लखनऊ गैंगरेप: अब गवाह 'सेट' कर रही पुलिस
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पंचनामा में गवाहों से जबरन साइन कराने के खुलासे के बाद मोहनलालगंज कांड में पुलिस की मुसीबतें और बढ़ गई हैं।
गवाहों को मैनेज करने के लिए पुलिस शुक्रवार सुबह से ही कवायद में जुट गई। इसके अलावा पुलिस की एक टीम शाम को गांधी प्रतिमा पर धरना दे रहे परिवारीजनों से भी मिली।
मोहनलालगंज कांड में अब तक पोस्टमार्टम रिपोर्ट को लेकर कठघरे में खड़ी राजधानी पुलिस पंचनामा में भी फंस गई है।
पंचनामा के गवाहों से बातचीत कर ‘अमर उजाला’ ने शुक्रवार के अंक में पुलिस के फर्जीवाड़े की बखिया उधेड़ी थी।
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पुलिस सूत्रों ने बताया कि इस खुलासे से आला अफसर गंभीर हैं। एक अफसर ने मोहनलालगंज पुलिस को गवाहों से बातचीत कर उन्हें समझाने के निर्देश दिए।
गवाहों से मिली पुलिस
सूत्रों ने बताया कि पुलिस ने शुक्रवार दोपहर सभी गवाहों से संपर्क कर उन्हें समझाया।
शाम को पुलिस की एक टीम ने गांधी प्रतिमा जाकर धरना दे रहे परिवारीजनों से भी मुलाकात की। पीड़ित परिवार के लोगों ने मीडिया से क्या बातचीत की?
परिवार को समर्थन देने कौन-कौन से राजनीतिक दल और सामाजिक संस्थाओं के लोग आए? इसकी पूरी रिपोर्ट आला अफसरों को दी जाती रही।
क्या कहना है मृतका की बेटी का
पोस्टमार्टम और पंचनामा में पुलिस की लापरवाही के एक के बाद एक खुलासों से मोहनलालगंज कांड में मृतका के परिवारीजनों का पुलिस की जांच से भरोसा उठ गया है।
शुक्रवार को मृतका की बेटी-बेटे सहित ससुराल और मायके पक्ष के लोग देवरिया से राजधानी पहुंचे। उन्होंने कहा कि पुलिस की थ्योरी काल्पनिक है।
गांधी प्रतिमा पर धरना देते हुए परिवारीजनों ने कहा कि रामसेवक अकेला पुरी वारदात को अंजाम नहीं दे सकता। पुलिस खुलासा करे कि रामसेवक के साथ और कौन-कौन इस जघन्य कांड में शामिल है।
मृतका की 13 वर्षीय बेटी ने भी कहा कि पुलिस की जांच से भरोसा उठ गया है इसलिए प्रदेश सरकार को केस सीबीआई को सौंप देना चाहिए।