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नहीं चुका सका सात करोड़ का कर्ज, दे दी जान

Thu, 13 Feb 2014 09:45 AM IST
अनिल त्रिपाठी/अमर उजाला, लखनऊ
अनिल त्रिपाठी/अमर उजाला, लखनऊ Updated Thu, 13 Feb 2014 09:45 AM IST
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Trader commits suicide

चिनहट के नौबस्ता कलां मोहल्ले में बुधवार दोपहर कर्ज में डूबे व्यापारी अतेंद्र कुमार वर्मा (37) ने फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। उसे बहराइच के नानपारा की बुद्धिलाल एंड संस फर्टिलाइजर कंपनी को सात करोड़ रुपये अदा करने थे।

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सूचना पर पुलिस ने व्यापारी का शव कब्जे में लेकर छानबीन शुरू की। अतेंद्र के भाई व भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष हरनाम वर्मा की मानें तो तीन दिन पहले कंपनी संचालक ने व्यापारी पर दबाव बनाकर 25 चेक साइन कराकर ले लिए थे।
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इसी के बाद से वह बहुत परेशान था। उन्होंने कंपनी संचालकों के खिलाफ अतेंद्र को आत्महत्या करने के लिए मजबूर करने का मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है। अतेंद्र कुमार वर्मा इंदिरानगर के अमराई गांव में बीज एवं दवा की दुकान चलाता था।
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भाई मधुकर ने दोपहर डेढ़ बजे सूचना दी कि अतेंद्र ने पंखे से लटक कर जान दे दी है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने मकान के फर्स्ट फ्लोर के कमरे में लटक रहा शव उतारा। शव कब्जे में लेकर पुलिस ने छानबीन शुरू की। पुलिस को जामा तलाशी में कमरे से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला।

पत्नी शैलेंद्री ने बताया कि दोपहर 12 बजे मोहल्ले में सत्संग था। उसमें शामिल होने गई थी। दोनों बच्चे स्कूल गए थे। अतेंद्र घर पर अकेले थे। इस दौरान उन्होंने यह कदम उठाया। अतेंद्र नानपारा की बुद्धिलाल एंड संस फर्टिलाइजर कंपनी से दुकान का माल लेते थे।

कंपनी का दावा है कि अतेंद्र पर कंपनी का सात करोड़ रुपये का बकाया था। कंपनी तगादा करती तो अतेंद्र टरका देते। अतेंद्र के भाई भारतीय किसान यूनियन (महेंद्र सिंह टिकैत गुट) के जिलाध्यक्ष हरनाम वर्मा के बीच-बचाव करने पर उसे किस्तों में बकाए की रकम देने को कहा गया।

उसके बाद भी अतेंद्र बकाया नहीं दे सके। वहीं, हरनाम का आरोप है कि कंपनी संचालक लगातार अतेंद्र को धमका रहे थे। तीन दिन पहले संचालक गुपचुप तरीके से असलहों से लैस होकर आए और अतेंद्र को पकड़ कर जबरन उससे हस्ताक्षर युक्त 25 चेक ले लिया।

चेक बाउंस होने के बाद कार्रवाई की आशंका से अतेंद्र सदमे में आ गया। इसके बाद उसने सभी से किनारा कर लिया था।पुलिस ने अतेंद्र के भाई की तहरीर पर नानपारा की बुद्धिलाल एंड संस फर्टिलाइजर कंपनी के संचालकों के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने का मुकदमा दर्ज कर लिया है।


10 करोड़ की थी लेनदारी

भाई हरनाम वर्मा की मानें तो अतेंद्र की यूपी के विभिन्न जनपदों के व्यापारियों से दस करोड़ रुपये की लेनदारी है। अतेंद्र कंपनी से दवा व बीज मंगाकर दूसरे जनपदों में सप्लाई करता था। अतेंद्र के कई गोदाम हैं,जहां माल रखता था।


वहां से दुकानदारों को माल सप्लाई करता था। इसके बाद व्यापारी से मिली रकम कंपनी को देता था। वह मार्केट से पैसा वसूलने के बाद रकम अदा करने के लिए कह रहा था,लेकिन कंपनी सुनने को तैयार नहीं थी। हरनाम ने बताया कि कंपनी के मालिक का बेटा विभूतिखंड के ओमेक्स अपार्टमेंट में रहता है।

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