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मां और पत्नी के इलाज को ड्राइवर ने उड़ाए थे रुपये

Sun, 13 Apr 2014 09:05 AM IST
विवेक त्रिपाठी/अमर उजाला, लखनऊ
विवेक त्रिपाठी/अमर उजाला, लखनऊ Updated Sun, 13 Apr 2014 09:05 AM IST
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Theft for mother and wife treatment

अलीगंज में एटीएम भरने के लिए लाए गए रुपये लेकर भागे प्राइवेट सिक्योरिटी कंपनी के ड्राइवर जय प्रकाश सिंह को शुक्रवार रात पुलिस ने श्याम स्वाद तिराहा से दबोच लिया। ड्राइवर ने बीमार मां और पत्नी के इलाज के लिए रुपये उड़ाए थे।

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40 लाख में से 39 लाख रुपये उसके पास से बरामद कर लिए गए हैं। एक लाख रुपये उसने अपने साले धर्मराज को दे दिए थे। पुलिस ने उसे रुपये लौटाने के लिए 24 घंटे का समय दिया है। एसएसपी ने बताया कि ड्राइवर की मां शकुंतला और पत्नी रीतू लंबे समय से बीमार हैं।
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मां को हेपेटाइटिस सी है। दोनों के इलाज के लिए जय प्रकाश ने निजी कंपनियों से चार-पांच लाख रुपये का लोन भी ले रखा है।

बीमारी और कर्ज के बोझ से निजात पाने के लिए ही उसने रुपये उड़ाने की बात कही है। एसएसपी आवास पर जुर्म का इकबाल करते हुए जय फूट-फूटकर रोया।

बताया कि इलाज के लिए और रुपयों की जरूरत थी,जिसकी व्यवस्था नहीं हो पा रही थी। मजबूरी में उसने यह रास्ता अपनाया। रुपये लेकर जय सीधे टैंपो में बैठा और सीतापुर रोड से बस पकड़ ली। सीतापुर के संदना थाना क्षेत्र में अनोगी गढ़ी स्थित अपने गांव पहुंचा ही था कि पीछे-पीछे पुलिस भी आ गई।
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अपने बारे में पूछताछ की जानकारी होने पर वह गांव के बाहर लगे ट्यूबवेल के पास बने गड्ढे में छिप गया। पुलिस के जाने के बाद गांव के आसपास छिपा रहा। इस दौरान परिचितों से पुलिस के बारे में जानकारी लेने की कोशिश करता रहा। शुक्रवार शाम गांव से लखनऊ चला आया।

सीओ अलीगंज अखिलेश नारायण सिंह के मुताबिक रुपया सुरक्षित करने के जुगाड़ में था कि पुलिस ने दबोच लिया।

उसके पास से 39 लाख रुपये मिले। एक लाख रुपये सीतापुर के धनैंचा गांव निवासी साले धर्मराज सिंह को देने की बात कही। धर्मराज को चौबीस घंटे में रुपया लौटाने के निर्देश दिए गए हैं।
 
गौरतलब है कि सोमवार शाम इंदिरानगर के सेक्टर डी स्थित निजी कंपनी आईएसडी एसबीडी सिक्योरिटी सर्विस के कैशियर आशीष चंद्र मिश्रा और अभिषेक दुबे के साथ गनर अशोक त्रिवेदी और ड्राइवर जय प्रकाश रुपये लेकर एटीएम में भरने निकले थे।

पुरनिया के आरिफ चैंबर पहुंचकर सभी कर्मचारी यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के एटीएम में रुपये भरने चले गए,जबकि कार में रखा रुपयों से भरा बक्सा ड्राइवर जय के सहारे छोड़ दिया था। ड्राइवर बक्से की कुंडी तोड़कर रुपये ले भागा।

एएसपी ट्रांस गोमती हबीबुल हसन ने बताया कि कंपनी के यूपी हेड संदीपन ने पहले बक्से में 47 लाख रुपये होने की जानकारी दी थी,लेकिन दो दिन बाद बताया कि जय 40 लाख रुपये लेकर भागा है। ड्राइवर को जेल भेज दिया गया है। पुलिस टीम को 10,000 रुपये का इनाम दिया गया है।

रुपयों ने उड़ाई नींद,मन में भरी दहशत

जय प्रकाश ने सपने में भी 40 लाख रुपये हाथ लगने के बारे में नहीं सोचा था। गांव जाकर सुनसान स्थान पर रुपये गिनने पर उसे पसीना छूट गया। इसके बाद से उसकी नींद उड़ गई। मन में दहशत बैठ गई। साथी और रिश्तेदार ही दुश्मन लगने लगे।

डर था कि रुपये के लिए कहीं कोई उसकी हत्या न कर दे। अगले दिन अखबारों में 47 लाख रुपये लेकर भागने की खबर पढ़कर होश उड़ गए। जय यह सोचकर और घबरा गया कि अगर पकड़ा गया तो बाकी के सात लाख रुपये कहां से लाएगा। साथ ही मां और पत्नी के लिए भी परेशान था।

कंपनी की लापरवाही से डिगा था ईमान

जय का ईमान आईएसडी एसबीडी सिक्योरिटी कंपनी की लापरवाही ने डिगा दिया था। उसने बताया कि कंपनी विभिन्न बैंकों के एटीएम में भरने के लिए रोज डेढ़ से दो करोड़ रुपये का मूवमेंट करती थी। तीन दिन से कंपनी की बुलेटप्रूफ कैश वैन और गनर साथ नहीं थे।

कैशियर और एक गनर कार में रखे बक्से से कैश निकालकर एक बैग में रखते और एटीएम में भरने चले जाते। इस दौरान बक्सा उसकी निगरानी में ही रहता था।

जय इस लापरवाही को कई दिन से देख रहा था। सोमवार दोपहर कंपनी ने एक करोड़ 74 लाख रुपये लेकर कैशियर और एक गनर को भेजा था।

जय प्रकाश ने बताया कि जब टीम पुरनिया पहुंची तो उसे मौका मिल गया और रुपये लेकर भाग निकला। उसने बताया कि पत्नी और मां के इलाज के चलते दोनों बच्चों की स्कूल फीस जमा करने में भी दिक्कत आने लगी थी।

कैश मूवमेंट पर आईएसडी एसबीडी सिक्योरिटी कंपनी की घोर लापरवाही पर एसएसपी ने सख्त रुख अपनाया है। कंपनी का लाइसेंस निरस्त करने की संस्तुति करते हुए एडीजी एलओ को पहले ही पत्र भेज चुके हैं।

एसएसपी ने बताया कि एडीजी एलओ ही निजी कंपनियों की लाइसेंसिंग अथॉरिटी हैं। आईएसडी एसबीडी सिक्योरिटी कंपनी की लापरवाही के बाद सूबे की सभी जनपदों के पुलिस प्रभारियों को कैश मूवमेंट करने वाली निजी कंपनियों की गतिविधियों और सुरक्षा इंतजामों की जांच के निर्देश दिए हैं।

एडीजी ने कहा है कि कोई भी लापरवाही अथवा कमी पाए जाने पर कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। आईएसडी एसबीडी सिक्योरिटी कंपनी ने कई स्तर पर लापरवाहियां की।


किराये की इंडिका कार का इस्तेमाल किया जबकि कैश मूवमेंट के लिए बुलेटप्रूफ वैन होनी चाहिए। इसमें ट्रिपल लॉक होना चाहिए। कम से कम दो गनर होने चाहिए,जबकि कंपनी एक से काम चला रही थी।

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