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Lucknow News: हौसले से हारी दुश्वारी, संघर्षों ने दिलाया मुकाम

Thu, 23 Jan 2025 01:57 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Thu, 23 Jan 2025 01:57 AM IST
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Defeated difficulties with courage, achieved success through struggles
​​शिक्षक बनीं बहनें अनीता और पूजा।
लखनऊ। ''साल 2015 में परास्नातक की पढ़ाई के दौरान दिल में सूजन की बीमारी ने पिता को छीन लिया। घर की आर्थिक स्थिति इतनी दयनीय हो गई कि दो वक्त की रोटी के लिए लाले पड़ गए। मां की शारीरिक स्थिति भी सही नहीं थी। ट्यूशन से भी इतने पैसे नहीं मिल रहे थे कि घर का खर्च और आगे की पढ़ाई हो सके। इस हालात में भाई सहारा बने और अपनी पढ़ाई छोड़कर हम लोगों के लिए मेहनत शुरू किया। विषम परिस्थितियों के बावजूद हौसले को टूटने नहीं दिया। जब हम दो बहनें एक साथ शिक्षक बनीं तो पूरे परिवार का सीना चौड़ा हो गया।''
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संघर्ष की यह कहानी है राजधानी के पारा क्षेत्र की रहने वाली दो सगी बहनों अनीता और पूजा की, जिनका चयन दिल्ली सरकार के अलग-अलग माध्यमिक शिक्षण संस्थानों में एक साथ बतौर शिक्षक हुआ है। अनीता ने बताया कि पिता का सपना था कि हम दोनों बहनें आईएएस बनें, लेकिन जीवित रहते हुए उनका सपना पूरा नहीं हो सका। हालांकि, शिक्षक बनने के बाद आर्थिक स्थिति पहले से बेहतर हुई है और पिता के सपनों को पूरा करने के लिए सिविल सर्विस की तैयारी के साथ ही आगे का संघर्ष जारी है।
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गणित परास्नातक में गोल्ड मेडलिस्ट हैं पूजा

पारिवारिक हालात सही न होने के बावजूद पूजा ने पढ़ाई से किसी तरह की समझौता नहीं किया। विश्वविद्यालय आने-जाने के लिए पैसे नहीं थे। उस दौरान पांच-छह किमी हर दिन पैदल यात्रा करती थीं। मेहनत का नतीजा है कि बीबीएयू से गणित विषय में परास्नातक की टॉपर बनीं और गोल्ड मेडल भी प्राप्त किया। अब वह दिल्ली में शिक्षक पद पर कार्यरत हैं, लेकिन पिता के सपने को पूरा करने के लिए आईएएस की तैयारी भी कर रही हैं।
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हिंदी से पीएचडी और टीजीटी शिक्षक पद पर कार्यरत हैं अनीता

दोनों बहनों का संघर्ष और मेहनत का नतीजा है कि एक साथ दिल्ली में बतौर शिक्षक पद पर चयन हुआ। अनीता ने बीबीएयू हिंदी विभाग से परास्नातक, एमफिल, पीएचडी की और शोध के दौरान ही शिक्षक पद पर नौकरी मिल गई। घर का खर्च उठाने के साथ ही भाई विशाल को भी पढ़ा रही हैं। उनका सपना है कि विशाल भी शिक्षक बने, क्योंकि शिक्षक ही हैं जो परिवार और समाज को जागरूक करने में योगदान देते हैं।
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