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ठग ने साफ कर दिया अकाउंट, पर वापस मिल गए पैसे!
विवेक त्रिपाठी/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Wed, 23 Apr 2014 08:47 AM IST
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निजी कंपनी में अफसर कमलेंद्र कुमार रावत की सक्रियता से वह ऑनलाइन ठगी का शिकार होने से बच गए।
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ठग ने खुद को रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) का अफसर बताते हुए फोन कर उनके अकाउंट की गोपनीय जानकारियां हासिल कीं और पूरा एकाउंट साफ कर दिया।
एमएसएम एलर्ट आते ही कमलेंद्र ने तत्काल बैंक से संपर्क किया जिससे उनकी रकम वापस मिल गई।
रायबरेली रोड एल्डिको उद्यान टू निवासी कमलेंद्र को रविवार सुबह करीब नौ बजे किसी ने 9934578561 नंबर से फोन कर खुद को आरबीआई का अफसर बताया।
फोन करने वाले ने कमलेंद्र से उनके अकाउंट संबंधी कुछ जानकारियां मांगी। बकौल कमलेश,उन्होंने संडे को आरबीआई बंद होने की बात कहते हुए उसे फटकारा और फोन काट दिया।
इसके कुछ देर बाद ही उनके एक्सिस बैंक स्थित एकाउंट से रुपये दूसरे अकाउंट में ट्रांसफर होने के एसएमएस आने लगे।
कमलेंद्र ने ट्रांजेक्शन रुकवाने के लिए तत्काल बैंक की हेल्पलाइन को फोन किया। इसके बाद भी पैसे का ट्रांजेक्शन रुका नहीं।
कमलेंद्र ने बताया कि मात्र सवा घंटे में ही अकाउंट से 75 हजार रुपये निकाल लिए गए। सोमवार को कमलेंद्र बैंक की शाखा पहुंच ट्रांजेक्शन पर प्रतिबंध न लगाने की बात कही।
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बैंक के मैनेजर ने बताया कि उनकी शिकायत दर्ज करके तत्काल कार्रवाई के लिए भेज दी गई थी।
इसके बाद कमलेंद्र ने हजरतगंज कोतवाली में अज्ञात मोबाइल नंबर धारक के खिलाफ धोखाधड़ी और आईटी एक्ट की धारा में एफआईआर दर्ज कराई।
मामले की जानकारी पाकर पुलिस और बैंक ने उनकी रकम वापस करा दी है। कमलेंद्र ने बताया कि मंगलवार रात तक 59 हजार रुपये उनके अकाउंट में वापस आ गए थे।
साइबर सेल के प्रभारी इंस्पेक्टर सुरेश चंद मालवीय ने बताया कि अकाउंट से रुपयों का ट्रांसफर पेमेंट गेटवे सिस्टम से होता है।
यानि अकाउंट से रकम निकलने के बाद ट्रांजेक्शन पेमेंट गेटवे जाता है। वहां से इसे दूसरे अकाउंट में भेजा जाता है। बैंक अलग-अलग तरह के गेटवे सिस्टम इस्तेमाल कर रहे हैं।
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उन्होंने कहा कि अगर कमलेंद्र इतनी सजगता व तत्परता न दिखाते तो रुपया वापस मिलना मुश्किल होता।a