पूर्व एमएलसी के बेटे ने तीन करोड़ के विवाद में पार्टनर के सिर में मारी गोली, हालत गंभीर
पूर्व एमएलसी व शराब कारोबारी जयप्रकाश जायसवाल के बेटे आशुतोष ने तीन करोड़ के लेन-देन के विवाद में अपने पार्टनर टाइल्स कारोबारी दुर्गेश तिवारी को लाइसेंसी पिस्टल से गोली मार दी। घटना विभूतिखंड थाने के पास की है। गोली दुर्गेश के सिर में लगी। वहीं दुर्गेश के साथी गौतम रावत को भी उसने गोली मारी। गनीमत रही कि रावत बच गया। दुर्गेश को ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया, जहां उसकी हालत नाजुक बनी हुई है। गोली मारकर भाग रहे आशुतोष को दुर्गेश के साथियों ने दबोच लिया। जबकि एसयूवी लेकर भाग रहे उसके चालक संतराम को पुलिस ने घेराबंदी कर दबोचा।
सीओ गोमतीनगर दीपक कुमार सिंह ने बताया कि गोमतीनगर विस्तार के यमुना अपार्टमेंट निवासी दुर्गेश तिवारी शाम चार बजे अपने नए पार्टनर गौतम रावत, दोस्त शुभम व अन्य लोगों के साथ थाने के पास स्थित अपने टाइल्स शोरूम पर बैठा था। इस बीच पुराना पार्टनर शराब कारोबारी आशुतोष जायसवाल चालक संतराम के साथ एसयूवी से शोरूम पर पहुंचा।
आशुतोष ने अपनी साझीदारी में तीन साल पहले खोले टाइल्स शोरूम में लगे तीन करोड़ रुपये का हिसाब करने को कहा। इसे लेकर दोनों के बीच झगड़ा होने लगा। बात बढ़ने पर आशुतोष ने लाइसेंसी पिस्टल निकाली और दुर्गेश के सिर को निशाना बनाकर फायर कर दिया। गौतम रावत पर भी गोली चलाई और पिस्टल लहराते हुए भागने लगा। गौतम व शुभम ने अन्य लोगों की मदद से उसे धर दबोचा।
सिपाही ने एसयूवी के पीछे दौड़ाई जीप और चालक को पकड़ा
आशुतोष को पिस्टल लहराते हुए भागते देख एक राहगीर ने चंद कदम दूर स्थित विभूति खंड थाने में सूचना दी। आननफानन पर मौके पर पहुंची पुलिस ने आशुतोष को गिरफ्त में लेने के साथ पिस्टल कब्जे में ली, जबकि कांस्टेबल दिनेश यादव ने एसयूवी के पीछे पुलिस की जीप दौड़ा दी। हुसड़िया चौराहा पर ओवरटेक करके एसयूवी रोकी। पुलिसकर्मियों ने संतराम को गिरफ्तार कर लिया।
सिर में फंसी गोली...ले जाया गया ट्रॉमा
दुर्गेश को लोहिया अस्पताल ले जाया गया। जहां डॉक्टरों ने सिर में बुलेट फंसी होने की बात कहते हुए उसे ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया।
किसी ओर की साझेदारी में कारोबार करने से था नाराज
इंस्पेक्टर सत्येंद्र कुमार राय के मुताबिक, आशुतोष मूल रूप से देवरिया के सदर का रहने वाला है। आशुतोष के पिता जयप्रकाश जायसवाल पूर्व एमएलसी और मां कृष्णा देवी देवरिया की जिला पंचायत अध्यक्ष रही हैं। आशुतोष का आजमगढ़ में शराब का कारोबार है। वह गोमतीनगर विस्तार के अलकनंदा अपार्टमेंट में रह रहा था, उसकी सोनू घाट देवरिया के रहने वाले दुर्गेश तिवारी से दोस्ती थी।
दुर्गेश परिवार समेत दिल्ली के पंजाबी बाग में रहकर टाइल्स कारोबार करता था। वर्ष 2015 में दुर्गेश ने आशुतोष की साझेदारी में गोमतीनगर के विराज खंड में टाइल्स शोरूम खोला और गोमतीनगर विस्तार स्थित यमुना अपार्टमेंट में रहने लगा। आशुतोष ने कुबूला कि नोटबंदी के बाद टाइल्स कारोबार लड़खड़ाया और जीएसटी के बाद से स्थिति और बिगड़ने लगी। इस बीच दुर्गेश ने गोमतीनगर के गौतम रावत की साझेदारी में विभूति खंड थाने से 50 मीटर दूरी पर टाइल्स शोरूम खोल लिया। इसकी भनक लगने पर आशुतोष की दुर्गेश से झड़प हुई।
उसने शोरूम का माल नए शोरूम में ले जाकर बेचने का आरोप लगाते हुए हिसाब साफ करने और तीन करोड़ रुपये की मांग की। वह शनिवार शाम 4:45 बजे दुर्गेश के नए शोरूम पर पहुंचा। रकम के तगादे के साथ झगड़ा शुरू किया। शोरूम में मौजूद गौतम रावत से भी नोकझोंक हुई। इस बीच उसने दुर्गेश के सिर पर गोली मार दी। उसके खून से लथपथ होकर गिरते ही गौतम ने मदद के लिए शोर मचाया। आशुतोष ने उस पर भी गोली चला दी।
तीन महीने पहले हुई पिता की मौत
हमलावर बोला, पिता से कोई नाता नहीं
हत्थे चढ़े आशुतोष जायसवाल ने कहा कि कांग्रेस से पूर्व एमएलसी व विधानसभा प्रत्याशी रहे पिता जयप्रकाश जायसवाल के दूसरी शादी करने के बाद मां कृष्णा ने उनसे दूरी बना ली थी। खुद आशुतोष ने भी वर्ष 2013 में पिता से नाता तोड़ लिया था। आजमगढ़ में शराब व्यवसाय में मोटी कमाई के साथ उसने दुर्गेश की साझेदारी में टाइल्स कारोबार शुरू किया था।
सिपाही की मुस्तैदी पर इनाम
दुर्गेश को गोली मारकर भागते वक्त शराब व्यवसायी आशुतोष जायसवाल के पकड़ा गया और चालक संतराम एसयूवी लेकर भाग निकला। थाने की टीम लेकर मौके पर पहुंचे कांस्टेबल चालक दिनेश यादव ने एसयूवी लेकर एक आरोपी के भाग निकलने की बात सुनते ही हुसड़िया की तरफ तेजरफ्तार से जीप दौड़ाई और चौराहे पर एसयूवी को ओवरटेक करके रोक लिया। सीओ गोमती नगर दीपक कुमार सिंह ने कांस्टेबल दिनेश की मुस्तैदी की सराहना के साथ उसे पुरस्कृत किया।