कब्र से शव निकालकर 900 रुपए में बेचा!
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अब तो यही कहा जा सकता है कि यूपी में कब्र में लाशें भी सुरक्षित नहीं रह गई हैं। इस घटना के बाद तो प्रशासन भी सकते में है। लखनऊ के ठाकुरगंज के गुलाला घाट के ठेकेदारों ने मासूम का शव कब्र से निकाल कर बेच डाला।
मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में सोमवार देरशाम कब्र खोदे जाने पर शव गायब मिला। पुलिस ने ठेकेदार समेत तीन के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर तहकीकात शुरू की है। मासूम का शव तांत्रिक को बेचे जाने का अंदेशा जताया जा रहा है।
एसओ ठाकुरगंज समर बहादुर यादव ने बताया कि अलीगंज के त्रिवेणीनगर निवासी सुशील पांडेय ने गुलाला घाट के ठेकेदार सुंदरलाल, रामचंद्र व छोटू पर अपनी 12 दिन की पोती का शव कब्र से गायब करने का आरोप लगाते हुए रविवार रात रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
सच्चाई का पता लगाने के लिए डीएम के आदेश पर सोमवार देर शाम कब्र खोदी गई। एसीएम-6 प्रेमप्रकाश उपाध्याय व सीओ चौक सर्वेश कुमार यादव की मौजूदगी में श्मशान के मजदूर राजेश अवस्थी उर्फ अब्दुल कलाम ने सुशील की बताई कब्र खोदी। पुराने कपड़े, पत्थर, तेल की शीशी व कुछ अन्य सामान निकला लेकिन शव गायब था। दोनों अधिकारियों ने सुशील की शिकायत सही पाते हुए कार्रवाई के आदेश दिए हैं।
मजदूर ने दिया चौंकाने वाला बयान
श्मशान में कब्र से शव गायब करने के मुकदमे की तफ्तीश कर रहे एसआई आरके राणा ने गुलाला घाट पर शवों को दफनाने व अंतिम संस्कार कराने वाले ठेकेदार व मजदूरों का ब्यौरा जुटाना शुरू किया है।
इस बीच नशे में धुत मजदूर रामचंद्र पांडेय को तीनों आरोपियों पर मासूम का शव नौ सौ रुपये में एक तांत्रिक को बेचने का आरोप लगाते देख पुलिस ने पूछताछ की, इसके साथ ही रविवार शाम से अंडरग्राउंड आरोपियों की तलाश शुरू कर दी गई है।
एसओ समर बहादुर ने बताया कि कंप्यूटर इंजीनियर कौशिक पांडेय व उनके परिवारीजन रविवार सुबह बच्ची का शव लेकर गुलाला घाट पहुंचे थे। श्मशान के मजदूर छोटू से कब्र खोदवाई।
परिवारीजनों ने शव दफनाने के बाद जानवरों से बचाने के इरादे से टाइल्स रखे और कटीली झाड़ी डालकर चले गए।
खुदी पड़ी थीं कई और कब्रें
कौशिक के पिता सुशील पांडेय अगरबत्ती जलाने के इरादे से शाम छह बजे गुलाला घाट पहुंचे। मासूम की कब्र खुदी पड़ी थी। उन्होंने छोटू को बुलाया। घाट पर मौजूद ठेकेदार रामचंद्र व सुंदर भी आ गए। सुशील से झगड़ने के साथ कब्र पाटने लगे।
इस पर सुशील ने परिवारीजनों को फोन करने के साथ पुलिस को सूचना दी। तीनों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने के साथ डीएम से कब्र खोदवाने की इजाजत मांगी गई। सुशील व उनके परिवारीजनों के साथ पुलिस की टीम भी रविवार शाम से गुलाला घाट पर मौजूद रहकर रखवाली करती रही।
दस दिन की बच्ची का शव कब्र से गायब होने का मामला तूल पकड़ने पर पुलिस टीम ने गुलाला पर गोमती किनारे दफनाए गए बच्चों की नई कब्रों पर नजर डाली। तीन कब्रें खुदी नजर आई।
लोगों ने श्मशान के ठेकेदारों पर मासूमों के शव कब्र से निकाल कर बेचने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है। सीओ चौक सर्वेश कुमार मिश्रा ने विवेचक आरके राणा को मामले की गहन पड़ताल करके सच्चाई उजागर करने के साथ दोषियों पर सख्त कार्रवाई के आदेश दिए।
चक्कर काटते रहते हैं तांत्रिक
मजिस्ट्रेट ने कराया इंतजार
कब्र से मासूम का शव गायब होने के मामले में पुलिस की रिपोर्ट पर डीएम ने शाम 6 बजे कब्र खोदने के आदेश जारी किए। इसके साथ एसओ ठाकुरगंज समर बहादुर यादव ने एसीएम-6 प्रेमप्रकाश उपाध्याय व सीओ चौक सर्वेश कुमार मिश्रा को मामले की गंभीरता बताते हुए सूचना दी और 6:15 बजे गुलाला घाट पहुंचकर तैयारी शुरू कराई।
सीओ चौक 6:40 बजे पहुंचे, जबकि एसीएम-6 के पहुंचने तक शाम के 7:17 बज चुके थे। ड्रेगन लाइट की रोशनी में राजेश अवस्थी ने 40 मिनट में कब्र खोद डालकर साबित कर दिया कि बच्ची का शव गायब है।