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हादसा टला : दो जगह कटी पटरी से गुजर गईं आठ ट्रेनें

Sun, 17 Jan 2016 12:53 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Sun, 17 Jan 2016 12:53 AM IST
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Cuts found at Lucknow Raebareli railway track.

लखनऊ-रायबरेली रेलमार्ग पर मोहनलालगंज से कनकहा रेलवे स्टेशन के बीच शनिवार को उस समय बड़ा हादसा टल गया जब दो जगह आधी कटी पटरी से आठ ट्रेनें गुजर गईं। चूंकि पटरी पूरी तरह से अलग नहीं थी, इसलिए कोई हादसा नहीं हुआ।

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इस ट्रैक से इलाहाबाद-लखनऊ इंटरसिटी समेत 8 ट्रेनें और एक इंजन गुजरा। वहीं, त्रिवेणी एक्सप्रेस को रोक दिया गया।

सुबह 8:45 बजे की-मैन दीपू ने कनकहा स्टेशन से करीब 500 मीटर पहले पटरी पर दो कट देखे तो स्टेशन मास्टर प्रदीप को तत्काल सूचना दी।

आरपीएफ कमांडेंट हेमंत कुमार और डीआईजी रेंज डीके चौधरी सहित मोहनलालगंज पुलिस व एटीएस की टीम ने मौके पर पहुंचकर छानबीन शुरू की तो तीसरी जगह कट मिलने से हड़कंप मच गया।
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रेल पथ के सीनियर सेक्शन इंजीनियर राकेश तिवारी ने अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मोहनलालगंज कोतवाली में एफआईआर दर्ज कराई है।

दो फुट पर दो कट, तीसरा 100 मीटर दूर

Cuts found at Lucknow Raebareli railway track.

डीआईजी रेंज डीके चौधरी ने बताया कि एक जगह पटरी का आधे से अधिक हिस्सा कटा था जबकि दूसरा कट दो फुट दूर था। तीसरा कट करीब 100 मीटर दूर पाया गया।

इससे लगता है कि पटरी काटने में पांच-छह या इससे ज्यादा लोग शामिल रहे होंगे। पटरी को आरी से काटने की आशंका है। आरपीएफ और पुलिस ने आरी के ब्लेड व अन्य साक्ष्यों की तलाश में आसपास की झाड़ियां खंगाली लेकिन कुछ हाथ नहीं लगा।

आतंकी साजिश से इन्कार, विभागीय कर्मचारियों पर शक
डीआईजी ने इसे आतंकी या नक्सली साजिश की आशंका से इन्कार किया है। उन्होंने कहा कि यह काम शरारती तत्वों का हो सकता है। रेलवे के कर्मचारी भी इसमें शामिल हो सकते हैं। जांच के लिए आरपीएफ और पुलिस की संयुक्त टीम के साथ ही क्राइम ब्रांच को लगाया गया है।

सुबह पांच बजे पेट्रोलिंग के वक्त सब ठीक था

Cuts found at Lucknow Raebareli railway track.

कनकहा स्टेशन मास्टर प्रदीप ने बताया कि सुबह पांच बजे की पेट्रोलिंग में सब ठीक था। जिस की-मैन ने सुबह 8.45 बजे पटरी कटी होने की सूचना दी थी, उसने ही रेलवे ट्रैक ओके होने की रिपोर्ट दी थी। दोनों सूचनाओं के बीच सवा तीन घंटे का वक्त था जो पटरी काटने के लिए पर्याप्त था।

सवा तीन माह में दूसरी बार ट्रेन पलटाने की कोशिश

रायबरेली-लखनऊ रेलमार्ग के इस हिस्से पर सवा तीन महीने में दूसरी बार पटरी काटकर रेल पलटाने की कोशिश की गई है।

पिछले साल दो अक्तूबर को गौरा गांव के पास पटरी काटी गई थी। तब 350 यात्रियों के साथ प्रयाग-लखनऊ पैसेंजर वहां से गुजरी तो पटरी एक झटके से टूटकर अलग हो गई थी। पायलट ने तत्काल इमरजेंसी ब्रेक लगाकर किसी तरह हादसा टाला।

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