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मुख्यमंत्री योगी ने जेवर एयरपोर्ट के नाम, लोगो व डिजाइन को दी मंजूरी, लोगो में राज्य पक्षी ‘सारस’ का अक्स
Thu, 17 Dec 2020 07:26 PM IST
ishwar ashish
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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Published by: ishwar ashish
Updated Thu, 17 Dec 2020 07:26 PM IST
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मंजूर किया गया लोगो
- फोटो : amar ujala
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जेवर में बनने वाले एयरपोर्ट का नाम नोएडा इंटरनेशनल ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट, जेवर होगा। इसके लोगो में राज्य पक्षी सारस का अक्स है और डिजाइन लंदन, मॉस्को व मिलाने एयरपोर्ट की तर्ज पर तैयार की गई है। बृहस्पतिवार को इस एयरपोर्ट के नाम, लोगो व डिजाइन को मंजूरी देते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यह विश्व के बेहतरीन हवाई अड्डों में से एक होगा। सरकार इसमें कोई कमी नहीं छोड़ेगी। यह एयरपोर्ट न केवल भारत का गौरव बनेगा बल्कि इसे ‘ग्लोबल ब्रांड’ के रूप में प्रस्तुत किया जाएगा।
एयरपोर्ट की डिजाइन का प्रस्तुतीकरण देखते हुए मुख्यमंत्री ने अपने आवास पर कहा कि इसका निर्माण चार चरणों में होगा। शुरुआती क्षमता 1.20 करोड़ यात्री प्रति वर्ष की होगी। 2050 तक यह क्षमता 7 करोड़ यात्री प्रति वर्ष तक कर दी जाएगी। पहले चरण में दो रनवे होंगे, जिसे बढ़ाकर पांच किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि नागरिक उड्डयन बहुआयामी प्रगति का माध्यम है। एयरपोर्ट बनने से प्रदेश का औद्योगिक विकास होगा, पर्यटन में वृद्धि होगी, विनिर्माण एवं निर्यात को प्रोत्साहन मिलेगा। इससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और हवाई यातायात सुगम होगा।
प्रदेश के नागरिक उड्डयन विभाग के निदेशक सुरेंद्र सिंह ने कहा कि कंसेशन एग्रीमेंट की शर्तों के अनुसार राज्य सरकार सहायता एग्रीमेंट की कार्यवाही 5 अप्रैल 2021 तक की जानी है। इस संबंध में कंसेशनायर यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड को पत्र भेजा जा चुका है। एयरपोर्ट लिए आवश्यक 1334 हेक्टेयर भूमि के अधिग्रहण की कार्यवाही पूरी हो गई है। पुनर्वास व विस्थापन के लिए भी 48.097 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि फिलहाल 2 रन-वे के लिए भूमि का अधिग्रहण किया जा चुका है। अन्य के लिए 3418 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहण की कार्यवाही जल्द शुरू होगी।
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एयरपोर्ट की डिजाइन का प्रस्तुतीकरण देखते हुए मुख्यमंत्री ने अपने आवास पर कहा कि इसका निर्माण चार चरणों में होगा। शुरुआती क्षमता 1.20 करोड़ यात्री प्रति वर्ष की होगी। 2050 तक यह क्षमता 7 करोड़ यात्री प्रति वर्ष तक कर दी जाएगी। पहले चरण में दो रनवे होंगे, जिसे बढ़ाकर पांच किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि नागरिक उड्डयन बहुआयामी प्रगति का माध्यम है। एयरपोर्ट बनने से प्रदेश का औद्योगिक विकास होगा, पर्यटन में वृद्धि होगी, विनिर्माण एवं निर्यात को प्रोत्साहन मिलेगा। इससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और हवाई यातायात सुगम होगा।
