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दारुल उलूम ने फतवा जारी कर मुसलमानों से कहा, बीमारी छिपाकर दूसरों को नुकसान पहुंचाना हराम
Thu, 02 Apr 2020 09:27 PM IST
ishwar ashish
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Thu, 02 Apr 2020 09:27 PM IST
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मौलाना खालिद रशीद फिरंगी महली
- फोटो : amar ujala
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दारुल उलूम फरंगी महल ने गुरुवार को फतवा जारी कर कहा कि कोरोना के लक्षण दिखने पर जांच जरूर कराएं। बीमारी छिपाकर दूसरों को नुकसान पहुंचाना हराम है।
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मुस्लिम धर्मगुरू मौलाना खालिद रशीद फिरंगी महली ने कहा कि इस्लाम की हिदायत है कि खुद भी हिलाकत से बचो और दूसरों को भी बचाओ। अगर कोई कोरोना वायरस से प्रभावित है तो उसे इलाज कराना जरूरी है। ऐसा न करने पर वह खुद तबाह होने के साथ ही दूसरों की जान को भी खतरे में डालेगा।
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हदीस पाक में है कि खुद नुकसान उठाना और दूसरों को नुकसान पहुंचाना जायज नहीं है। उन्होंने कहा कि किसी को भी जान-माल का नुकसान पहुंचाना हराम है। ये एक तरह से धोखा देने के बराबर है और इस्लाम मे धोखा देना हराम है।
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मौलाना ने कहा कि कोरोना को छुपाना संगीन जुर्म है। इसका इलाज कराना शरई फ़रीजा है। खुद की या किसी दूसरे की जान को हलाकत में डालना हराम है।
फतवे में कहा गया है कि कुरान में जिक्र है कि अगर किसी ने एक इंसान की जान बचाई तो समझो तमाम इंसानों की जान बचाई। सरकार की तरफ से जो निर्देश दिए गए हैं और डॉक्टरों ने जो उपाय बताए है उन्हें मानना जरूरी है।