दलित महिलाओं ने की 'रामदेव' की पिटाई
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दलित के घर राहुल गांधी के हनीमून जैसे आपत्तिजनक बयान देने वाले बाबा रामदेव आफत में फंस गए हैं। अब दलित महिलाओं ने उनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
दलितों के घर राहुल गांधी के हनीमून संबंधी आपत्तिजनक बयान पर राजधानी की महिलाओं ने बाबा रामदेव के खिलाफ जबरदस्त गुस्सा जताया है।
उन्होंने रामदेव पर दलित उत्पीड़न एक्ट लगाकर उन्हें गिरफ्तार करने की मांग की। महिलाओं ने सोमवार को भाजपा कार्यालय के सामने रामदेव के पुतले की पिटाई भी की।
रामदेव के बयान के बाद उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती ने भी रामदेव की गिरफ्तारी की मांग की थी।
चुनाव आयोग करे कार्रवाई
अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति, एसएफआई और डीवाईएफआई ने रामदेव की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि घटिया बयान देने वाले व्यक्ति को बाबा कहना संतों का अपमान है।
एडवा की प्रदेश अध्यक्ष मधु गर्ग ने कहा कि रामदेव के खिलाफ चुनाव आयोग को भी मामले का संज्ञान लेकर कार्रवाई के लिए राज्य सरकार को कहना चाहिए।
भाजपा दफ्तर के सामने हुए प्रदर्शन में दलित महिलाओं ने रामदेव का पुतला बनाया और जूते-चप्पलों से उसकी पिटाई की। इस दौरान सामाजिक कार्यकर्ता सीमा राणा, प्रवीण सिंह, अखिल विकल्प आदि मौजूद रहे।
जिलाधिकारी को भी पत्र लिखकर रामदेव पर दर्ज मुकदमे में दलित उत्पीड़न अधिनियम के तहत धाराएं लगाने की मांग की गई।
अमेठी में कैंसिल हुआ योग शिविर
इसके पहले 16 मई तक बाबा रामदेव के लखनऊ आने पर रोक लगा दी गई है वहीं 30 अप्रैल को अमेठी में होने वाले उनके योग शिविर को भी कैंसिल कर दिया गया है।
रामदेव पर राहुल गांधी पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के आरोप में एफआईआर भी दर्ज की गई है।
रामदेव ने राहुल पर टिप्पणी करते हुए कहा था कि अगर राहुल एक दलित लड़की से शादी कर लेते तो वह प्रधानमंत्री बन जाते, उनकी किस्मत खुल जाती।
रामदेव ने यह भी कहा कि राहुल दलितों के घर हनीमून मनाने जाते हैं।
प्रशासन भी खफा
कांग्रेस उपाध्यक्ष्ा राहुल गांधी पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने पर प्रशासन ने रामदेव के लखनऊ आने पर प्रतिबंध लगाने के साथ यह नसीहत भी दी कि वह अपनी बातों में शालीनता बरतें।
रामदेव पर चुनाव आयोग के निर्देश पर लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 171 जी के तहत महानगर कोतवाली में केस दर्ज कराया गया है।
हालांकि रामदेव ने वडोदरा में अपने बयान पर खेद भी जताया लेकिन चुनाव अयोग ने कहा कि उनसे मर्यादित बर्ताव की अपेक्षा है।
रामदेव कई बार ऐसे विवादास्पद बयान दे चुके हैं।