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प्रदेश के नागरिक उड्डयन विभाग के निदेशक सुरेंद्र सिंह ने कहा कि कंसेशन एग्रीमेंट की शर्तों के अनुसार राज्य सरकार सहायता एग्रीमेंट की कार्यवाही 5 अप्रैल 2021 तक की जानी है। इस संबंध में कंसेशनायर यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड को पत्र भेजा जा चुका है। एयरपोर्ट लिए आवश्यक 1334 हेक्टेयर भूमि के अधिग्रहण की कार्यवाही पूरी हो गई है। पुनर्वास व विस्थापन के लिए भी 48.097 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि फिलहाल 2 रन-वे के लिए भूमि का अधिग्रहण किया जा चुका है। अन्य के लिए 3418 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहण की कार्यवाही जल्द शुरू होगी।
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कब क्या हुआ
- नागर विमानन मंत्रालय ने 6 जुलाई, 2017 को साइट क्लीयरेंस दिया।
- गृह मंत्रालय ने 5 अक्तूबर, 2017 को तथा रक्षा मंत्रालय द्वारा 11 जुलाई, 2018 को एनओसी दी।
- 29 नवंबर, 2019 को फाइनेंशियल निविदा खोली गई। ज्यूरिख एयरपोर्ट इंटरनेशनल एजी ने सबसे अधिक 400.97 रुपये प्रति यात्री प्रीमियम बोली लगाई थी।
- प्रदेश सरकार ने 16 दिसंबर, 2019 को ज्यूरिख इंटरनेशनल को सेलेक्टर बिडर घोषित कर कंडीशनल लेटर ऑफ अवार्ड प्रदान किया।
- 9 मार्च, 2020 को पर्यावरण की क्लीयरेंस मिली।
- नागर विमानन मंत्रालय ने 4 मई, 2018 को निर्माण के लिए सैद्धांतिक अनुमति दी। 18 मई, 2020 को सुरक्षा क्लीयरेंस दी गई।
- 7 अक्टूबर, 2020 को ज्यूरिख इंटरनेशनल के एसपीयू यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्रा.लि. व उत्तर प्रदेश सरकार की केंपनी नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड के बीच कंसेशन एग्रीमेंट साइन किया गया।
- यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्रा.लि. ने 4 दिसंबर को एयरपोर्ट का मास्टर प्लान नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लि. के समक्ष प्रस्तुत किया है। इसको परीक्षण के लिए भारत सरकार के नागर विमानन मंत्रालय भेजा गया है।
- गृह मंत्रालय ने 5 अक्तूबर, 2017 को तथा रक्षा मंत्रालय द्वारा 11 जुलाई, 2018 को एनओसी दी।
- 29 नवंबर, 2019 को फाइनेंशियल निविदा खोली गई। ज्यूरिख एयरपोर्ट इंटरनेशनल एजी ने सबसे अधिक 400.97 रुपये प्रति यात्री प्रीमियम बोली लगाई थी।
- प्रदेश सरकार ने 16 दिसंबर, 2019 को ज्यूरिख इंटरनेशनल को सेलेक्टर बिडर घोषित कर कंडीशनल लेटर ऑफ अवार्ड प्रदान किया।
- 9 मार्च, 2020 को पर्यावरण की क्लीयरेंस मिली।
- नागर विमानन मंत्रालय ने 4 मई, 2018 को निर्माण के लिए सैद्धांतिक अनुमति दी। 18 मई, 2020 को सुरक्षा क्लीयरेंस दी गई।
- 7 अक्टूबर, 2020 को ज्यूरिख इंटरनेशनल के एसपीयू यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्रा.लि. व उत्तर प्रदेश सरकार की केंपनी नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड के बीच कंसेशन एग्रीमेंट साइन किया गया।
- यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्रा.लि. ने 4 दिसंबर को एयरपोर्ट का मास्टर प्लान नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लि. के समक्ष प्रस्तुत किया है। इसको परीक्षण के लिए भारत सरकार के नागर विमानन मंत्रालय भेजा गया है।