9797 नंबर की गुत्थी में उलझती जा रही पुलिस
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चारबाग स्टेशन से यात्री के अपहरण के प्रयास में इस्तेमाल टाटा सफारी यूपी 42 पी 9797 की गुत्थी उलझती जा रही है।
दरअसल, वारदात के कुछ समय बाद स्टेशन के सामने यूपी 42 आर 9797 नंबर की गाड़ी लावारिस मिली। पड़ताल शुरू होने के बाद से इस नंबर की गाड़ियों का अजब खेल सामने आता जा रहा है।
एक ही चेसिस, इंजन नंबर व रजिस्ट्रेशन नंबर की गाड़ियों में एक सफारी तो दूसरी ऑडी कार है। साथ ही कई सफेदपोशों से तार जुड़ते जा रहे हैं।
इंस्पेक्टर जीआरपी त्रिपुरारी पांडेय के मुताबिक, टाटा सफारी यूपी 42 पी 9797 से 12 अक्तूबर को चारबाग जंक्शन पहुंचे चार बदमाशों ने बस्ती निवासी सुनील को अगवा करने का प्रयास किया था।
मौके से फैजाबाद के हिस्ट्रीशीटर सुमित शर्मा को दबोचा गया। जीआरपी ने वारदात में इस्तेमाल गाड़ी की तलाश शुरू करने के साथ प्रमोद से फोन पर संपर्क किया। पता चला कि गाड़ी सर्विस के लिए भेजी थी।
शहर के तीनों शोरूम पर तहकीकात में गाड़ी की सर्विस की पुष्टि नहीं हुई। इस बीच यूपी 42 आर 9797 नंबर की टाटा सफारी स्टेशन के पास लावारिस मिली। इससे जीआरपी का माथा ठनका।
आरटीओ ऑफिस फैजाबाद से पता चला कि यूपी 42 पी 9797 (इंजन नंबर केक्यूजेडजे-14878 व चेसिस नंबर एमएटी- 030669 एनके 10464) ऑडी है, जो बीकापुर के दिनेश सिंह के नाम पंजीकृत है।
टाटा मोटर्स शोरूम से पता चला कि उसी इंजन व चेसिस नंबर की दिनेश सिंह की सफारी है। इसका रजिस्ट्रेशन नंबर यूपी 42 आर 9797 बताया गया। एक ही इंजन व चेसिस नंबर की अलग-अलग गाड़ियों ने गुत्थी उलझा दी।
इस बीच खुलासा हुआ कि यूपी 42 आर 9797 नंबर की टाटा सफारी रामसनेही घाट थाने में बंद है, जो धर्मेंद्र सिंह के नाम से पंजीकृत है।
अपहरण के मुकदमे में नए पेंच निकलते देख जीआरपी की टीम यूपी 42 आर 9797 के असली मालिक की जानकारी के लिए मंगलवार को फैजाबाद आरटीओ ऑफिस में संपर्क करेगी।
इसके साथ तीन आरोपियों का पता लगाने के लिए प्रमोद कुमार सिंह से पूछताछ की जाएगी। इंस्पेक्टर का कहना है कि प्रमोद ने फोन पर गलत बयान दिया था।
बसपा नेता के काफिले में 9797 नंबर की गाड़ियां
जीआरपी की तहकीकात में पता चला कि 9797 नंबर की गाड़ियां फैजाबाद के एक बसपा नेता के काफिले में चलती थी। जीआरपी पड़ताल में जुटी है। इस बीच बसपा एमएलसी मनोज सिंह व लोकसभा प्रत्याशी जितेंद्र सिंह बबलू ने
जानकारी दी कि प्रमोद सिंह की 9797 नंबर की गाड़ियां अरसा पहले उनके काफिले में चलती थी। मतभेद होने पर प्रमोद व उसके परिवार से नाता तोड़ लिया था।
उनका कहना है कि साजिश के तहत चारबाग क्षेत्र में यूपी 42 आर 9797 नंबर की गाड़ी लावारिस खड़ी की गई।
जबकि वारदात में इस्तेमाल यूपी 42 पी 9797 लेकर आरोपी भाग निकले थे। जीआरपी का ध्यान उनकी तरफ खींचने का कुचक्र किया जा रहा है।