सोहम की डायरी में तन्हाई और अकेलेपन का जिक्र, ...पर मां बोली- मर्डर है यह
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इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट लखनऊ (आईआईएम-एल) से एमबीए की पढ़ाई कर रहा सोहम मुखर्जी तन्हाई और अकेलेपन का शिकार था। बकौल पुलिस, हॉस्टल में उसके कमरे से मिली डायरी में ऐसी कई बातों का जिक्र है जिससे उसकी मौत का मामला खुदकुशी की तरफ इशारा कर रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी फांसी लगने से सोहम की मौत की पुष्टि हुई है। वहीं, सोहम की मां को यकीन नहीं। पोस्टमार्टम हाउस के बाहर फूट-फूटकर रो रही मां प्रणति ने कहा कि सोहम की हत्या की गई है। सबने मिलकर मारा है। उन्होंने इसकी जांच की मांग की है। पोस्टमार्टम हाउस पर प्रणति ने एक बार बेटे का चेहरा देखने की विनती की तो माहौल गमगीन हो गया।
इंस्पेक्टर मड़ियांव राघवन कुमार सिंह ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में फांसी से मौत की पुष्टि होने के बाद सोहम के खुदकुशी करने की बात सामने आ रही है। रिपोर्ट के मुताबिक उसकी मौत बृहस्पतिवार सुबह पोस्टमार्टम से तीन दिन पहले हुई थी। यानी 13 की रात ही उसकी सांसें थम चुकी थीं। पुलिस सूत्रों ने बताया कि सोहम की डायरी से ‘लोनली परसन’ जैसे शब्द कई जगह पर लिखे मिले हैं।
एक जगह पर ‘मिडिल क्लास लाइफ’ लिखा पाया गया जिससे यह अंदाजा लगाया जा रहा है कि वह अपने सामान्य रहन-सहन को लेकर भी चिंतित रहता था। एक साल से वह अपने घर भी नहीं जा सका था। माता-पिता से उसकी वीकंड पर ही फोन पर बातचीत होती थी। अब तक उसकी कोई गर्लफ्रेंड सामने नहीं आई है इसलिए पुलिस का मानना है कि अकेलेपन की वजह से वह तनाव में रहने लगा और अवसाद का शिकार बन गया होगा।
हो सकता है कि इसी वजह से उसने खुदकुशी कर ली हो। फिलहाल पुलिस सोहम के बारे में जानकारी के लिए उसके साथ पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं, हॉस्टल में आसपास रहने वाले दोस्तों, आईआईएम-एल के प्रोफेसर व स्टाफ, मेस के कर्मचारियों, सिक्योरिटी गार्ड सहित अन्य लोगों से संपर्क करने की तैयारी कर रही है।
हॉस्टल के कमरे में रस्सी से लटका पाया गया था शव
मालूम हो कि आईआईएम-एल से एमबीए द्वितीय वर्ष की पढ़ाई कर रहे कोलकाता निवासी सोहम मुखर्जी का शव बुधवार दोपहर हॉस्टल संख्या 16 के कमरा संख्या 71 में प्लास्टिक की रस्सी से लटका पाया गया था। हॉस्टल के छात्रों ने बताया कि सोहम को आखिरी बार 13 नवंबर की शाम मेस में खाना खाते हुए देखा गया था। आईआईएम-एल की कारपोरेट कम्युनिकेशन एंड मीडिया रिलेशन ऑफिसर स्वपना वर्मा ने खुदकुशी की आशंका जताई थी।
आई-पॉड, फोन और लैपटॉप फोरेंसिक लैब भेजे गए
सोहम के कमरे से मिला उसका आई-पॉड, मोबाइल फोन और लैपटॉप जब्त कर फोरेंसिक लैब भेज दिए गए हैं। इंस्पेक्टर का कहना है कि सोहम ने आखिरी बार किससे बातचीत की? आई-पॉड का आखिरी बार कब और क्या इस्तेमाल हुआ? लैपटॉप में उसने अंतिम समय क्या देखा? कहीं सोशल मीडिया पर खुदकुशी करने जैसी कोई पोस्ट तो नहीं डाली? जांच में यह जानकारियां मिलने से सोहम की मौत की तस्वीर काफी हद तक साफ हो जाएगी।
