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डिप्टी कलेक्टर गिरीश तहसीलदार पद पर पदावनत, शासन ने दी मंजूरी
Wed, 02 Oct 2019 11:45 AM IST
Amulya Rastogi
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: Amulya Rastogi
Updated Wed, 02 Oct 2019 11:45 AM IST
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प्रदेश कैबिनेट ने वक्फ बोर्ड ट्रिब्यूनल के रजिस्ट्रार व हरदोई के तत्कालीन उप जिलाधिकारी गिरीशचंद्र श्रीवास्तव को तहसीलदार के पद पर पदावनत करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।
राज्य सरकार के प्रवक्ता सिद्धार्थनाथ सिंह ने बताया कि गिरीशचंद्र हरदोई में डिप्टी कलेक्टर थे। उन्होंने वहां ग्राम समाज की जमीन नियम से बाहर जाकर दूसरे के पक्ष में करने की मंजूरी दे दी थी। लखनऊ के मंडलायुक्त ने 22 दिसंबर 2016 को अपनी रिपोर्ट में गिरीश को दोषी ठहराते हुए तहसीलदार के पद पर पदावनत करने की संस्तुति की। इसे सहमति के लिए राज्य लोक सेवा आयोग भेजा गया। आयोग ने इस पर सहमति नहीं दी।
आयोग ने स्थायी रूप से दो वेतनवृद्धि रोकने को कहा। इसके बाद सरकार ने आयोग को अपने निर्णय पर पुनर्विचार के लिए कहा, लेकिन आयोग अपनी संस्तुति पर कायम रहा। इसके बाद यह प्रकरण कैबिनेट के समक्ष विचार के लिए रखा गया था। कैबिनेट ने आयोग के परामर्श से भिन्न निर्णय लेते हुए गिरीश को डिप्टी कलेक्टर से तहसीलदार के पद पर पदावनत करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी।
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राज्य सरकार के प्रवक्ता सिद्धार्थनाथ सिंह ने बताया कि गिरीशचंद्र हरदोई में डिप्टी कलेक्टर थे। उन्होंने वहां ग्राम समाज की जमीन नियम से बाहर जाकर दूसरे के पक्ष में करने की मंजूरी दे दी थी। लखनऊ के मंडलायुक्त ने 22 दिसंबर 2016 को अपनी रिपोर्ट में गिरीश को दोषी ठहराते हुए तहसीलदार के पद पर पदावनत करने की संस्तुति की। इसे सहमति के लिए राज्य लोक सेवा आयोग भेजा गया। आयोग ने इस पर सहमति नहीं दी।
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आयोग ने स्थायी रूप से दो वेतनवृद्धि रोकने को कहा। इसके बाद सरकार ने आयोग को अपने निर्णय पर पुनर्विचार के लिए कहा, लेकिन आयोग अपनी संस्तुति पर कायम रहा। इसके बाद यह प्रकरण कैबिनेट के समक्ष विचार के लिए रखा गया था। कैबिनेट ने आयोग के परामर्श से भिन्न निर्णय लेते हुए गिरीश को डिप्टी कलेक्टर से तहसीलदार के पद पर पदावनत करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी।
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