{"_id":"5e2bd2898ebc3e4b142c4c48","slug":"date-extended-for-linking-arms-license-with-unique-id","type":"story","status":"publish","title_hn":"29 जून तक यूनिक आईडी से नहीं जुड़े तो शस्त्र लाइसेंस होंगे निरस्त","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
29 जून तक यूनिक आईडी से नहीं जुड़े तो शस्त्र लाइसेंस होंगे निरस्त
Sat, 25 Jan 2020 11:00 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: शाहरुख खान
Updated Sat, 25 Jan 2020 11:00 AM IST
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शस्त्र लाइसेंसों का संपूर्ण रिकार्ड रखने के लिए उनको यूनीक आईडी से जोड़े जाने की अवधि को एक बार फिर बढ़ा दिया गया है। अब 29 जून तक यह कार्य पूरा किए जाने के निर्देश दिए गए हैं। इस अवधि तक जो लाइसेंस इस आईडी से नहीं जुड़े तो उन्हें अवैध घोषित कर निरस्त किए जाने केआदेश दिए गए हैं।
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इस संबंध में अधिसूचना जारी की है। इसे लेकर राज्य के गृह सचिव भगवान स्वरूप ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए हैं। केंद्र ने पिछले दिनों शस्त्र लाइसेंसों को यूनिक आईडी देने केलिए तय अवधि 29 जून 2020 तय कर दी है।
तय किया गया है कि नई व्यवस्था से जुड़ने वाले शस्त्र लाइसेंस अगर निर्धारित अवधि तक पोर्टल पर लोड नहीं हुए तो उन्हें अवैध माना जाएगा। गौर तलब है कि शस्त्र लाइसेंसों को लेकर की गई इस व्यवस्था में तय तिथि को कई बार बढ़ाया जा चुका है पर यूपी समेत कई राज्यों में अभी तक यह कार्य पूरा नहीं किया जा सका।
विज्ञापन
विज्ञापन
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इस संबंध में अधिसूचना जारी की है। इसे लेकर राज्य के गृह सचिव भगवान स्वरूप ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए हैं। केंद्र ने पिछले दिनों शस्त्र लाइसेंसों को यूनिक आईडी देने केलिए तय अवधि 29 जून 2020 तय कर दी है।
विज्ञापन
तय किया गया है कि नई व्यवस्था से जुड़ने वाले शस्त्र लाइसेंस अगर निर्धारित अवधि तक पोर्टल पर लोड नहीं हुए तो उन्हें अवैध माना जाएगा। गौर तलब है कि शस्त्र लाइसेंसों को लेकर की गई इस व्यवस्था में तय तिथि को कई बार बढ़ाया जा चुका है पर यूपी समेत कई राज्यों में अभी तक यह कार्य पूरा नहीं किया जा सका।
विज्ञापन