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धूप में ड्यूटी कर रहे यातायात सिपाही को डीजीपी ने दिया अपना छाता
टीम डिजिटल/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Sat, 16 Apr 2016 05:33 PM IST
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सिपाही से बात करते डीजीपी
- फोटो : Amar Ujala
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गर्मी ने लोगों को बेहाल कर रखा है, ऐसे में लोग घर से बाहर निकलने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे। जरा उन ट्रैफिक सिपाहियों के बारे में सोचिए जो पूरे दिन धूप में खड़े रहकर यातायात व्यवस्था दुरुस्त करने में लगे रहते हैं।
कैसे रहे अगर छाता लेकर सिपाही ट्रैफिक कंट्रोल करें? क्या एक हाथ में छाता ट्रैफिक कंट्रोल करना संभव है, यही जानने की कोशिश की डीजीपी जावेद अहमद ने।
शनिवार को डीजीपी जावीद अहमद और आईजी जोन ए सतीश गणेश लखनऊ के हजरतगंज चौराहे पर औचक निरीक्षण के लिए पहुंचे।
भीषण गर्मी के बीच यातायात सिपाही और होमगार्ड पसीने से लथपथ होकर काम में लगे थे। डीजीपी ने ये नजारा देख उन्हें शाबासी दी और सिपाही सिपाही राजीव कुमार को अपना छाता पकड़ाया और ट्रैफिक कंट्रोल करने को कहा।
उन्होंने सिपाही को अपना छाता तोहफे में दे दिया। डीजीपी दरअसल ये देखना चाहते थे कि एक हाथ में छाता लेकर ट्रैफिक कंट्रोल करना संभव है या नहीं।
डीजीपी का ये निरीक्षण ट्रैफिक पुलिस वेलफेयर के संबंध में था।
कैसे रहे अगर छाता लेकर सिपाही ट्रैफिक कंट्रोल करें? क्या एक हाथ में छाता ट्रैफिक कंट्रोल करना संभव है, यही जानने की कोशिश की डीजीपी जावेद अहमद ने।
शनिवार को डीजीपी जावीद अहमद और आईजी जोन ए सतीश गणेश लखनऊ के हजरतगंज चौराहे पर औचक निरीक्षण के लिए पहुंचे।
भीषण गर्मी के बीच यातायात सिपाही और होमगार्ड पसीने से लथपथ होकर काम में लगे थे। डीजीपी ने ये नजारा देख उन्हें शाबासी दी और सिपाही सिपाही राजीव कुमार को अपना छाता पकड़ाया और ट्रैफिक कंट्रोल करने को कहा।
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उन्होंने सिपाही को अपना छाता तोहफे में दे दिया। डीजीपी दरअसल ये देखना चाहते थे कि एक हाथ में छाता लेकर ट्रैफिक कंट्रोल करना संभव है या नहीं।
डीजीपी का ये निरीक्षण ट्रैफिक पुलिस वेलफेयर के संबंध में था।