बैंक से लोन लेकर कर रहा था पढ़ाई
सोहम के पिता निहरेंदु मुखर्जी सरकारी नौकरी से सेवानिवृत्त हो चुके हैं जबकि मां प्रणति बंदोपाध्याय अभी नौकरी कर रही हैं। सोहम ने आईआईटी गुवाहाटी से इंजीनियरिंग की पढ़ाई के बाद नौकरी शुरू की। वह खुद ही अपना खर्च चलाता था। आईआईएम-एल में पढ़ाई के लिए उसने बैंक से लोन लिया था। इसका जिक्र उसने डायरी में भी किया है।
तीन महीने बाद कैंपस सेलेक्शन में मिलनी थी बेहतरीन नौकरी
सोहम के साथियों ने बताया कि तीन महीने बाद कैंपस सेलेक्शन होना है जिसमें मल्टीनेशनल कंपनियां आती हैं। कंपनियां संस्थान के बेस्ट स्टूडेंट को मोटे पैकेज ऑफर करती हैं। सोहम बेस्ट स्टूडेंट्स में से एक था इसलिए उसे अच्छा पैकेज मिलना तय था। हॉस्टल के छात्र अक्सर कैंपस सेलेक्शन की बात करते तो सोहम को सबसे अच्छा पैकेज मिलने की चर्चा जरूर होती थी।
सोहम इतना काबिल था कि छात्र कहते थे कि कैंपस सेलेक्शन में कंपनी सोहम को नहीं बल्कि वह कंपनी को सेलेक्ट करेगा। छात्रों का कहना था कि उसका भविष्य उज्ज्वल और सुरक्षित था, इसके बाद भी खुदकुशी क्यों की? यह बात समझ से परे है।
पोस्टमार्टम की कराई गई वीडियोग्राफी
तीन डॉक्टरों के पैनल ने पोस्टमार्टम किया। इस दौरान फोरेंसिक एक्सपर्ट भी मौजूद थे और पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी कराई गई है। इंस्पेक्टर राघवन कुमार सिंह ने बताया कि छात्र के शरीर पर कोई भी चोट नहीं पाई गई है। फांसी लगने से मौत की पुष्टि हुई है लेकिन परिवारीजन हत्या की आशंका जता रहे हैं। इसलिए जांच के लिए बिसरा सुरक्षित रखा गया है।
इंस्पेक्टर ने बताया कि क्रियाकर्म के दौरान सोहम की मां हत्या का आरोप लगा रही थीं, लेकिन मामला हत्या का नहीं है। सोहम की न किसी से रंजिश थी न ही प्रेम संबंध और लेन-देन का विवाद सामने आया है। फिलहाल उसके माता-पिता ने पुलिस को कुछ भी लिखकर नहीं दिया है। अगर प्रार्थनापत्र मिला तो जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी। सोहम के परिवारीजन अभी लखनऊ में ही रुके हुए हैं।
फूट-फूटकर रोई मां, बोली बेटे का मर्डर किया गया
एकलौते बेटे सोहम की मौत के गम में उसकी मां प्रणति फूट-फूटकर रोई। पिता निहरेंदु के मुंह से भी शब्द नहीं फूटे। उनकी आंखों से लगातार आंसू बहते रहे।
पुलिसकर्मी उन्हें शव के पास ले गए तो प्रणति और निहरेंदु की आंखों में बंधा आंसुओं का सैलाब फट पड़ा। शव से चिपटककर वह रोने लगे। साथ आए निहरेंदु के भाई दोनों को संभालते हुए बाहर ले आए। दोपहर करीब ढाई बजे छात्र का शव लेकर परिवारीजन सीधे बैकुंठधाम स्थित विद्युत शवदाह गृह पहुंचे और क्रियाकर्म किया।
वजह एकेडमिक भी हो सकती है
लखनऊ विश्वविद्यालय के मनोविज्ञान विभाग के प्रो. प्रेम चंद्र मिश्रा का कहना है कि केस थोड़ा अलग है। जिसका सबकुछ ठीक हो वह छात्र एकेडमिक या व्यक्तिगत वजह से आत्महत्या कर सकता है। एक दिन में तो ऐसा कुछ नहीं हुआ होगा। कुछ पुराना कारण दिमाग में चलता रहा होगा। युवाओं को धैर्य से काम लेना होगा। आज का सोशल मीडिया भी विसंगतियों का बड़ा कारण है। अभिभावक दूर होने की स्थिति में कुछ नहीं कर सकते। दोस्तों को ऐसे युवाओं के बदलते लक्षण पर ध्यान देना चाहिए।