'लोकसभा चुनाव में जागे होते तो नेताजी पीएम होते'
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लखनऊ के जनेश्वर मिश्र पार्क में आयोजित सपा के नौवें राष्ट्रीय अधिवेशन में बदायूं के सांसद धर्मेन्द्र यादव ने कहा कि इस पर आत्ममंथन होना चाहिए कि यूपी में सपा के 224 विधायक होने के बावजूद केवल पांच सांसद ही क्यों जीते?
यदि हमने ईमानदारी से इस पर चिंतन कर लिया तो 2017 और 2019 में जीतने से कोई ताकत नहीं रोक पाएगी। यदि लोकसभा चुनाव में जागे होते तो नेताजी यहां प्रधानमंत्री के रूप में बैठे होते।
उन्होंने कहा, उत्तराखंड से यूपी तक हुए उपचुनावों में भाजपा को सबक मिला है। दूसरे राज्यों के चुनावों में भी उसे सबक मिलेगा। लोकसभा में भले ही सपा के पांच सांसद हों लेकिन भाजपा सरकार को पांच साल चैन से नहीं बैठने देंगे।
युवाओ को प्रशिक्षण दिया जाए: अक्षय
फीरोजाबाद के सांसद अक्षय यादव ने कहा कि जिस लोकसभा में सपा के 40 तक सदस्य रहे हैं, इस बार सपा के महज चार सांसद पहुंचे।
नेताजी जब बोलने खड़े होते हैं तो यूपी से भाजपा के 71 सांसद और दूसरे सांसद खड़े हो जाते हैं। सदन में हम संघर्ष कर रहे हैं।
मोदी सरकार के छह माह पूरे हो जाएंगे तो हमें सड़कों पर संघर्ष के लिए तैयार रहना चाहिए।
उन्होंने युवाओं के लिए फिर से प्रशिक्षण शिविर शुरू करने की मांग उठाई। अक्षय ने कुछ अधिकारियों पर मक्कारी करने का आरोप भी लगाया।
100 दिन की सरकार असफल रही: तेजप्रताप
मैनपुरी के नवनिर्वाचित सांसद तेजप्रताप सिंह ने कहा कि समाजवादी विचार से ही देश में गरीबों, पिछड़ों और दलितों की स्थिति में बदलाव आया है।
मोदी सरकार पूंजीवादी सोच पर चल रही है। उसे उद्योग घरानों के हितों की चिंता है। गरीब, मजदूर और किसान हाशिये पर हैं।
चुनाव के दौरान मोदी ने ऐसे वादे किए थे मानो वे भारत तो विकसित देश बना देंगे, लेकिन 100 दिन में वे रोडमैप भी नहीं बना पाए कि वादे पूरे कैसे होंगे। उन्होंने चीनी राष्ट्रपति से घुसपैठ तक पर बात नहीं की।