कफ सिरप कांड : बर्खास्त सिपाही आलोक और अमित सिंह टाटा के जेल में दर्ज होंगे बयान, एसटीएफ ने ली अनुमति
फेन्सेडिल कफ सिरप तस्करी केस में बर्खास्त सिपाही आलोक और अमित सिंह टाटा के बयान जेल में ही दर्ज किए जाएंगे, जिसके लिए एसटीएफ को कोर्ट से अनुमति मिल गई है। एसटीएफ फरार आरोपियों नरवे और अभिषेक शर्मा की तलाश में कई जिलों और नेपाल बॉर्डर तक छापेमारी कर रही है।
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लखनऊ में कोडिनयुक्त फेन्सेडिल कफ सिरप की तस्करी के मामले में गिरफ्तार किए गए बर्खास्त सिपाही आलोक सिंह और उसके साथी अमित सिंह टाटा के जेल में बयान दर्ज होंगे। एसटीएफ ने कोर्ट में आरोपियों से पूछताछ के लिए अर्जी दी थी। कोर्ट ने एसटीएफ की अर्जी मंजूर कर ली है। माना जा रहा है कि शनिवार को एसटीएफ दोनों आरोपियों से पूरे गिरोह के बारे में पूछताछ करेगी।
एसटीएफ का कहना है कि इस मामले में आरोपी विकास सिंह नरवे की तलाश में एसटीएफ ने शनिवार को भी संभावित ठिकानों पर दबिश दी। हालांकि, आरोपी का सुराग नहीं लग सका। उधर, एसटीएफ अभी तक आलोक और अमित की संपत्तियों का पता नहीं लगा सकी है। काफिले के साथ घुमने वाले दोनों आरोपियों की लग्जरी गाड़ियां भी अब नजर नहीं आ रही है। एसटीएफ के एक अधिकारी का कहना है कि कोर्ट में दोनों को पुलिस कस्टडी रिमांड पर लेने की अर्जी दी जाएगी।
इसके बाद दोनों के करीबियों के बारे में पता लगाया जाएगा। आरोपियों से मामले से जुड़े अहम दस्तावेज भी बरामद करने हैं। एसटीएफ दोनों के बैंक खाते भी खंगाल रही है। आरोपियों ने किस बैंक में और कहां-कहां खाते खुलवाए थे, इसके बारे में भी पता लगाया जा रहा है। जेल में एसटीएफ दोनों का आमना सामना भी करा सकती है।
आरोपियों के बयान के आधार पर केस में अन्य लाेगों के नाम भी बढ़ाए जाएंगे। एसटीएफ विवेचना में प्रकाश में आए अभिषेक शर्मा की भी तलाश कर रही है। सर्विलांस की मदद से आरोपी की लोकेशन का पता लगाया जा रहा है। एसटीएफ ने नरवे और अभिषेक की तलाश में वाराणसी, जौनपुर, मिर्जापुर, दिल्ली और नेपाल बाॅर्डर पर छापा मारा है।