'रोड एंबुलेंस' सुधरेगी सड़कों की सेहत, डिप्टी सीएम बोले- बिना डरे सड़क निर्माण में करें नए प्रयोग
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उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि प्रदेश में नई तकनीक से बनने वाली सड़कें सस्ती और टिकाऊ होंगी। उन्होंने इंजीनियरों से बिना डरे नए प्रयोग करने का आह्वान किया। साथ ही कहा कि हमें हर हाल में भ्रष्टाचार मुक्त सड़क निर्माण का लक्ष्य हासिल करना होगा। इसके लिए टीम भावना से काम करना जरूरी है।
वह शनिवार को डॉ. भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय के अटल बिहारी वाजपेयी सभागर में लोक निर्माण विभाग की ओर से ‘सड़क निर्माण की नई तकनीक’ विषयक कार्यशाला के दूसरे दिन तकनीकी सत्र की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सड़कों को गड्ढामुक्त करने के लिए रोड एंबुलेंस सेवा शुरू की जाएगी जो कि
मौर्य ने कहा, हमारा प्रयास है कि प्रदेश में सड़कों की गुणवत्ता में सुधार हो। कम लागत में काम पूरे हों। कुछ स्थानों पर सड़क निर्माण में नई तकनीक का इस्तेमाल किया गया है, जिसके काफी अच्छे परिणाम सामने आए हैं। कार्यशाला में हुए विचार-विमर्श के बाद जो तकनीक निकलकर आएगी, उसका प्रयोग प्रदेश की सड़कों के निर्माण में किया जाएगा।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि नई तकनीक से सड़क निर्माण के लिए जरूरी मशीनों को बनाने व बेचने वालों की देश में कमी है। इसलिए हम इस क्षेत्र में आने वालों को हरसंभव प्रोत्साहन देंगे। भ्रष्टाचार रोकने के लिए पीडब्ल्यूडी की कार्यप्रणाली में बड़े पैमाने पर सुधार किया जाएगा।
बिहार में काफी कारगर साबित हुई है रोड एंबुलेंस
मुख्य अतिथि और बिहार के पीडब्ल्यूडी मंत्री नंद किशोर यादव ने कहा, सड़क निर्माण में नवीनतम तकनीक का बहुत अधिक महत्व है। हमें उच्च गुणवत्ता की सड़कों के निर्माण के साथ ही दुर्घटनाओं में कमी लाने के प्रयास भी करने चाहिए। बिहार में सड़क सुरक्षा के प्रयासों की चर्चा करते हुए उन्होंने बताया कि सड़कों के छोटे-मोटे गड्ढे भरने के लिए रोड एम्बुलेंस काफी कारगर साबित हुई है। इससे दुर्घटना पीड़ितों की मदद करने में भी मदद मिलती है। यूपी सरकार इस प्रयोग को लखनऊ में भी लागू कर सकती है।
मुख्य सचिव राजीव कुमार ने कहा, भविष्य में भी सड़क निर्माण की नई तकनीकों पर कॉन्फ्रेंस हों, तभी इस तरह के आयोजनों का दूरगामी लाभ मिल सकेगा। नई तकनीक पर्यावरण हितैषी भी है क्योंकि इसमें कम मात्रा में कंकरीट की जरूरत होती है और पॉलिथीन जैसा वेस्ट मैटीरियल का भी उपयोग होता है।
यूपीडा के कार्यपालक अधिकारी अवनीश कुमार अवस्थी ने कहा, पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे का निर्माण प्रदेश सरकार की प्राथमिकता में है। इसे बनाने में भी नवीनतम तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा ताकि कम लागत में बेहतर काम कराया जा सके। इससे पहले तकनीकी सत्र में सड़क बनाने में लगने वाली सामग्री की उपयोगिता और मिक्सिंग के बारे में गहन विचार-विमर्श किया गया।
सड़क निर्माण के लिए प्रदेश में बनेगी विशेषज्ञों की समिति
कॉन्फ्रेंस के दौरान सड़क निर्माण की नई तकनीक के उपयोग के लिए विशेषज्ञों की समिति बनाने का फैसला भी किया गया। उप मुख्यमंत्री केशव मौर्य ने कहा, कोई भी इंजीनियर अपने द्वारा ईजाद की गई नई तकनीक को इस विशेषज्ञ समिति के सामने रखेगा। वहां से हरी झंडी मिलने पर उस तकनीक का इस्तेमाल किया जा सकेगा।