इन 11 वारदातों से यूपी की राजधानी बनी 'क्राइम कैपिटल'
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राजधानी के अमनचैन को ग्रहण लग गया है। अपराधियों ने 12 दिन पहले ही राजधानी का चार्ज लेने वाले एसएसपी राजेश पांडेय को भी संभलने का मौका नहीं दिया। खुलेआम गोलियां तड़तड़ाकर बदमाशों ने दहशत कायम कर दी है। कोई रंजिश निपटा रहा है तो कोई सरेआम गुंडई दिखा रहा है।
बेखौफ बदमाश ताबड़तोड़ वारदातें कर कानून व्यवस्था को चुनौती दे रहे हैं और पुलिस किसी भी सनसनीखेज कांड का खुलासा नहीं कर पा रही है।
11 दिन में बदमाशों ने दो महिलाओं और दो प्रॉपर्टी डीलरों सहित 11 लोगों को मौत के घाट उतार दिया। जिसमें पुलिस सिर्फ चार का ही खुलासा कर सकी है। पुलिस की टीमें एक वारदात की पड़ताल में जुटती हैं तब तक दूसरा दुस्साहसिक कांड हो जाता है।
चुनौतीपूर्ण वारदातों का सिरा तक नहीं तलाश सकी पुलिस
11 दिन में हुई चुनौतीपूर्ण वारदातों का पुलिस सिरा तक नहीं तलाश सकी है। सरोजनीनगर में कैश वैन पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाकर लूटपाट करने वाले कौन थे? यह अब तक पता नहीं चल सका है।
चिनहट में प्रॉपर्टी डीलर विशाल यादव उर्फ बुंदी को गोलियों से भूनने वाले विमल, कमल और समर सिंह नामजद किए गए, लेकिन इन्हें अब तक पकड़ा नहीं जा सका है। कृष्णानगर में प्रॉपर्टी डीलर राजबहादुर सिंह की गोली मारकर हत्या करने वालों का भी कोई सुराग नहीं है।
जमीन पर कब्जे को लेकर दिनदहाड़े 60 राउंड फायरिंग
आलमबाग में जमीन पर कब्जे को लेकर दिनदहाड़े 60 राउंड फायरिंग करने वाले दबंगों में कुछ ही पकड़े जा सके हैं। अलीगंज में बोरे में मिले युवती के निर्वस्त्र शव और पीजीआई में जंगल में मारी गई युवती की पहचान भी नहीं हो सकी है। मोहनलालगंज के जंगल में मिली युवक की लाश की शिनाख्त तक नहीं हो सकी है।
चोरों-डकैतों का भी नहीं कोई सुराग
चिनहट में रिटायर्ड डिप्टी कमिश्नर के घर पर धावा बोलकर एक करोड़ का माल लूटने वाले डकैतों और गाजीपुर के सर्वोदयनगर में फरजाना, विभूतिखंड के विभवखंड निवासी टाटा मोटर्स के अफसर हिमांशु गिहोत्रा तथा बहुखंडी मंत्री आवास में रहने वाले सपा नेता रिजवान बरकाती का सामान चोरी करने वालों का भी कुछ पता नहीं चल सका है।
अपनों और करीबियों के मामले ही खुले
पुलिस को सिर्फ उन्हीं मामलों में सफलता मिली है जिसमें करीबी या परिवार के लोग ही शामिल थे। पीजीआई में अयोध्या प्रसाद की हत्या में बेटे विजय को पकड़ा गया तो बाजारखाला में मासूम बिलाल को मारने वाले पड़ोसी गिरफ्तार किए गए।
इसी तरह मानकनगर में ऑटो चालक रिंकू यादव की हत्या में पुलिस ने उसके ही साले और दो दोस्तों को पकड़ा। निशातगंज में मोबाइल चोरी के आरोप में गगन को मारपीटकर फंदे से लटकाने के आरोपी कपड़ा दुकानदार संतोष कुमार श्रीवास्तव को पकड़ा गया।
इस पर एसएसपी राजेश पांडेय का कहना है कि हत्या की वारदातें रंजिश, लेनदेन के विवाद या कारोबारी प्रतिस्पर्धा के चलते हुई हैं। जबकि कैश वैन लूट और रिटायर्ड डिप्टी कमिश्नर के घर पर डकैती प्रोफेशनल गैंग ने की है। पुलिस टीमें काम कर रही हैं। जल्द नतीजे सामने आएंगे।
बीते 11 दिन में हुईं वारदातें
17 जून : मानकनगर की कनौसी रेलवे कॉलोनी में ऑटो चालक रिंकू यादव की कुल्हाड़ी मारकर हत्या।
18 जून : चिनहट के कंचनपुर मटियारी में बर्थडे पार्टी में प्रॉपर्टी डीलर विशाल यादव उर्फ बुंदी को गोलियों से भूना। कृष्णानगर के अलीनगर सुनहरा निवासी प्रॉपर्टी डीलर राजबहादुर सिंह की रुस्तमपुर में गोली मारकर हत्या।
19 जून : बाजारखाला के भवानीगंज में स्कूल वैन संचालक आफाक के इकलौते बेटे बिलाल की हत्या।
21 जून : पीजीआई के रानीखेड़ा गांव निवासी अयोध्या प्रसाद को बेटे ने चाकू से गोदकर मार डाला। मड़ियांव के केशवनगर में इंजीनियर शैलेश तिवारी उर्फ टिंकू की कार में हत्या।
22 जून : सरोजनीनगर के न्यू गुढ़ौरा में शहीद पथ की सर्विस लेन पर कैश वैन पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर कस्टोडियन की हत्या कर लाखों लूटे। आलमबाग में जमीन कब्जाने को लेकर खुलेआम फायरिंग।
25 जून : अलीगंज में केंद्रीय विद्यालय के पीछे बोरे में मिला युवती का शव।
26 जून : निशातगंज में मोबाइल चोरी के आरोप में किशोर की हत्या। मोहनलालगंज के जंगलों में हत्या कर फेंका युवक का शव।
27 जून : पीजीआई में जंगल में युवती की हत्या। चिनहट में रिटायर्ड डिप्टी कमिश्नर को बंधक बनाकर एक करोड़ की डकैती।