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Lucknow News: फर्जी वीजा बनाकर 500 बेरोजगारों से करोड़ों की ठगी

Mon, 10 Mar 2025 12:48 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ Updated Mon, 10 Mar 2025 12:48 AM IST
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Crores of rupees defrauded 500 unemployed people by making fake visas
बरगद चौराहा ​स्थित इसी इमारत की दूसरी मंजिल पर खुली थी इलाइट सर्विस कंपनी। - फोटो : संवाद
रायबरेली। विदेश भेजने के नाम पर करीब 500 बेरोजगारों का फर्जी वीजा बनाकर करोड़ों रुपये की ठगी की गई। शिकायत पर पुलिस ने रविवार को बरगद चौराहा स्थित जालसाजों की कंपनी पर छापा मारकर एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया, जबकि अन्य भाग निकले। पुलिस के मुताबिक, मुंबई का रहने वाला युवक फर्जी कंपनी चला रहा था। वह कभी कभार ही यहां आता था।
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यहां उसका पार्टनर सारा कामकाज देखता था, जो भाग निकला है। एसओजी और पुलिस टीमें कंपनी मालिक और उसके पार्टनर की गिरफ्तारी के लिए प्रयास कर रही हैं। अपर पुलिस अधीक्षक संजीव कुमार सिन्हा के मुताबिक शहर के इंदिरा नगर की हिमांशी ने शनिवार को सदर कोतवाली में एफआईआर दर्ज कराई थी कि बरगद चौराहे पर इलाइट सर्विस नाम से खुली कंपनी में उन्हें रिसेप्शनिस्ट के रूप में रखा गया था।
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उन्हें 10 हजार रुपये प्रतिमाह वेतन देने की बात कही गई थी। कंपनी के मालिक विनय कुमार ने उनका खाता बैंक ऑफ इंडिया में खुलवाया था। खाते में विनय ने अपना नंबर डलवा दिया था। साथ ही एटीएम और बैंक की पासबुक अपने पास रख ली। सलोन के पालीपुर की गुड़िया भी उनके साथ नौकरी करती थी। हिमांशी ने खाते का दुरुपयोग किए जाने और बेरोजगारों को विदेश भेजने के नाम पर फर्जी वीजा बनाए जाने की आशंका जताई थी।
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एएसपी के मुताबिक पीड़िता की तहरीर पर मुंबई के बांद्रा वेस्ट निवासी विनय कुमार, रिजवान (पता अज्ञात) और नसीराबाद के नसीम पर केस दर्ज कर आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए सदर कोतवाली प्रभारी राजेश कुमार सिंह, एसओजी प्रभारी विजेंद्र शर्मा की अगुआई में टीमें गठित की गई थीं। पुलिस टीम ने रविवार को कंपनी के दफ्तर पर छापा मारकर आरोपी नसीम को गिरफ्तार कर लिया, जबकि अन्य भाग निकले।

नसीम ने करीब 500 बेरोजगारों का फर्जी वीजा बनाकर करोड़ों की ठगी किए जाने की बात स्वीकार की है। कुल कितने की ठगी की गई, इस बारे में पता लगाया जा रहा है। विनय कंपनी का मालिक हैं और रिजवान उसका पार्टनर है। नसीम ग्राहक लाने का काम करता था और वीजा बनवाने के नाम पर रुपये वसूलता था। आरोपी के पास से 26 पासपोर्ट, फर्जी वीजा व अन्य दस्तावेज बरामद हुए हैं।


मुंबई का गिरोह यूपी के कई जिलों में सक्रिय
रायबरेली। बेरोजगारों का फर्जी वीजा बनाने वाला यह गिरोह यूपी के रायबरेली, लखनऊ, प्रतापगढ़ समेत कई जिलों में सक्रिय है। पुलिस की जांच में इस गिरोह के बारे में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। पुलिस के मुताबिक गिरोह के सदस्य न सिर्फ फर्जी वीजा बनाते थे, बल्कि शहर के निजी अस्पताल के संचालकों से सेटिंग कर फर्जी मेडिकल रिपोर्ट तक बनवाते थे। ऐसे में पुलिस फर्जी मेडिकल रिपोर्ट तैयार करने वाले निजी अस्पतालों के संचालकों के बारे में भी ब्योरा जुटा रही है।


पकड़े गए आरोपी नसीम के पास से पुलिस को विदेश की नामीगिरामी कंपनियों के फर्जी दस्तावेज और मुहर भी मिली हैं। इन दस्तावेज को दिखाकर ये बेरोजगारों को बताते थे कि किस कंपनी में कितने पद खाली हैं। पुलिस को प्रतापगढ़ में भी कंपनी के संचालित होने की लोकेशन मिली है। अब तक की जांच में इस गिरोह से जुड़े तीन लोगों के नाम ही सामने आए हैं। पुलिस का दावा है कि विवेचना के दौरान गिरोह से जुड़े अन्य आरोपियों के नाम भी सामने आएंगे।

सिंगापुर के लिए 1.10 लाख, दुबई के लिए लेते थे 60 हजार
आरोपियों ने विभिन्न देशों के लिए अलग-अलग वीजा बनाने का रेट तय रखा था। सिंगापुर के लिए 1.10 लाख, दुबई के लिए 60 हजार, सऊदी अरब के लिए 45 हजार रुपये वसूलते थे। पुलिस की जांच में इसके पुख्ता सबूत मिले हैं। नौकरी पाने की चाहत में बेरोजगार इतना खुश हो जाते थे कि उन्हें आरोपियों की जालसाजी की भनक तक नहीं लग पाती थी। पुलिस के मुताबिक अक्तूबर 2024 में बरगद चौराहे पर किराये का भवन लेकर कंपनी खोली गई थी। तब से लेकर अब तक करीब 500 लोग ठगी का शिकार हुए।


मुंबई में बैठकर हिमांशी के खाते से निकाले एक करोड़
खुद को कंपनी का मालिक बताने वाला विनय कुमार मुंबई में रहकर गिरोह का संचालन करता है। पुलिस की जांच में पता चला है कि उसने पीड़िता हिमांशी के खाते से एक करोड़ रुपये एटीएम के जरिये मुंबई में ही बैठकर निकाले। हिमांशी के खाते में 200 रुपये बचे थे, लेकिन विनय ने शनिवार को एटीएम से 100 रुपये और निकाल लिए। यदि पुलिस खाता सीज न कराती तो शेष 100 रुपये भी ठग निकाल लेता। गिरोह के सदस्य इतने शातिर हैं कि पैसा दूसरों के खाते में ही ट्रांसफर कर उसे निकाल लेते थे। ऐसा पुलिस के रडार से बचने के लिए करते हैं।
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