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वाह री पुलिस! जुए की रकम भी नहीं छोड़ी
संजय त्रिपाठी/अमल उजाला, लखनऊ
Updated Sun, 06 Apr 2014 09:14 AM IST
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दो मुखबिरों को साथ लेकर तीन सिपाहियों ने शुक्रवार दोपहर विकासनगर के गांव बटहा में जुआघर पर छापा मारा।
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खुद को एसओजी की टीम बताकर सिपाहियों ने पिस्टल तानी। आठ जुआरियों को दीवार की तरफ मुंह करके खड़ा कराया। फड़ पर पड़े 40 हजार रुपये बटोरे।
मुखबिरों ने जुआरियों की तलाशी लेकर नगदी और मोबाइल उड़ाए। माल बटोरने के बाद तीनों सिपाही भाग निकले,जबकि सोनू नामक मुखबिर को जुआरियों ने पकड़ लिया।
मौके पर पहुंची विकासनगर पुलिस ने सोनू व उसे पकड़ने वाले व्यक्ति का शांतिभंग में चालान करके मामला रफादफा करने की कोशिश की।
पूछताछ में हजरतगंज कोतवाली में तैनात कांस्टेबल नीरज यादव व पुलिस लाइन में तैनात सशस्त्र पुलिस के कांस्टेबल पंकज कुमार का नाम सामने आया।
पेच फंसते देख नीरज ने एक अफसर के माध्यम से मामला रफादफा कराने के प्रयास किए। इंस्पेक्टर हजरतगंज और एसओ विकासनगर ने चुप्पी साध ली।
मीडिया से मामले की जानकारी पर एसएसपी की कड़ी फटकार के बाद एसओ विकासनगर ने जांच रिपोर्ट भेजी।
इलाके में जुआघर के संचालन व जुआरियों के खिलाफ मामला दर्ज नहीं किया और न ही फर्जी एसओजी द्वारा लूटपाट की रिपोर्ट लिखी। दोनों सिपाहियों को निलंबित करने की कार्रवाई चल रही है।
जुआ खेलने और जुआरियों को लूटने के मामले में लीपापोती को लेकर सवाल उठते देख एएसपी ट्रांसगोमती हबीबुल हसन ने एसओ विकासनगर से पूछताछ की।
उन्होंने मामले की जांच रिपोर्ट एसएसपी को भेजे जाने की बात कही। इस पर एएसपी ने मुकदमा दर्ज न किए जाने को लेकर जवाब तलब किया।