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यूपी कैबिनेट ने नौ प्रस्तावों को दी मंजूरी, शिक्षित युवाओं को रोजगार देने वाली योजना पर बड़ा फैसला

Wed, 16 May 2018 09:48 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Updated Wed, 16 May 2018 09:48 AM IST
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 decisions taken by yogi adityanath government in cabinet meeting.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ - फोटो : amar ujala

यूपी कैबिनेट बैठक में शिक्षित युवाओं को रोजगार दिलाने वाली योजना को लेकर बड़ा फैसला लिया गया। इसके तहत अब पंडित दीनदयाल ग्रामोद्योग रोजगार योजना के तहत बैंक से ऋण लेने वाले युवाओं को सरकार शुरुआती तीन साल तक ब्याज राशि वापस करेगी। मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में ये फैसला लिया गया।

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राज्य सरकार के प्रवक्ता सिद्धार्थनाथ सिंह ने बताया कि 13 फीसदी तक का ब्याज भार सरकार वहन करेगी। इसके लिए 45.52 करोड़ रुपये के बजट की व्यवस्था भी की गई है। यह योजना शिक्षित ग्रामीण युवाओं को स्वावलंबी बनाने के लिए शुरू की गई है, ताकि वे गांवों से पलायन न करें। इस योजना को प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम से भी जोड़ा गया है। इसमें 25 लाख तक लोन लिया जा सकता है। योजना की प्रक्रिया सरल करके इसे ऑनलाइन किया गया है।
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दूसरा फैसला: छह मेडिकल कॉलेजों को और मिलेंगे 484 जूनियर रेजीडेंट डॉक्टर
प्रदेश के छह पुराने राजकीय मेडिकल कॉलेजों को 484 जूनियर रेजीडेंट डॉक्टर मिलने का रास्ता साफ हो गया है। सीएम योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट की बैठक में इस प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी गई। इनमें गोरखपुर, आगरा, झांसी, कानपुर, इलाहाबाद और मेरठ के मेडिकल कॉलेज शामिल हैं।
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राज्य सरकार के प्रवक्ता सिद्धार्थनाथ सिंह ने बताया कि इन मेडिकल कॉलेजों में वर्तमान में नॉन पीजी जूनियर रेजीडेंट डाक्टरों की संख्या सिर्फ 104 है। इससे मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने में दिक्कत आ रही थी। इसलिए 484 और पद सृजित करने का प्रस्ताव कैबिनेट में लाया गया था, जिसे मंजूरी दे दी गई है। उन्होंने बताया कि इससे सरकार पर हर साल 36.59 करोड़ रुपये का भार आएगा और स्वास्थ्य सेवाओं में भी सुधार होगा।

तीसरा फैसला: सिविल जज परीक्षा खुद कराने का हाईकोर्ट का प्रस्ताव नामंजूर

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प्रदेश सरकार ने उप्र. सिविल जज जूनियर डिवीजन परीक्षा लोकसेवा आयोग के माध्यम से ही कराने का फैसला किया है। राज्य सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि 10 जनवरी 2018 को हाईकोर्ट ने यह परीक्षा खुद कराने का प्रस्ताव भेजा था। इस प्रस्ताव को कैबिनेट ने मंजूरी नहीं दी है। कैबिनेट ने निर्णय लिया कि यह परीक्षा पहले की तरह लोकसेवा आयोग से ही कराई जाएगी।

चौथा फैसला: पीडब्ल्यूडी की 67.71 अरब की स्वीकृतियों पर कैबिनेट की मुहर
कैबिनेट ने पीडब्ल्यूडी की वित्त वर्ष 2017-18 में राज्य योजना और स्पेशल कंपोनेंट प्लान के तहत विभिन्न परियोजनाओं के लिए 67.71 अरब रुपये की वित्तीय स्वीकृतियों पर मुहर लगा दी। राज्य सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि वित्त विभाग के 3 अगस्त 2017 के आदेश के तहत वित्तीय स्वीकृतियों के प्रस्ताव कैबिनेट में रखे जाने का प्रावधान है।

इसी के तहत स्वीकृतियों का अनुमोदन किया गया है। वहीं, पीडब्ल्यूडी के प्रमुख अभियंता कार्यालय परिसर में बने 20 सर्वेंट्स क्वार्टर्स ध्वस्त कराने के प्रस्ताव को भी कैबिनेट ने हरी झंडी दे दी है। ये भवन 80 साल पुराने हैं। इन भवनों को ध्वस्त करने में 13.33 लाख रुपये बट्टे खाते में डाले जाएंगे। महात्मा गांधी मार्ग स्थित इस जगह पर पॉर्किंग लॉट बनाई जाएगी।

पांचवां फैसला: गोरखपुर में मेट्रो रेल की डीपीआर बनाएगा ‘राइट्स’

