डिग्री कॉलेजों के प्राचार्य भी कहलाएंगे प्रोफेसर
डिग्री कॉलेजों के प्राचार्यों के लिए अच्छी खबर है। प्रदेश सरकार इन्हें प्रोफेसर पदनाम देने जा रही है। इस पर सरकार ने अपनी सैद्धांतिक सहमति दे दी है।
उच्च शिक्षा विभाग ने मुख्यमंत्री के पास अनुमोदन के लिए यह फाइल भेजी है। वहां से हरी झंडी मिलते ही यह फैसला लागू हो जाएगा।
प्रोफेसर पदनाम राजकीय महाविद्यालयों के साथ ही अशासकीय अनुदानित महाविद्यालयों के भी प्राचार्यों को दिया जाएगा। डिग्री कॉलेजों के प्राचार्यों को पहले से ही प्रोफेसर की तरह 10 हजार रुपये ग्रेड पे मिलते हैं।
समान वेतन होने के बावजूद अभी इन्हें प्रोफेसर का पदनाम नहीं मिलता है। इसी को लेकर लखनऊ विवि से संबद्ध महाविद्यालय शिक्षक संघ व लखनऊ विवि से संबद्ध महाविद्यालय प्राचार्य परिषद ने भी मुख्यमंत्री से पदनाम दिए जाने की मांग की थी।
जानें, किसे मिलेगा फायदा
प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री से भी शिक्षक व प्राचार्य संगठनों की वार्ता हो चुकी है। इसके बाद सरकार प्राचार्यों को प्रोफेसर पदनाम देने पर सहमत हो गई है। इस फैसले से सरकार पर कोई अतिरिक्त वित्तीय बोझ भी नहीं आएगा।
इन्हें मिलेगा फायदा
राजकीय महाविद्यालय-138
अनुदानित महाविद्यालय-331
यह होगा फायदा
- कुलपति के पद के लिए भर सकेंगे आवेदन। कुलपति के लिए प्रोफेसर पद पर 10 साल का मांगा जाता है अनुभव
- उच्च शिक्षा सेवा आयोग में भी बन सकेंगे अध्यक्ष व सदस्य। इसमें भी प्रोफेसर पद होना जरूरी होता है।
- विश्वविद्यालय की एकेडमिक काउंसिल व कार्य परिषद के भी बन सकेंगे सदस्य।