सपने में भी नहीं सोचा होगा भागकर लव मैरिज करने का ये भयंकर अंजाम, मां की लाश मिली पिता गायब
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सुल्तानपुर जिले के कुड़वार थाना क्षेत्र में ऑनर किलिंग का सनसनीखेज मामला सामने आया है। लव मैरिज से नाराज युवती के परिवारीजनों ने युवक के मां-बाप को समझौता करने के बहाने बुलाकर बेरहमी से पीटा। इसके बाद महिला को मृत समझकर उसे मालगाड़ी की बोगी में छिपा दिया, जबकि उसके पति को कहीं अन्यत्र ले जाकर फेंक दिया।
दंपती के अपहरण का मुकदमा दर्ज कर तफ्तीश में जुटी पुलिस ने जीआरपी द्वारा सोशल मीडिया पर वायरल की गई महिला की फोटो से शिनाख्त की तो अपहरण और हत्या की गुत्थी सुलझती चली गई। पुलिस हत्या में शामिल दो आरोपियों को हिरासत में लेकर महिला के पति के शव की खोजबीन में जुटी है। मामला स्थानीय थाना क्षेत्र के सरैया पूरे बिसेन (पूरे घुप्पा) गांव से जुड़ा है।
कुड़वार थाना क्षेत्र के सरैया पूरे बिसेन (पूरे घुप्पा) निवासी सुनील पांडेय का बेटा रिंकू उर्फ अश्वनी गांव के ही काशी प्रसाद पांडेय की पुत्री प्रतिमा से प्रेम करता था। बीते 15 मार्च को दोनों ने घर से भागकर लव मैरिज कर ली थी। पुलिस ने काशी प्रसाद की तहरीर पर रिंकू के खिलाफ केस दर्ज कर 15 अप्रैल को प्रतिमा को ढूंढ निकाला था।
पुलिस ने प्रतिमा को कोर्ट में पेश किया, जहां उसने खुद को बालिग बताते हुए रिंकू के साथ जाने की बात कही थी। कोर्ट के आदेश पर 28 अप्रैल को दोनों को साथ रहने के लिए छोड़ दिया गया था। इस पर रिंकू और प्रतिमा दिल्ली चले गए।
मारकर मालगाड़ी में छिपा दिया
बेटी के प्रेमी संग भागकर लव मैरिज करने से काशी प्रसाद व उसका परिवार नाराज था। 29 अप्रैल को काशी प्रसाद ने रिंकू के पिता सुनील पांडेय और मां मंजू (42) को सुलह-समझौता के लिए घर के पास बुलाया था। जहां पहुंचने पर मंजू व सुनील की बेरहमी से पिटाई की गई। दोनों को मरा समझकर काशी प्रसाद आदि ने शव छिपाने के लिए मालगाड़ी का सहारा लिया।
मंजू को घायल अवस्था में सुल्तानपुर स्टेशन के पास यार्ड में खड़ी मालगाड़ी की बोगी में डाल दिया गया, जबकि सुनील को कहीं और ले जाकर फेंक दिया गया। 30 अप्रैल को मंजू के पिता राजमणि पाठक निवासी सोहगौली थाना कुड़वार ने बेटी और दामाद सुनील के अपहरण की कुड़वार थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। इसमें काशी प्रसाद पांडेय, अनूप, दीपू, आशीष और पवन को नामजद किया था।
पुलिस विवेचना कर रही थी। इस बीच 30 अप्रैल को भोर में जीआरपी सुल्तानपुर ने मालगाड़ी की बोगी में घायल अवस्था में पड़ी मिली महिला को जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। जहां एक घंटे बाद ही उसकी मौत हो गई थी। जीआरपी ने महिला की शिनाख्त के लिए उसकी फोटो सोशल मीडिया पर वायरल की थी।
मंगलवार सुबह थानाध्यक्ष कुड़वार नंदकुमार तिवारी ने उक्त वायरल फोटो राजमणि को दिखाई तो उन्होंने शव की शिनाख्त अपनी बेटी मंजू के रूप में की। शव की शिनाख्त होते ही थानाध्यक्ष पुलिस टीम के साथ काशी प्रसाद के घर पहुंचे तो वहां ताला लगा था। पुलिस को यकीन हो गया कि मंजू के साथ ही सुनील पांडेय की भी हत्या हो चुकी है।
ये कहना है प्रशासन का
पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी थी कि बुधवार को घटना में शामिल दो आरोपी हत्थे चढ़ गए। पुलिस दोनों आरोपियों को लेकर सुनील पांडेय के शव की तलाश में जुटी है।
थानाध्यक्ष नंदकुमार तिवारी ने बताया कि दंपती को अगवा करने के बाद बेरहमी से पीटा गया था। मंजू को गंभीर हालत में जीआरपी ने जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। जहां उसकी मौत के बाद शिनाख्त हो गई। जबकि सुनील पांडेय की तलाश की जा रही है। एसओ ने कहा कि, बेटी के भागकर लव मैरिज करने के चलते काशी प्रसाद आदि नाराज थे। इसी के चलते रिंकू उर्फ अश्वनी के पिता सुनील पांडेय और मां मंजू से रंजिश रखते थे। पुलिस का दावा है कि, सुनील की भी हत्या हो चुकी है।