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आजम ने कहा, काश आप हमारी दीवानी होतीं
महेंद्र तिवारी/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Thu, 20 Feb 2014 09:13 AM IST
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महफिल कोई भी हो अगर आजम खां साहब वहां मौजूद हैं तो मान लिया जाता है कि वह महफिल उन्हीं के नाम रहेगी
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मौके पर चाहे उनके बॉस मुख्यमंत्री अखिलेश यादव मौजूद हों अथवा बड़े-बड़े शायर, कवि या नेता। आजम रुकते नहीं, चूकते नहीं। बुधवार को भी कुछ ऐसा ही हुआ
मौका था कवियत्री सरिता शर्मा की पुस्तक के विमोचन का। खां साहब दिल की गहराइयों में गोते लगाते-लगाते कवियत्री सरिता शर्मा के डेढ़ इश्किया में फंसते नजर आए। उन्होंने खुले तौर पर इसका इजहार भी कर दिया-‘काश! आप मेरी दीवानी होती, मैं आपसे इश्क कर लेता..।’
मुख्यमंत्री के सरकारी आवास पर कवियत्री सरिता शर्मा की पुस्तक ‘हुए आकाश तुम’ के विमोचन क मौके पर मुख्यमंत्री अखिलेश यादव, प्रख्यात साहित्यकार प्रो. उदय प्रताप सिंह, नामचीन शायर मुनव्वर राना, कई कैबिनेट मंत्री, कवियत्री के परिजन व काफी संख्या में कवियत्री के सुधी-शुभचिंतक मौजूद थे
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मौके के लिहाज से हर किसी ने कवियत्री के लेखन, उनकी कविताओं के संदेश, हिंदी व उर्दू अदब के प्रति उनके समझ की गहराई की दिल खोल कर तारीफ की। मगर जब बारी संसदीय कार्यमंत्री आजम खां साहब की आई तो वह कवियत्री की कविता में डूबते नजर आए।
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