पुलिस की लापरवाही से दाऊद का गुर्गा रिहा!
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अवैध हथियार के मामले में 15 वर्षों से फरार चल रहे माफिया डॉन दाऊद इब्राहिम के शूटर तारिक परवीन उर्फ तारिक अब्दुल करीम परवीन तथा मोहम्मद उस्मान मुबारक को एडीजे रामाश्रय सिंह ने सशर्त जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया है।
बताया जा रहा है कि इस मामले में आरोपियों के खिलाफ पुलिस की लचर पैरवी की वजह से इन अपराधियों की रिहाई संभव हो पाई।
कोर्ट ने आरोपियों को एक-एक लाख रुपये की जमानत पर रिहा करते हुए कहा कि आरोपी किसी अपराधिक कार्य में लिप्त नहीं होंगे तथा सहयोग बनाए रहेंगे व गवाहों को प्रभावित नहीं करेंगे। कोर्ट ने कहा कि आरोपी कोर्ट की अनुमति के बिना देश से बाहर नहीं जायेंगे।
कोर्ट ने आरोपियों को जमानत देते हुए कहा कि इस मामले के एक अन्य आरोपी अजीजुद्दीन उर्फ अब्दुल अजीज के बयान के आधार पर तारिक व उस्मान को आरोपी बनाया गया है जबकि आरोपियों के पास से कोई बरामदगी नहीं हुई है।
पुलिस के पास कोई साक्ष्य ही नहीं
वहीं अजीजुद्दीन को इसी मामले में दोषमुक्त किया जा चुका है। कोर्ट ने आगे कहा कि पुलिस ने इस बारे में भी कोई साक्ष्य एकत्र नहीं किए जिससे पता चले कि आरोपियों के संबंध विदेशी ताकतों से हैं।
गौरतलब है 2 जून 1999 को एटीएस की टीम ने सूचना पर लक्ष्मी गेस्ट हाउस से अजीजुद्दीन व अकील को गिरफ्तार किया था और उनके कब्जे से 96 कारतूस, 3 मैगजीन व टेलीफोन डायरी बरामद की थीं। इस डायरी में देश-विदेश के नम्बर अंकित थे।
एटीएस की विवेचना केदौरान अजीजुद्दीन ने बयान देकर अपने साथियों के रूप में तारिक परवीन तथा मोहम्मद उस्मान केनाम बताये थे।
वहीं, इस जमानत आदेश केपारित होने के बाद जिला शासकीय अधिवक्ता मुन्ना सिंह का कहना था कि वह इस आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती देंगे।