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गोरखपुर में मेट्रो रेल संचालन के लिए फिजिबिलिटी स्टडी और डीपीआर तैयार करने के लिए रेलवे की संस्था राइट्स को नामित करने के प्रस्ताव को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है। कॉम्प्रेहेंसिव मोबिलिटी प्लान के तहत इस प्रोजेक्ट में राज्य और केंद्र की 50-50 फीसदी भागीदारी होगी। राज्य सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि यातायात व्यवस्था सुचारू बनाने के लिए गोरखपुर में मेट्रो रेल संचालन का फैसला किया गया है।

छठा फैसला: लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस-वे पर स्थापित होगा एडवांस ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम
कैबिनेट ने लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस-वे पर एडवांस ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम की स्थापना के प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी है। राज्य सरकार के प्रवक्ता सिद्धार्थ नाथ सिंह ने लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस-वे को ‘ताज एक्सप्रेस-वे’ का नाम देते हुए बताया कि इस सिस्टम के तहत सीसीटीवी कैमरे, इमरजेंसी कॉलेज सेंटर और कॉमन सेंटर बनाए जाएंगे।

वाहनों की गति जांचने के लिए भी जगह-जगह व्यवस्था होगी। यह सिस्टम नंबर प्लेट्स को देखकर उसे तत्काल रोकने का सिग्नल देगा। इस पर 30 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। क्या इसके लिए एक्सप्रेस-वे पर बिजली की व्यवस्था होगी। प्रवक्ता ने कहा कि दुनिया में कहीं भी किसी भी एक्सप्रेस-वे पर बिजली की व्यवस्था नहीं हैं।

इसके लिए रिफ्लेक्टर लगाए जाते हैं, जो आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर भी लगाए गए हैं। फिर भी ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम के लिए जहां भी बिजली की जरूरत होगी, वहां बिजली मुहैया कराई जाएगी। यह पूछे जाने पर कि क्या इस एक्सप्रेस-वे का नाम बदलकर ताज एक्सप्रेस-वे कर दिया गया है, प्रवक्ता ने हंसते हुए कहा कि जिसका जो मन करे, वह वो नाम ले।

सातवां फैसला: कृषि स्नातकों के लिए योजना में शुल्क परिवर्तन प्रस्ताव को मंजूरी

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कैबिनेट ने प्रशिक्षित कृषि उद्यमी स्वावलंबन योजना में लाइसेंस शुल्क परिवर्तन के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। यह योजना वर्ष 2015-16 से चल रही है। राज्य सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि परिवर्तन केंद्र सरकार द्वारा किए गए बदलावों को देखते हुए किया गया है। इस योजना में कृषि स्नातकों को खाद, बीज और कृषि रसायनों की बिक्री के लिए लाइसेंस दिए जाते हैं। सरकार उन्हें मदद भी देती है।

आठवां फैसला: शीरे के अवैध व्यापार पर अब 1 लाख जुर्माने के साथ होगी सजा
शीरा का अवैध व्यापार करते हुए पकड़े जाने पर एक लाख रुपये के जुर्माने के साथ साल भर की कड़ी कैद काटनी होगी। इसके लिए उप्र. शीरा नियंत्रण अधिनियम-1964 में संशोधन अध्यादेश के प्रस्ताव को कैबिनेट ने स्वीकृति दे दी।

सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि शीरा का अवैध व्यापार रोकने के लिए कड़ी सजा दी जाएगी। इसके लिए अधिनियम की धारा-11(1), 11(2) और धारा-16 में बदलाव किया गया है। वर्तमान में पकड़े जाने पर 2 हजार रुपये या एक वर्ष की सजा का प्रावधान है। बार-बार अपराध करते हुए पकड़े जाने पर 100 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से जुर्माना लगाया जा सकता है। लेकिन अब जुर्माना बढ़ाकर एक लाख रुपये कर दिया गया है। साथ ही एक वर्ष की कैद भी होगी। प्रवक्ता ने बताया कि प्रतिदिन का जुर्माना भी 100 रुपये से बढ़ाकर 5 हजार रुपये कर दिया गया है। इसके अलावा शीरे के अवैध व्यापार के काम में लिए जा रहे वाहनों को भी जब्त करने का प्रावधान किया गया है।

नौवां फैसला: पीडब्ल्यूडी के क्वार्टर्स ध्वस्त करके बनाया जाएगा पार्किंग लॉट

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पीडब्ल्यूडी के प्रमुख अभियंता कार्यालय परिसर में बने 20 सर्वेंट्स क्वार्टर्स ध्वस्त किए जाने के प्रस्ताव को कैबिनेट ने हरी झंडी दे दी है। यह भवन 80 साल पुराने हैं। इन भवनों को ध्वस्त करने में 13.33 लाख रुपये बट्टे खाते में डाले जाएंगे। महात्मा गांधी मार्ग स्थित इस जगह पर पॉर्किंग लॉट बनाई जाएगी।

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