रिटायर्ड डिप्टी कमिश्नर के के बंधक बना एक करोड़ की लूट
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लखनऊ के चिनहट के प्रेमबाग कॉलोनी में खाद्य एवं रसद विभाग से रिटायर्ड डिप्टी कमिश्नर राम पलट पांडेय के घर पर शुक्रवार की देर रात दस डकैतों ने धावा बोल दिया। तमंचे-चाकू और सरिया लेकर आये डकैतों ने पहले घर के चौकीदार को पीटा। हाथ-पांव बांधकर उसे उसकी ही कोठरी में कैद किया।
डकैत सरिया से मुख्य दरवाजे की कुंडी तोड़कर घर के भीतर घुस गये। डकैतों ने राम पलट पांडेय, उनकी पत्नी सूर्यपती, बेटी अनु उर्फ अपर्णा मिश्रा, नाती अनय मिश्रा और मोना मिश्रा को असलहे के दम पर बंधक बना लिया। चद्दर की किनारी फाड़कर उनके भी हाथ, पैर और मुंह बांधे।
घर की आलमारियां, लॉकर तोड़कर 20 लाख 20 हजार रुपये नकद, दो सौ यूएस डॉलर लगभग 70 लाख रुपये के जेवरात, विदेशी रिवॉल्वर व कुछ अन्य कीमती सामान बटोर लिये। लगभग दो घंटे तक लूट-पाट करने के बाद बदमाश सीढ़ी के सहारे बाउंड्री फांदकर भाग निकले।
डकैतों के जाने के बाद रामपलट पांडेय व उनकी बेटी ने किसी तरह से एक-दूसरे के हाथों की रस्सी खोली। फिर उन्होंने अपने पड़ोसी राज कुमार मिश्रा को घटना की जानकारी दी। उन्होंने चिनहट पुलिस को सूचना दिया। लगभग एक करोड़ रुपये की डकैती की सूचना मिलते ही हड़कंप मच गया।
मौके पर डीआईजी रेंज आरके चतुर्वेदी, एसएसपी राजेश पांडेय, एएसपी ट्रांसगोमती मनीराम यादव, सीओ गोमतीनगर सत्यसेन यादव भी मौके पर पहुंचे। डॉग स्कवॉड, फिंगर प्रिंट एक्सपर्ट की मदद से कई घंटे तक जांच-पड़ताल में जुटे रहे। चौकीदार समेत पूरे परिवारवालों के बयान दर्ज किये गये। पुलिस की टीमों ने आस-पास की गलियों में जाकर भी पूछताछ की लेकिन कोई महत्वपूर्ण सुराग हाथ नहीं लग सका है।
बारी-बारी सबके हाथ-पैर बांधे, मुंह में कपड़ा ठूंसा
राम पलट पांडेय के मुताबिक, रात लगभग डेढ़ बजे अचानक उन्हें अपने कमरे में कुछ लोगों के मौजूद होने की आहट मिली। इससे पहले कि राम पलट बेड से उतर पाते छह डकैतों ने उन्हें चारों तरफ से घेर लिया। इनमें से चार के हाथ में तमंचे थे, एक के पास चाकू और बदमाश की हाथ में लोहे की सरिया थी।
डकैतों ने उनके माथे पर तमंचा सटाते हुये गोली मारने की धमकी दी। आवाज सुनकर उनके बगल में लेटीं उनकी पत्नी, नाती अनय व मोना की भी नींद खुल गई। सभी अपने सामने नकाबपोश बदमाशों को देखकर चौंक गये।
इसी दौरान दूसरे कमरे में सो रही उनकी बेटी अपर्णा भी उसी कमरे में आ गई। बदमाशों ने सभी को बंधक बना लिया। चद्दर की किनारी फाड़कर रस्सी बनाई और बारी-बारी सभी के हाथ-पैर बांध दिये। राम पलट को छोड़कर अन्य सभी के मुंह में भी कपड़ा बांध दिया।
‘नाती का अपहरण कर लेंगे तो दो करोड़ दोगे’
डकैतों ने राम पलट से पूछा कैश कहां रखा है। इस पर राम पलट ने बदमाशों को बताया कि वह कल ही घर खर्च के लिये 20 हजार रुपये निकालकर लाये थे, जो आलमारी में रखे हैं। इस पर बदमाशों ने उनसे कहा कि साहब!
