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आधे घंटे में आ जाओ नहीं तो...कहकर दरोगा की पत्नी ने लगाई फांसी
ब्यूरो/अमरउजाला, लखनऊ
Updated Thu, 06 Apr 2017 03:49 PM IST
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लखनऊ के सरोजनी नगर थाने में तैनात दरोगा उमाशंकर गुप्ता की पत्नी प्रेमलता (44) ने बुधवार सुबह फंदे से लटककर खुदकुशी कर ली। प्रेमलता ने सुबह करीब 11 बजे पति को फोन कर घर बुलाया था।
उसने कहा था कि आधे घंटे में आ जाओ नहीं तो मेरा मुंह नहीं देखोगे। यह सुनते ही उमाशंकर के होश उड़ गए। थाना से वह आनन-फानन घर की तरफ भागे। भीतर घुसते ही उन्हें पत्नी का शव लटका मिला।
पुलिस ने बताया कि प्रेमलता डिप्रेशन का शिकार थीं। इससे पहले भी वह एक बार खुदकुशी की कोशिश कर चुकी थीं। उमाशंकर मूलरूप से प्रतापगढ़ के हैं और यहां कृष्णानगर के आजादनगर इलाके में पत्नी व दो बेटे कृष्णा और रितेश के साथ रहते थे।
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उसने कहा था कि आधे घंटे में आ जाओ नहीं तो मेरा मुंह नहीं देखोगे। यह सुनते ही उमाशंकर के होश उड़ गए। थाना से वह आनन-फानन घर की तरफ भागे। भीतर घुसते ही उन्हें पत्नी का शव लटका मिला।
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पुलिस ने बताया कि प्रेमलता डिप्रेशन का शिकार थीं। इससे पहले भी वह एक बार खुदकुशी की कोशिश कर चुकी थीं। उमाशंकर मूलरूप से प्रतापगढ़ के हैं और यहां कृष्णानगर के आजादनगर इलाके में पत्नी व दो बेटे कृष्णा और रितेश के साथ रहते थे।
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प्रेमलता थी डिप्रेशन का शिकार
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बुधवार सुबह वह करीब सवा दस बजे वह ड्यूटी पर चले गए। बड़ा बेटा कृष्णा पतंजलि उत्पादों की एजेंसी में काम करता है जबकि छोटा बेटा रितेश सरोजनी नगर स्थित हीरालाल लॉ कॉलेज से एलएलबी कर रहा है।
वे दोनों भी अपने काम और पढ़ाई के सिलसिले में जा चुके थे। घर पर सिर्फ प्रेमलता थीं। करीब 11 बजे प्रेमलता ने पति को फोन किया। उसने कहा कि आधे घंटे में घर आ जाओ नहीं तो मेरा मुंह कभी नहीं देख पाओगे। घर पहुंचते ही दरवाजा खोलकर भीतर घुसे तो कमरे में पत्नी का शव लटकता मिला।
वे दोनों भी अपने काम और पढ़ाई के सिलसिले में जा चुके थे। घर पर सिर्फ प्रेमलता थीं। करीब 11 बजे प्रेमलता ने पति को फोन किया। उसने कहा कि आधे घंटे में घर आ जाओ नहीं तो मेरा मुंह कभी नहीं देख पाओगे। घर पहुंचते ही दरवाजा खोलकर भीतर घुसे तो कमरे में पत्नी का शव लटकता मिला।