एमबीबीएस में एडमिशन के लिए भटक रही है अशोक चक्र विजेता की बेटी, नहीं मिला प्रवेश
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यदि पहले ही पड़ताल कर ली जाती तो उन्हें भटकना नहीं पड़ता। आइए जानते हैं कि कौन है शहीद और क्या है पूरा मामला...। कन्नौज निवासी कांस्टेबल 13 दिसंबर 2001 में संसद पर हुए हमले में शहीद हो गई थीं। उनकी शहादत को सलाम करते हुए उन्हें अशोक चक्र प्रदान किया गया था।
उनकी बेटी श्वेता ने नीट की परीक्षा दी थी, लेकिन एडमिशन के लिए निर्धारित अंक नहीं मिल सके। इस बीच उसने वेलफेयर ऑफिस से मदद मांगी। राज्यसभा सचिवालय के एडीशनल डायरेक्टर और वेलफेयर ऑफिसर विनोद कुमार पांडेय ने केजीएमयू के कुलपति को पत्र लिखा। इसमें अशोक चक्र विजेता की बेटी को एमबीबीएस में एडमिशन देने पर विचार करने की बात कही।
जब नहीं है व्यवस्था तो क्यों जारी किया पत्र
नीट परीक्षा परिणाम के बाद डीजीएमई की काउंसलिंग के जरिए एमबीबीएस में एडमिशन होता है। कुलपति को सीधे एडमिशन करने का अधिकार नहीं है। - प्रो. एमएलबी भट्ट, कुलपति केजीएमयू