पत्नी के गायब होने की रिपोर्ट लिखाने पहुंचे व्यापारी को पुलिस ने बेटे के सामने लात-घूसों से पीटा
चोरी के खुलासों को लेकर कठघरे में खड़ी पीजीआई पुलिस एक बार फिर से चर्चा में है। पत्नी की गुमशुदगी दर्ज कराने के लिए एक सप्ताह से भटक रहे कपड़ा कारोबारी राजा को बृहस्पतिवार दोपहर एल्डिको चौकी इंचार्ज अरुण कुमार मिश्रा ने उसके बेटे के सामने बेरहमी से पीट दिया। दरोगा का गुस्सा इससे शांत नहीं हुआ।
उसने पीड़ित के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने का केस दर्ज करते हुए उसे हवालात में डाल दिया। खाकी की गुंडागर्दी की जानकारी पाकर मीडियाकर्मी कवरेज करने पहुंचे तो चौकी इंचार्ज ने उनसे भी अभद्रता व धक्का-मुक्की की। मामले की जानकारी पाकर एसएसपी दीपक कुमार ने राजा को मुचलके पर छुड़वाने के साथ ही दरोगा अरुण कुमार मिश्रा को चौकी से हटा दिया है।
पीड़ित राजा की तेलीबाग के एक शॉपिंग कॉम्प्लेक्स में रेडीमेड कपड़ों की दुकान है। पांच अप्रैल को आपसी झगड़े के बाद उसने पत्नी फूलजहां को थप्पड़ मार दिया था। इससे नाराज होकर वह घर से चली गई। कई बार फोन किया पर उसने कॉल रिसीव नहीं की। वह शिकायत लेकर पीजीआई थाने गया लेकिन वहां भी सुनवाई नहीं हुई। वह रोज थाने के चक्कर लगाता रहा और हर बार कोई न कोई बहाना बनाकर उसे टरका दिया जाता। बृहस्पतिवार को राजा 10 वर्षीय बेटे अहसान मोहम्मद के साथ कोतवाली पहुंचा। पुलिस ने राजा को फिर से टरकाया तो उसके सब्र का बांध टूट गया।
वह पुलिसकर्मियों पर शिकायत न सुनने और लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए हंगामा करने लगा। उस वक्त एल्डिको चौकी प्रभारी अरुण कुमार मिश्रा थाने पर ही मौजूद थे। राजा का आरोप है कि चौकी प्रभारी उसे पकड़कर इंस्पेक्टर के ऑफिस ले गए और गाली-गलौज करते हुए बेरहमी से पीटा। पीड़ित का आरोप है कि चौकी इंचार्ज ने उसकी पत्नी के बारे में भी आपत्तिजनक बातें कहीं।
मीडियाकर्मियों से भी अभद्रता व धक्का-मुक्की, फोन छीना
थाने में फरियादी की पिटाई का पता चलते ही मीडियाकर्मी वहां एकत्र हो गए और मोबाइल फोन से वीडियो बनाना शुरू किया तो चौकी प्रभारी भड़क गए। उन्होंने मीडियाकर्मियों से भी अभद्रता व धक्का-मुक्की की और उनके मोबाइल फोन छीन लिए।
आक्रोशित मीडियाकर्मियों ने एसएसपी दीपक कुमार को पुलिस के रवैए की जानकारी दी जिसके बाद कारोबारी को निजी मुचलके पर छोड़ने और दरोगा को चौकी से हटाने का आदेश दिया गया। राजा का 18 साल पहले फूलजहां से निकाह हुआ था। उसके एक बेटा व दो बेटियां हैं। पुलिस की पिटाई से उसके हाथ की एक अंगुली चोटिल हो गई है।
दरोगा का रूप देख पिता से लिपटकर रोने-चीखने लगा मासूम
दरोगा का रूप देखकर राजा का बेटा मो. अहसान सहम गया। वह पिता से लिपटकर रोने-चीखने लगा। दरोगा ने उसकी शर्ट पकड़कर खींचा और किनारे फेंक दिया। राजा बेटे को उठाने के लिए लपका तो उसे लात मार दी। इसके बाद उसे लॉकअप में बंद कर दिया गया।
पिता की बेचारगी देखकर सुबकता रहा मासूम
राजा हवालात से इंसाफ की गुहार लगाता रहा और उसका मासूम बेटा थाने के एक कोने में पिता की बेचारगी देखकर सुबकता रहा। इस दौरान थाने के किसी पुलिसकर्मी पर पिता-पुत्र की मिन्नतों का असर नहीं हुआ। करीब तीन घंटे तक थाने में चौकी प्रभारी अपनी मनमानी करते रहे और इंस्पेक्टर रविंद्र नाथ राय के कानों में जूं तक नहीं रेंगी।
मुख्यमंत्री से डीजीपी तक की नसीहतें काम नहीं आईं
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से लेकर डीजीपी ओपी सिंह तक पुलिस की छवि सुधारने के लिए भागीरथ प्रयास कर रहे हैं। हर कार्यक्रम और बैठक में वह पुलिस को अपना व्यवहार सुधारने और फरियादियों की धैर्यपूर्वक पीड़ा सुनने व आम जनता से दोस्ताना संवाद करने की नसीहत देते हैं।
हालांकि, राजधानी पुलिस पर इन नसीहतों का जरा भी असर नहीं पड़ रहा। पुलिसकर्मियों का कोई न कोई ऐसा मामला सामने आ ही जाता है जिससे सवाल उठने लगते हैं।