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सड़क निर्माण में कर डाला करोड़ों का घपला, डिप्टी सीएम ने इन पांच इंजीनियरों को किया सस्पेंड
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Updated Thu, 06 Sep 2018 09:51 AM IST
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डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्या
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उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने सड़क निर्माण में करोड़ों का घोटाला मिलने पर पीडब्ल्यूडी के दो तत्कालीन अधीक्षण अभियंता और दो एक्सईएन समेत पांच इंजीनियरों को निलंबित कर दिया है।
इनमें बरेली के तत्कालीन अधीक्षण अभियंता एसके आर्य (अब बनारस में चीफ इंजीनियर), पीलीभीत के अधिशासी अभियंता ओपी वर्मा और राजकुमार राम, सहायक अभियंता डीसी भूकेश और हेमंत कुमार (अब रामपुर में एक्सईन) शामिल हैं। इन सभी अभियंताओं को प्रमुख अभियंता कार्यालय से संबद्ध कर दिया गया है। साथ ही, इनके खिलाफ विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के आदेश भी दिए हैं।
पीलीभीत में बरेली-बीसलपुर मार्ग के निर्माण में हुई अनियमितता पर यह कार्रवाई की गई है। 14.8 किलोमीटर लंबे इस मार्ग के निर्माण के लिए गठित अनुबंध की शर्तों के विपरीत गैर शिड्यूल बैंक की एफडीआर ली गई।
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इनमें बरेली के तत्कालीन अधीक्षण अभियंता एसके आर्य (अब बनारस में चीफ इंजीनियर), पीलीभीत के अधिशासी अभियंता ओपी वर्मा और राजकुमार राम, सहायक अभियंता डीसी भूकेश और हेमंत कुमार (अब रामपुर में एक्सईन) शामिल हैं। इन सभी अभियंताओं को प्रमुख अभियंता कार्यालय से संबद्ध कर दिया गया है। साथ ही, इनके खिलाफ विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के आदेश भी दिए हैं।
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पीलीभीत में बरेली-बीसलपुर मार्ग के निर्माण में हुई अनियमितता पर यह कार्रवाई की गई है। 14.8 किलोमीटर लंबे इस मार्ग के निर्माण के लिए गठित अनुबंध की शर्तों के विपरीत गैर शिड्यूल बैंक की एफडीआर ली गई।
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उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने बताया कि परियोजना की अनुबंधित लागत 24.34 करोड़ रुपये थी। इसमें मोबिलाइजेशन और मशीनरी एडवांस में क्रमश: 1.66 करोड़ और 3.50 करोड़ रुपये का अनियमित भुगतान किया गया। अनुबंध के अनुसार, सड़क निर्माण कार्य 18 नवंबर 2016 तक पूर्ण किया जाना था, पर अनुबंध समाप्ति के दो वर्ष बाद भी कार्य की प्रगति 50 प्रतिशत भी सही नहीं पाई गई।
उन्होंने बताया कि इस प्रकरण में मुख्य अभियंता, बरेली ने मार्ग का मौका मुआयना किया था। फोटोग्राफ भी प्रस्तुत किए। जांच रिपोर्ट के आधार पर विभागीय अधिकारियों को दोषी मानते हुए निलंबित कर दिया गया है। इसके साथ ही उप मुख्यमंत्री ने प्रदेश में कहीं भी सड़कों की गुणवत्ता खराब मिलने पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश भी दिए हैं।
उन्होंने बताया कि इस प्रकरण में मुख्य अभियंता, बरेली ने मार्ग का मौका मुआयना किया था। फोटोग्राफ भी प्रस्तुत किए। जांच रिपोर्ट के आधार पर विभागीय अधिकारियों को दोषी मानते हुए निलंबित कर दिया गया है। इसके साथ ही उप मुख्यमंत्री ने प्रदेश में कहीं भी सड़कों की गुणवत्ता खराब मिलने पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश भी दिए हैं।