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मेट्रो में नौकरी के नाम पर किया फर्जीवाड़ा, 39 लाख ठगे

Sun, 22 May 2016 04:13 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Sun, 22 May 2016 04:13 PM IST
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Fraud of 39 lakh on the name of job.
- फोटो : demo pic

सरोजनीनगर में लखनऊ मेट्रो रेल कॉरपोरेशन और माध्यमिक शिक्षा परिषद में नौकरी के नाम पर 39 लाख रुपये ठगने वाले कंप्यूटर सेंटर के संचालक एलडीए कॉलोनी के सेक्टर ई निवासी विशाल आनंद गिहार, सेक्टर ई के अरशद अली और बाराबंकी देवा रोड के अभयनगर निवासी आशुतोष बाजपेयी को शुक्रवार शाम एसटीएफ ने दबोच लिया।

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कंप्यूटर सेंटर का मालिक एलडीए कॉलोनी निवासी आदित्य दीक्षित मौके से भाग निकला। पकड़े गए शातिरों के पास लखनऊ मेट्रो के पांच और माध्यमिक शिक्षा परिषद के नौ फर्जी नियुक्ति पत्र, कई सरकारी व निजी विभागों में नियुक्ति पत्र का प्रोफार्मा और सात मोबाइल फोन बरामद हुए हैं।
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एसटीएफ के एएसपी डॉ. अरविंद चतुर्वेदी ने बताया कि आगरा के सिकंदरा स्थित आवास विकास कॉलोनी निवासी कोचिंग संचालक संजीव कुमार सैनी ने नौकरी के नाम पर ठगी का आरोप लगाते हुए शुक्रवार को सरोजनीनगर थाना में एफआईआर दर्ज कराई थी।
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संजीव के मुताबिक, सेक्टर एफ स्थित पराग बूथ के पास एडवांस प्रोफेशनल स्टडी नाम से कंप्यूटर सेंटर चलाने वाले आदित्य दीक्षित ने दिसंबर वर्ष 2014 में लखनऊ मेट्रो के विभिन्न पदों पर नौकरी के लिए उसके मोबाइल फोन पर संपर्क किया था।

दो-दो लाख रुपये देकर थमा दिया फर्जी नियुक्ति पत्र

Fraud of 39 lakh on the name of job.
ठगी का आरोपी अरशद - फोटो : amar ujala

आदित्य ने कोचिंग के पार्टनर अमित सिंह के अलावा अर्जुन, उदयवीर और रेखा शर्मा सहित कई परिचितों को इस बारे में जानकारी दी। संजीव के साथ पांच अन्य लोगों ने कंप्यूटर सेंटर आकर आदित्य से मुलाकात की। यहां उसने खुद को नियुक्ति की एजेंसी बताते हुए सबसे शैक्षिक प्रमाणपत्र जमा कराए। नौकरी के लिए सभी छह आवेदकों से दो-दो लाख रुपये वसूलकर फर्जी नियुक्ति पत्र दे दिए।

कई महीने बाद भी नौकरी नहीं मिली तो आवेदकों ने दबाव बनाना शुरू कर दिया। इस पर आदित्य ने कहा कि लखनऊ मेट्रो का मामला कुछ दिन के लिए टल गया है लेकिन माध्यमिक शिक्षा परिषद में असिस्टेंट क्लर्क के पदों पर भर्ती होने जा रही है। इन पदों पर वह नियुक्ति करा सकता है लेकिन पांच लाख रुपये लगेंगे। संजीव व उसके साथ आए पांचों व्यक्ति तैयार हो गए।

इन सभी से तीन-तीन लाख रुपये और लिए गए। संजीव फिरोजाबाद के तीन अन्य लोगों को लेकर आया जिनसे तीन-तीन लाख रुपये वसूलकर फर्जी नियुक्ति पत्र थमा दिए गए।

फर्जीवाड़े का खुलासा होने पर आवेदकों ने अपनी रकम वापस मांगी तो आदित्य व उसके साथियों ने गाली-गलौज करके भगा दिया। एफआईआर दर्ज होने के बाद एसटीएफ ने सभी को एलडीए कॉलोनी से ही पकड़ लिया।

इंदिराभवन में कराए इंटरव्यू, लोकबंधु में मेडिकल परीक्षण

Fraud of 39 lakh on the name of job.
आरोपी विशाल - फोटो : amar ujala

सरोजनीनगर थाना के उपनिरीक्षक संतोष कुमार सिंह ने बताया कि ठग आदित्य ने विशाल आनंद को परिषद का अधिकारी बताते हुए अभ्यर्थियों का इंटरव्यू कराया।

इसके बाद सभी को इंदिराभवन स्थित माध्यमिक शिक्षा परिषद के कार्यालय बुलाया। यहां एक महिला अधिकारी को सचिव बताते हुए मुलाकात कराई। इसके बाद विशाल आनंद ने खुद परिषद का अधिकारी बनकर सबका इंटरव्यू लिया।

सभी युवकों को शाम साढ़े चार से पांच बजे के आसपास बुलाया जाता था जिस वक्त अधिकांश कमरे खाली पड़े होते थे। मेडिकल परीक्षण कराने के नाम पर सभी को लोकबंधु अस्पताल ले जाया गया। यहां पहुंचते ही सबको एक पर्ची थमाते हुए मेडिकल परीक्षण पूरा होने की बात कही गई।

ठगों ने कार्पोरेशन से नंबर लेकर की ठगी

Fraud of 39 lakh on the name of job.
आरोपी आशुतोष - फोटो : amar ujala

कोचिंग संचालक संजीव ने बताया कि वर्ष 2014 में लॉन्च नेशनल स्किल डॅवलपमेंट कॉरपोरेशन के स्टार स्किल प्रोग्राम में उसका ब्यौरा पड़ा हुआ है।

ठगों ने कॉरपोरेशन के पोर्टल से ही उसका मोबाइल नंबर लेकर कॉल की थी। कंप्यूटर सेंटर आकर ठगों से मिलने के बाद संजीव को उनकी बातों पर यकीन हो गया और वह अन्य साथियों को भी वहां ले गया।

कंप्यूटर सेंटर पर ही बनते थे फर्जी नियुक्ति पत्र
फर्जी नियुक्ति पत्र कंप्यूटर सेंटर पर ही बनते थे। एसटीएफ के उपनिरीक्षक हेमंत सिंह और विनय सिंह ने बताया कि अरशद ही फर्जी नियुक्ति पत्र बनाता था।

वह अपनी हैंडराइटिंग में नियुक्ति पत्र भरता और फर्जी तरीके से बनाई गई विभागों की मुहर लगाता। अभ्यर्थियों से रुपये वसूलने का काम आदित्य करता था। पुलिस उसके बैंक अकाउंट खंगाल रही है।

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