहा कि प्रेगनेंट महिलाओं को किसी प्रकार के रेडीयेशन से दूर रहना चाहिए। प्रेगनेंट महिलाएं जितना हो सके प्राकृतिक माहौल में रहें। डॉक्टर संगीता शर्मा ने कहा कि कई बार प्रेगनेंसी के समय तो हम देखभाल करते हैं लेकिन प्रसव के बाद उसका ध्यान देना बंद कर देते हैं। डेलेवरी के बाद भी महिला का उतना ही ध्यान रखा जाना चाहिए।