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संवेदनहीनता की हदः दो दिन तक प्लेटफॉर्म पर पड़ा रहा बुजुर्ग का शव, बदबू उठी तो जागी जीआरपी
Mon, 17 Jun 2019 04:06 PM IST
ishwar ashish
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Mon, 17 Jun 2019 04:06 PM IST
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लखनऊ के चारबाग रेलवे स्टेशन पर जीआरपी व आरपीएफ की संवेदनहीनता रविवार को उजागर हुई। प्लेटफॉर्म नंबर आठ पर दो दिन से एक बुजुर्ग का शव पड़ा रहा। पर, किसी ने सुधि नहीं ली। जब शव से बदबू उठने लगी तो रेलवे प्रशासन जागा और जीआरपी ने शव पोस्टमार्टम को भिजवाया।
यह संवदेनहीनता की हद है। चारबाग रेलवे स्टेशन उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल का एवन श्रेणी का स्टेशन है, जहां रोजाना ढाई सौ से अधिक ट्रेनों व सवा लाख से ज्यादा यात्रियों का आना-जाना होता है। इतने व्यस्त स्टेशन पर जीआरपी व आरपीएफ की ऐसी लापरवाही सामने आई है, जो सुरक्षाबलों के संवेदनहीन व लापरवाह होने का पुख्ता सबूत है।
दरअसल, चारबाग रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर आठ पर जीआरपी को सत्तर वर्षीय वृद्ध का शव रविवार को मिला। पैसेंजरों व स्टॉल मालिकों की मानें तो यह शव दो दिनों से प्लेटफॉर्म पर पड़ा हुआ था। स्टॉल मालिकों व यात्रियों ने बताया कि शव के पड़े होने की जानकारी पहले भी जीआरपी को दी गई थी, पर लापरवाही बरती गई।
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यह संवदेनहीनता की हद है। चारबाग रेलवे स्टेशन उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल का एवन श्रेणी का स्टेशन है, जहां रोजाना ढाई सौ से अधिक ट्रेनों व सवा लाख से ज्यादा यात्रियों का आना-जाना होता है। इतने व्यस्त स्टेशन पर जीआरपी व आरपीएफ की ऐसी लापरवाही सामने आई है, जो सुरक्षाबलों के संवेदनहीन व लापरवाह होने का पुख्ता सबूत है।
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दरअसल, चारबाग रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर आठ पर जीआरपी को सत्तर वर्षीय वृद्ध का शव रविवार को मिला। पैसेंजरों व स्टॉल मालिकों की मानें तो यह शव दो दिनों से प्लेटफॉर्म पर पड़ा हुआ था। स्टॉल मालिकों व यात्रियों ने बताया कि शव के पड़े होने की जानकारी पहले भी जीआरपी को दी गई थी, पर लापरवाही बरती गई।
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प्लेटफॉर्मों की जांच तक नहीं होती
रविवार को जब शव से बदबू उठने लगी तो आनन-फानन रेलवे प्रशासन जागा और शव को हटाने की कवायद शुरू की। सुबह 11 बजे जीआरपी ने शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेजा। इस बारे में जीआरपी प्रभारी निरीक्षक सोमवीर सिंह ने बताया कि शव के पड़े होने की जानकारी जीआरपी को रविवार सुबह मिली। इसके बाद तत्काल कार्रवाई की गई। शव की शिनाख्त नहीं हो पाई है। मृतक के पास से कोई भी पहचान पत्र या टिकट भी नहीं मिला है।
दरअसल, चारबाग रेलवे स्टेशन पर कुल आठ प्लेटफॉर्म हैं। इसमें प्लेटफॉर्म नंबर एक को वीआईपी प्लेटफॉर्म माना जाता है, लिहाजा जीआरपी व आरपीएफ की जांच-पड़ताल व सुरक्षा की कवायदें यहीं तक सीमित रहती हैं।
स्टॉल मालिकों ने शिकायत की कि पैदल चलने से बचने के लिए अन्य प्लेटफॉर्मों पर पेट्रोलिंग या निरीक्षण तक नहीं होता। हालांकि, सोमवीर सिंह का कहना है कि प्लेटफॉर्मों की नियमित रूप से पेट्रोलिंग होती है, इसमें कोताई नहीं बरती जाती।
दरअसल, चारबाग रेलवे स्टेशन पर कुल आठ प्लेटफॉर्म हैं। इसमें प्लेटफॉर्म नंबर एक को वीआईपी प्लेटफॉर्म माना जाता है, लिहाजा जीआरपी व आरपीएफ की जांच-पड़ताल व सुरक्षा की कवायदें यहीं तक सीमित रहती हैं।
स्टॉल मालिकों ने शिकायत की कि पैदल चलने से बचने के लिए अन्य प्लेटफॉर्मों पर पेट्रोलिंग या निरीक्षण तक नहीं होता। हालांकि, सोमवीर सिंह का कहना है कि प्लेटफॉर्मों की नियमित रूप से पेट्रोलिंग होती है, इसमें कोताई नहीं बरती जाती।