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डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा की मेधावियों को सीख- पहले कॅरिअर बनाएं, फिर कुछ और सोचें

Thu, 31 May 2018 12:28 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Updated Thu, 31 May 2018 12:28 PM IST
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deputy CM dinesh sharma gave answers to the questions of toppers
विद्यार्थियों के सवालों का जवाब देते उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा। - फोटो : amar ujala
उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने कहा कि विद्यार्थियों को एकाग्रचित्त होकर पहले अपना कॅरिअर बनाने की ओर ध्यान देना चाहिए। आजीविका के लिहाज से मजबूत स्थिति में आने के बाद ही राजनीति या इस तरह के किसी अन्य कार्य के बारे में सोचना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों को विनम्र बनने की सीख देते हुए कहा कि जो भी लक्ष्य तय करेंगे, अगर उस पर रुचि लेकर काम करेंगे तो सफलता कदम चूमेंगी। वे ‘अमर उजाला’ मेधावी सम्मान समारोह में टॉपर्स के सवालों का जवाब दे रहे थे।
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 राजनीति में युवा किस तरह से योगदान दे सकते हैं?
-अभिषेक, मुरादाबाद
 राजनीति व्यवसाय के लिए नहीं करना चाहिए। नौजवान पहले लक्ष्य के प्रति समर्पित हों। परिवार के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का पहले निर्वहन करें। आजीविका के उचित साधन पा लेने के बाद ही राजनीति में आना चाहिए। ध्यान रखें कि मन में सेवा का भाव है, तभी राजनीति में आएं।
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आप लोगों को किस तरह से प्रेरित कर लेते हैं। सफलता पाने के तरीके भी हमें बताएं।
-आर्या त्रिपाठी, औरेया
 जब तक सपने पूरे न हो जाएं तब तक चैन की नींद नहीं सोना चाहिए। मायूस होकर कभी भी काम न करें। रुचि लेकर काम करें तो सफलता कदम चूमेगी। अपने कर्तव्य पथ पर लगातार आगे बढ़ते रहने से लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत भी बन सकते हैं।
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बिजनेस अच्छा है या सरकारी नौकरी?
-दीपक पटेल, प्रतापगढ़
 दोनों बढ़ियां हैं। पर यह जरूरी है कि आपकी रुचि किसमें ज्यादा है। सरकारी सेवा में जनसेवा की भावना से जाएं। व्यवसाय अपनाएं तो भी लगन से काम करने के साथ-साथ राष्ट्रहित ध्यान में रखें।

बचपन में क्या सपने देखते थे जो आज आप डिप्टी सीएम बन गए?

deputy CM dinesh sharma gave answers to the questions of toppers
  हमारे आसपास पढ़ाई का माहौल नहीं है। हम जिस इलाके से हैं वहां बच्चों को काम पर लगा दिया जाता है। क्या होना चाहिए?
-शहवाज, सिद्धार्थनगर
 मैं टीचर बनना चाहता था और बना भी। शिक्षक के 16 में से 15 कॉम्पिटीशन में सफलता पाई। जिस लक्ष्य के पीछे पड़ेंगे, वह जरूर हासिल कर लेंगे।  लेकिन इस सबमें माता-पिता का मागदर्शन जरूरी है। जीवन में विनम्र बनें, क्योंकि अहंकार के कारण कभी सफलता नहीं मिल सकती। जब कभी भी क्रोध में हो, तो शांत रहो। रही बात बचपन से ही काम में लगा देने की प्रवृत्ति की तो मेरा यही कहना है कि जो मां-बाप ऐसा करते हैं, वे बच्चों के साथ-साथ अपने साथ भी अन्याय कर रहे होते हैं।
 
हमसे कहा जाता है कि डॉक्टर बनो, इंजीनियर बनो...। पर, कोई यह नहीं कहता कि किसान बनो?
-अनुज तिवारी, कानपुर देहात
राजनीतिक पार्टियों ने किसानों से वोट लिया, पर उनके हित में काम नहीं किया। इसलिए वे आज भी गरीबी की हालत में जी रहे हैं। जल्द ही यह परिदृश्य बदला दिखेगा। मोदी और योगी सरकार ऐसी योजनाएं लेकर आई हैं कि लोग शहरों के बजाय गांव में रहना पसंद करेंगे। किसानों की आमदनी में तेजी से वृद्धि होगी। इसके लिए फूड प्रॉसेसिंग यूनिट्स लगाई जाएंगी। भविष्य में गांवों में भी शहरों जैसी मूलभूत सुविधाएं मिलेंगी।

हमारा गांव एमपी के बॉर्डर पर है। वहां न बिजली है और न पीने का साफ पानी। सोलर लैंप से पढ़ाई करके यहां तक पहुंचे हैं।
-अंकिता सिंह, इलाहाबाद
 ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा भी यहां मौजूद हैं। आप अपने गांव का नाम लिखकर दे दें, बिजली पहुंच जाएगी। ‘सौभाग्य योजना’ के तहत प्रत्येक गांव में दिसंबर-2018 तक बिजली पहुंचाने का लक्ष्य है, जिसे पूरा करके दिखाएंगे। प्रदेश सरकार ने टॉपर बच्चों को सिर्फ एक लाख रुपये और टैबलेट ही नहीं दिए हैं, वे जहां कहेंगे, उनके नाम से एक सड़क भी बनाकर दी जाएगी।

...जब सामने बैठे डिप्टी सीएम ने मंच पर मौजूद छात्र से पूछे सवाल

deputy CM dinesh sharma gave answers to the questions of toppers
टॉपर अनुज तिवारी से डॉ. दिनेश शर्मा ने पूछा, क्या इस बार आपको परीक्षा में कुछ बदलाव दिखा? क्या नकल विहीन परीक्षा से भविष्य उज्ज्वल हो सकेगा? परीक्षा केंद्र के अंदर विद्यार्थियों को पुलिस या शिक्षकों या किसी अन्य ने परेशान तो नहीं किया। इस पर अनुज ने कहा कि इस बार परीक्षा में बहुत बदलाव दिखा। नकलविहीन परीक्षा से पढ़ने वाले बच्चों को बहुत लाभ मिला। इससे हमारा मनोबल बढ़ा है। परीक्षा केंद्र के अंदर किसी ने भी विद्यार्थियों को परेशान नहीं किया।
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