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देर रात दिया बत्ती काटने का झांसा, फिर लिंक भेजकर खाता खंगाला
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राजधानी में साइबर फ्रॉड के मामलों में एफाआईआर दर्ज। (फोटो ः प्रतीकात्मक)
- फोटो : ??? ?????
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प्रचंड गर्मी में एक तरफ जहां लोग बिजली की कटौती और आवाजाही से परेशान हैं वहीं, साइबर ठगों ने इसे आपदा में अवसर बना लिया हैै।
जालसाजों ने जहां एक पीड़ित को बकाया बिल के चलते देर रात बिजली कनेक्शन काटने का डर दिखाया और लिंक भेजकर तीन बार में खाता खाली कर दिया।
वहीं, दूसरे पीड़ित की ऑनलाइन शिकायत का सहारा लेकर उससे एनीडेस्क एप डाउनलोड कराया और खाते से 20 हजार रुपये उड़ा दिए।
पीजीआई स्थित सरदार पटेल डेंटल कॉलेज के सलाहकार इंदिरानगर निवासी डॉ. हनुमान सिंह का एचडीएफसी खाता है।
उनके पास अंजान नंबर से कॉल आई थी। कॉलर ने यूपीपीसीएल कर्मी होने का दावा करते हुए कहा कि आपका बिजली बिल नहीं जमा है। इससे लाइट देर रात काट दी जाएगी।
बचना चाहते हैं तो ऑनलाइन बिल जमा कर दीजिए। इसके लिए ठग ने एक लिंक भेजकर डॉक्टर से इसे क्लिक करने को कहा।
इसके बाद उनके मोबाइल नंबर पर एक ओटीपी आया था। इसके बाद ही हनुमान सिंह के खाते से तीन बार में 92 हजार रुपये निकल गए। पीड़ित ने पीजीआई थाने में मुकदमा दर्ज कराया है।
उधर, पीजीआई इलाके की इंद्रपुरी कॉलोनी निवासी चंद्रा उपाध्याय ने बिजली नहीं आने पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद उन्हें अंजान नंबर से मेसेज भेजा गया था।
बातचीत के दौरान आरोपी ने प्रोसेसिंग शुरू करने के लिए एनीडेस्क एप डाउनलोड करते हुए दस रुपये का ट्रांजेक्शन करने के लिए कहा था।
साथ ही मोबाइल पर आया ओटीपी भी पूछ लिया। इसके बाद उनके मोबाइल पर तीन मेसेज आए थे। इनमें 1.10 लाख रुपये की ऑनलाइन शापिंग किए जाने की डिटेल थी। चंद्रा ने तत्काल डेबिट कार्ड ब्लॉक करा दिया था, लेकिन इस बीच 20 हजार रुपये का ट्रांजेक्शन हो चुका था।
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नाबार्ड प्रबंधक के खाते से उड़ाई रकम
गोमतीनगर के विवेकखंड निवासी स्नेहलता सिंह नाबार्ड में प्रबंधक हैं। उनकी तैनाती कोलकाता में है। स्नेहलता के अनुसार, छह जून की रात उनके एक्सिस बैंक खाते से 49 हजार रुपये निकाले गए थे, लेकिन मेसेज नहीं आया था। इस बीच खाते चेक करने पर स्नेहलता को ट्रांजेक्शन का पता चला। उन्होंने बैंक के कॉल सेंटर पर फोन कर कार्ड ब्लॉक कराने का प्रयास किया था, लेकिन वे सफल नहीं हो सकी थां। बैंक को ई-मेल से भी सूचना भेजी गई थी। खाते से बिना जानकारी के 49 हजार रुपये निकाले जाने के मामले में स्नेहलता ने हजरतगंज में मुकदमा दर्ज कराया है।
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जालसाजों ने जहां एक पीड़ित को बकाया बिल के चलते देर रात बिजली कनेक्शन काटने का डर दिखाया और लिंक भेजकर तीन बार में खाता खाली कर दिया।
वहीं, दूसरे पीड़ित की ऑनलाइन शिकायत का सहारा लेकर उससे एनीडेस्क एप डाउनलोड कराया और खाते से 20 हजार रुपये उड़ा दिए।
पीजीआई स्थित सरदार पटेल डेंटल कॉलेज के सलाहकार इंदिरानगर निवासी डॉ. हनुमान सिंह का एचडीएफसी खाता है।
उनके पास अंजान नंबर से कॉल आई थी। कॉलर ने यूपीपीसीएल कर्मी होने का दावा करते हुए कहा कि आपका बिजली बिल नहीं जमा है। इससे लाइट देर रात काट दी जाएगी।
बचना चाहते हैं तो ऑनलाइन बिल जमा कर दीजिए। इसके लिए ठग ने एक लिंक भेजकर डॉक्टर से इसे क्लिक करने को कहा।
इसके बाद उनके मोबाइल नंबर पर एक ओटीपी आया था। इसके बाद ही हनुमान सिंह के खाते से तीन बार में 92 हजार रुपये निकल गए। पीड़ित ने पीजीआई थाने में मुकदमा दर्ज कराया है।
उधर, पीजीआई इलाके की इंद्रपुरी कॉलोनी निवासी चंद्रा उपाध्याय ने बिजली नहीं आने पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद उन्हें अंजान नंबर से मेसेज भेजा गया था।
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बातचीत के दौरान आरोपी ने प्रोसेसिंग शुरू करने के लिए एनीडेस्क एप डाउनलोड करते हुए दस रुपये का ट्रांजेक्शन करने के लिए कहा था।
साथ ही मोबाइल पर आया ओटीपी भी पूछ लिया। इसके बाद उनके मोबाइल पर तीन मेसेज आए थे। इनमें 1.10 लाख रुपये की ऑनलाइन शापिंग किए जाने की डिटेल थी। चंद्रा ने तत्काल डेबिट कार्ड ब्लॉक करा दिया था, लेकिन इस बीच 20 हजार रुपये का ट्रांजेक्शन हो चुका था।
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नाबार्ड प्रबंधक के खाते से उड़ाई रकम
गोमतीनगर के विवेकखंड निवासी स्नेहलता सिंह नाबार्ड में प्रबंधक हैं। उनकी तैनाती कोलकाता में है। स्नेहलता के अनुसार, छह जून की रात उनके एक्सिस बैंक खाते से 49 हजार रुपये निकाले गए थे, लेकिन मेसेज नहीं आया था। इस बीच खाते चेक करने पर स्नेहलता को ट्रांजेक्शन का पता चला। उन्होंने बैंक के कॉल सेंटर पर फोन कर कार्ड ब्लॉक कराने का प्रयास किया था, लेकिन वे सफल नहीं हो सकी थां। बैंक को ई-मेल से भी सूचना भेजी गई थी। खाते से बिना जानकारी के 49 हजार रुपये निकाले जाने के मामले में स्नेहलता ने हजरतगंज में मुकदमा दर्ज कराया है।