{"_id":"5fa0d21c7242d1018d38736c","slug":"daudnagar-bdc-murdered-during-morning-walk-near-puranpur-village","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"लखनऊ में बीडीसी को सपा नेता ने एसयूवी से कुचलकर मारा, पहले स्कॉर्पियो से टक्कर मारी फिर गोली मार दी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लखनऊ में बीडीसी को सपा नेता ने एसयूवी से कुचलकर मारा, पहले स्कॉर्पियो से टक्कर मारी फिर गोली मार दी
Tue, 03 Nov 2020 11:11 AM IST
प्राची प्रियम
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: प्राची प्रियम
Updated Tue, 03 Nov 2020 11:11 AM IST
विज्ञापन
मृतक बीडीसी विजय प्रकाश रावत।
- फोटो : amar ujala
मोहनलालगंज में मंगलवार सुबह दाउदनगर से क्षेत्र पंचायत सदस्य 35 वर्षीय विजय प्रताप रावत को उसके साझेदार मनोज यादव ने एसयूवी से कुचलकर मार डाला। वारदात के बाद भागने के दौरान मनोज की एसयूवी खंभे से टकराकर पलट गई। इसमें घायल मनोज को पीछे से आए उसके साथ लल्लू यादव कार से बाहर निकालकर ले भागा। उसे उपचार के लिए अवध अस्पताल में भर्ती करा दिया, जिसे बाद में पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। मनोज के हाथ में फ्रैक्चर हो गया है। विजय की पत्नी रेखा की तरफ से मनोज के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है।
डीसीपी दक्षिणी रईस अख्तर ने बताया कि मनोज व विजय पूरनपुर गांव के रहने वाले थे। मनोज सपा के अधिवक्ता संघ का जिला उपाध्यक्ष है और वह विजय के साथ साझेदारी में जमीन की खरीद-फरोख्त का काम करता था। मगर 3-4 महीने से एक जमीन के सौदे में मिली रकम के लेन-देन को लेकर दोनों में विवाद चल रहा था। इसके अलावा मनोज के विजय के परिवार की एक महिला से भी संबंध थे, इससे दोनों के संबंध तनावपूर्ण हो गए थे।
इसी रंजिश में मनोज ने विजय को रास्ते से हटाने की साजिश रची। मंगलवार सुबह करीब छह बजे विजय टहलने निकला था, तभी गांव से 200 मीटर आगे मनोज ने उसे अपनी एसयूवी से जोरदार टक्कर मार दी। विजय हवा में उछला और सड़क पर जा गिरा। मनोज उसे एसयूवी से कुचलता हुआ भाग निकला। हालांकि कुछ दूरी पर कार अनियंत्रित हो गई और एक खंभे से टकराकर पलट गई।
विज्ञापन
विज्ञापन
डीसीपी दक्षिणी रईस अख्तर ने बताया कि मनोज व विजय पूरनपुर गांव के रहने वाले थे। मनोज सपा के अधिवक्ता संघ का जिला उपाध्यक्ष है और वह विजय के साथ साझेदारी में जमीन की खरीद-फरोख्त का काम करता था। मगर 3-4 महीने से एक जमीन के सौदे में मिली रकम के लेन-देन को लेकर दोनों में विवाद चल रहा था। इसके अलावा मनोज के विजय के परिवार की एक महिला से भी संबंध थे, इससे दोनों के संबंध तनावपूर्ण हो गए थे।
विज्ञापन
इसी रंजिश में मनोज ने विजय को रास्ते से हटाने की साजिश रची। मंगलवार सुबह करीब छह बजे विजय टहलने निकला था, तभी गांव से 200 मीटर आगे मनोज ने उसे अपनी एसयूवी से जोरदार टक्कर मार दी। विजय हवा में उछला और सड़क पर जा गिरा। मनोज उसे एसयूवी से कुचलता हुआ भाग निकला। हालांकि कुछ दूरी पर कार अनियंत्रित हो गई और एक खंभे से टकराकर पलट गई।
विज्ञापन
Trending Videos
हादसा बताने पर पांच घंटे तक शव रखकर किया हंगामा व प्रदर्शन
विजय प्रताप रावत की निर्मम हत्या से परिवारीजनों व ग्रामीणों में जबरदस्त आक्रोश फैल गया। मौके पर पहुंची पुलिस ने विजय को कुचला और एसयूवी को पलटा देखकर हादसे में मौत की आशंका जताई। इससे लोग उग्र हो गए। गुस्साए लोगों ने पांच घंटे तक हंगामा व प्रदर्शन किया। पुलिस ने शव हटवाने का प्रयास किया तो टकराव की स्थिति पैदा हो गई। हालात बेकाबू होने की आशंका पर पीएसी भी बुलवा ली गई।
वहीं, डीसीपी के साथ ही एडीसीपी सुरेश चंद्र रावत, एसीपी मोहनलालगंज प्रवीण मलिक, एसीपी गोसाईंगंज डॉ. अर्चना सिंह, मोहनलालगंज कोतवाली के कार्यवाहक इंस्पेक्टर रफी आलम समेत गोसाईंगज व सुशांत गोल्फ सिटी की पुलिस टीम और फॉरेंसिक विशेषज्ञों ने घटनास्थल पहुंचकर छानबीन की। परिवारीजनों का कहना था कि जब तक आरोपी गिरफ्तार नहीं हो जाते, शव उठने नहीं दिया जाएगा। सुबह सात बजे से 11 बजे तक हंगामा और प्रदर्शन चला। पुलिस अधिकारियों ने मनोज को गिरफ्तार करने की जानकारी दी, तब जाकर शव हटाने दिया गया।
वहीं, डीसीपी के साथ ही एडीसीपी सुरेश चंद्र रावत, एसीपी मोहनलालगंज प्रवीण मलिक, एसीपी गोसाईंगंज डॉ. अर्चना सिंह, मोहनलालगंज कोतवाली के कार्यवाहक इंस्पेक्टर रफी आलम समेत गोसाईंगज व सुशांत गोल्फ सिटी की पुलिस टीम और फॉरेंसिक विशेषज्ञों ने घटनास्थल पहुंचकर छानबीन की। परिवारीजनों का कहना था कि जब तक आरोपी गिरफ्तार नहीं हो जाते, शव उठने नहीं दिया जाएगा। सुबह सात बजे से 11 बजे तक हंगामा और प्रदर्शन चला। पुलिस अधिकारियों ने मनोज को गिरफ्तार करने की जानकारी दी, तब जाकर शव हटाने दिया गया।