अब इन्हें परमानेंट इंप्लाई का दर्जा देगी यूपी सरकार
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चुनावी साल में प्रदेश के निकायों, विकास प्राधिकरणों व जल संस्थानों में संविदा, दैनिक व वर्कचार्ज पर काम करने वाले कर्मचारियों को जल्द ही खुशखबरी मिलने वाली है।
राज्य सरकार इस श्रेणी के कर्मचारियों का नियमितीकरण करने जा रही है। हालांकि, सरकार के इस फैसले का लाभ 1996 से 2001 तक के कर्मियों को ही मिल पाएगा। इस अवधि में नियुक्त कर्मियों के बारे में संबंधित संस्थानों से सूची मांगी गई है। कर्मचारियों की पुरानी मांग को देखते हुए सरकार ने यह निर्णय किया है।
चूंकि कर्मचारियों के नियमितीकरण पर आने वाला आर्थिक भार संबंधित संस्थानों को ही वहन करना है, इसलिए वित्त विभाग ने नगर विकास विभाग के प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी है।
इससे पहले 1996 से 2000 तक के ही कर्मचारियों का नियमितीकरण होना था। इस आधार पर सूचना तैयार कर शासन को भेज दी गई थी। पर, बाद में सरकार के निर्देश पर यह निर्णय हुआ कि 2001 तक के कर्मचारियों का भी विनियमितीकरण कर दिया जाए। लिहाजा अब नए सिरे से प्रस्ताव बनाया जा रहा है।
मांगी गई कर्मचारियों की डिटेल
इस संबंध में स्थानीय निकाय निदेशालय ने सभी नगर आयुक्तों, अधिशासी अधिकारियों व जल संस्थानों के महाप्रबंधकों से इस श्रेणी के सभी कर्मचारियों की सूची मांगी है।
संबंधित कर्मचारियों की योग्यता, पद और रिक्तियों की संख्या की जानकारी जल्द से जल्द भेजने को कहा गया है।
स्थानीय निकाय के निदेशक राकेश कुमार मिश्रा ने कहा कि विनियमित किए जाने वाले कर्मचारियों के बारे में जानकारी मांगी गई है। 635 निकायों समेत अन्य संस्थाओं की संख्या को देखते हुए ऐसे कर्मचारियों की तादाद 3000 से अधिक हो सकती है।