AKTU : अब डिजिटल लॉकर में सुरक्षित रहेगी डिग्री और मार्क्सशीट
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मानव संसाधन विकास मंत्रालय और ऑल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्निकल एजुकेशन (एआईसीटीई) ने आईआईटी व अन्य तकनीकी संस्थानों को इस व्यवस्था को प्रभावी बनाने को कहा है। इस क्रम में एकेटीयू ने दिसंबर सेमेस्टर परिणाम से ही इस व्यवस्था को प्रभावी बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसे केंद्रीय एजेंसी सेंट्रल डिपॉजिटरी सर्विसेज लिमिटेड (सीडीएसएल) के सहयोग से पूरा किया जाएगा।
इसके लिए जल्द ही विश्वविद्यालय विद्यार्थियों के डिजिटल अकाउंट खोलेगा। पहले चरण में इस लॉकर की दो चाभियां होंगी जो विश्वविद्यालय और विद्यार्थी दोनों के पास होंगी। सेमेस्टर रिजल्ट घोषित करने के बाद विश्वविद्यालय मार्क्सशीट इसी लॉकर में भेजगा। विद्यार्थियों से भी कहा जाएगा कि वे अपनी पूर्व की मार्क्सशीट भी इसमें अपलोड करें। विद्यार्थी जब अंतिम वर्ष में पास आउट होंगे तो उनकी डिग्री भी इसी लॉकर में रखी जाएगी।
आसानी से हो सकेगा डाक्यूमेंट का वेरिफिकेशन
परीक्षा नियंत्रक डॉ. राजीव कुमार ने बताया कि विश्वविद्यालय ने डिजिटल लॉकर बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। सितंबर 2019 तक मंत्रालय की ओर से यह सुविधा विश्वविद्यालय को पूरी तरह नि:शुल्क दी जा रही है। जल्द ही सीडीएसएल की टीम विश्वविद्यालय आएगी और इससे जुड़ी तकनीकी जानकारी देगी। इसके बाद हम विद्यार्थियों का अकाउंट खोलेंगे और उनके डाक्यूमेंट डिजिटल लॉकर में रखेंगे।
दिसंबर सेमेस्टर परिणाम के बाद पहले व दूसरे वर्ष की मार्क्सशीट इसी में भेजेंगे। इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि इन डाक्यूमेंट का वेरिफिकेशन आसानी से हो सकेगा। विद्यार्थी को भी ओरिजनल डाक्यूमेंट लेकर यहां-वहां आना जाना नहीं पड़ेगा। वह अपने डिजिटल लॉकर नंबर से इसे वेरीफाई करा सकेगा।
आधार से लिंक होने पर आएगा पूरा डाटा
डॉ. राजीव ने बताया कि विद्यार्थी अपने डिजिटल लॉकर को आधार से लिंक करेंगे। इसके बाद उनके हाईस्कूल, इंटर की मार्क्सशीट-सर्टीफिकेट आदि भी इस डिजिटल लॉकर में आ जाएंगे। विद्यार्थी चाहेंगे तो अपने अन्य डाटा भी इसमें सुरक्षित रख सकेंगे।