{"_id":"653f2a3f6d433d77d80b8624","slug":"dalit-sammelan-becomes-the-challenge-for-bjp-mla-in-uttar-pradesh-2023-10-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"UP BJP: भाजपा विधायकों के लिए चुनौती बना दलित सम्मेलन, हर विधानसभा क्षेत्र से दो हजार दलित जुटाने हैं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
UP BJP: भाजपा विधायकों के लिए चुनौती बना दलित सम्मेलन, हर विधानसभा क्षेत्र से दो हजार दलित जुटाने हैं
Mon, 30 Oct 2023 09:29 AM IST
ishwar ashish
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Mon, 30 Oct 2023 09:29 AM IST
सार
दो नवंबर को लखनऊ के स्मृति उपवन में भाजपा का दलित सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। इसके माध्यम से विधायकों को अपना जनाधार भी साबित करना होगा।
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर।
- फोटो : सोशल मीडिया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
भाजपा के दलित सम्मेलन में डेढ़ लाख से अधिक अनुसूचित जाति के लोगों की भीड़ जुटाना भाजपा और पार्टी के विधायकों के लिए चुनौतीपूर्ण बन गया है। पार्टी की ओर से प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र से आने वाली भीड़ पर खास नजर रखी जाएगी। विधायकों को क्षेत्र में अपना जनाधार भी साबित करना होगा।
विज्ञापन
लोकसभा चुनाव के मद्देनजर दलित वोट बैंक को साधने के लिए पार्टी की ओर से दो नवंबर को स्मृति उपवन में दलित सम्मेलन होना है। सम्मेलन को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी सहित अनुसूचित जाति वर्ग के मंत्री और पार्टी पदाधिकारी संबोधित करेंगे।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें - भारत की यादगार जीत के बाद आतिशबाजी से जगमगा उठा इकाना स्टेडियम, विदेशों से आए थे दर्शक, PICS
विज्ञापन
ये भी पढ़ें - पूर्व बीजेपी सांसद के बेटे को नहीं मिला इलाज, स्ट्रेचर पर तड़पकर मौत, डॉक्टर बोले बेड नहीं था खाली
अवध क्षेत्र के इस सम्मेलन में प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र से दो हजार अनुसूचित जाति के लोगों को जुटाने का लक्ष्य दिया गया है। इनमें भी प्रबुद्ध वर्ग के लोगों की संख्या ज्यादा रखने के निर्देश दिए गए हैं।
अवध क्षेत्र में 82 विधानसभा क्षेत्र हैं। ऐसे में सम्मेलन में करीब 1.64 लाख से अधिक लोगों के जुटने की संभावना है। सूत्रों के मुताबिक त्योहार के सीजन में अनुसूचित जाति वर्ग के लोगों को सम्मेलन के लिए तैयार करने में परेशानी हो रही है। अवध प्रांत के पदाधिकारी ने बताया कि दो नवंबर को सम्मेलन में प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र से आने वाली भीड़ पर भी नजर रखी जाएगी। उसके बाद रिपोर्ट प्रदेश मुख्यालय को दी जाएगी।