पैसा कहां रखा है बता दो। अभी तो नहीं बता रहे हो लेकिन तुम्हारे नाती का अपहरण कर ले जाएंगे तो बड़े आराम से दो करोड़ रुपये दे जाओगे। फिर एक बदमाश ने उनकी पत्नी के गले पर चाकू सटा दिया। दूसरे ने कहा कि देर लगी तो पूरे परिवार को गोली मार देंगे। फिर राम पलट डर गये उन्होंने लॉकर में जेवरात व नकदी होने की बात कही।
पुलिस की उम्मीदों पर फिरा पानी, घर में मिले मोबाइल
इसके बाद बदमाश ने बारी-बारी उनके घर के सभी कमरों, आलमारी, बक्से, लॉकर खंगाले। लॉकर में सोने के कड़े, हार सेट, कई चेन समेत लगभग 70 लाख रुपये के जेवरात रखे थे।
इसके अलावा 20 लाख रुपये कैश था, जिसे राम पलट ने अपने स्कूल आचार्य पब्लिक स्कूल के निर्माण के लिये रखा था। राम पलट ने बताया कि लॉकर में उनकी बेटी, पत्नी व मां के सभी जेवर रखे हुये थे।
डकैतों ने राम पलट पांडेय व उनके पूरे परिवार को बंधक बनाने के बाद उन लोगों के पांच मोबाइल फोन अपने कब्जे में ले लिये। उन्होंने सभी मोबाइल सेट की बैटरी व सिम कार्ड निकालकर फेंक दिये थे।
पुलिस जब जांच-पड़ताल करने पहुंची तो पता चला कि मोबाइल तो डकैतों के पास हैं। इसके बाद पुलिस अधिकारियों की उम्मीदें बढ़ गईं।
उन्होंने तत्काल सर्विलांस के जरिये मोबाइल की लोकेशन ट्रेस करने के निर्देश दिये। सर्विलांस सेल ने सभी नंबरों को सर्विलांस पर लगाया तो पता चला कि इनमें से एक एप्पल आईफोन की लोकेशन राम पलट पांडेय के घर में दिख रही है।
घर का बिखरा सामान समेटते समय और साफ सफाई करते समय उनके मोबाइल सेट बेड के नीचे पड़े मिले गये। करीब ही दो टैबलेट भी वहीं मिल गये। बदमाश अपने साथ कोई भी ऐसी वस्तु नहीं ले गये, जिससे पुलिस उन तक पहुंच सके। उन्होंने खुद भी मोबाइल फोन का इस्तेमाल नहीं किया था। इससे सर्विलांस के जरिये बदमाशों का सुराग मिलने की उम्मीद भी ठप पड़ गई।
हाईटेक थे डाकू, लैपटॉप की बैटरी तक निकालकर फेंकी
राम पलट पांडेय ने बताया कि डकैतों को इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स के बारे में तकनीकी रूप से भी काफी अच्छी जानकारी थी। उन्होंने उनके मोबाइल की बैटरी तो निकाली। इसके अलावा उनके लैपटॉप की बैटरी तक निकालकर फेंक दिया।
इसके बाद वह सीसीटीवी कैमरों के डिजिटल वीडियो रिकॉर्डर तलाशना शुरू कर दिया। जब उन्हें डीवीआर ड्राइंग रूम की आलमारी में रखा दिखा तो डकैत समझ गये कि घर के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे महज खिलौने की तरह हैं। इसके बाद भी उन्होंने सीसीटीवी कैमरों की वायरिंग काट डाली।
भोजपुरी में बात कर रहे थे बदमाश
मूल रूप से सुल्तानपुर के जामू कस्बा निवासी व अप्रैल 2009 में मुजफ्फरनगर से डिप्टी कमिश्नर फूड के पद से रिटायर राम पलट ने बताया कि बदमाश आपस में और उनसे भी भोजपुरी में बात कर रहे थे। आपस में वह लोग खास तरह के इशारे भी कर रहे थे।
पुलिस की लापरवाही बनी मुसीबत
सभी बदमाशों की उम्र 25 से 30 वर्ष के बीच की ही थी। किसी ने चेहरे पर रुमाल तो किसी ने गमछा लपेट रखा था। सभी बदमाश पढ़े लिखे और मध्यम परिवार के लड़के लग रहे थे। तीन बदमाशों ने बरमूडा व टी-शर्ट, एक ने लाल गमछा व हाफ शर्ट, एक ने फुल पैंट-शर्ट पहन रखा था। सभी बदमाश नंगे पैर थे।
चिनहट में डकैती की सनसनीखेज वारदात के बाद पुलिस की लापरवाही भी सामने आई है। अधिकारियों को मोहल्ले के लोगों ने बताया कि चिनहट कोतवाली घटनास्थल से 100 मीटर भी दूर नहीं है।
इसके बावजूद कभी भी पुलिस कर्मी वहां गश्त नहीं करते हैं। चिनहट व आसपास के क्षेत्र में लगातार चोरी-डकैती की घटनाओं से लोगों में पुलिस के खिलाफ आक्रोश है। वहीं, राम पलट की लापरवाही भी उजागर हुई।
उन्होंने अपने घर पर सीसीटीवी कैमरे, डोर अलार्म तो लगवा रहे थे लेकिन डीवीआर कनेक्ट नहीं था। अगर सीसीटीवी कैमरे चल रहे होते तो पुलिस को काफी सुराग मिल सकते थे।