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मायावती के शासनकाल में बने इको गार्डन से बेशकीमती मूर्तियां चोरी
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Sun, 10 Sep 2017 11:14 AM IST
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इको गार्डन लखनऊ
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आलमबाग में पुरानी जेल रोड पर स्थित इको गार्डन से सात बेशकीमती तांबे की सात मूर्तियां चोरी हो गईं। वारदात के तीन दिन बाद कर्मचारियों ने थाने में तहरीर दी।
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इस पर पुलिस ने जांच कर केस दर्ज कर लिया। मालूम हो कि यह इको गार्डन का निर्माण बसपा सरकार के दौरान कराया गया था।
इंस्पेक्टर आलमबाग आशुतोष त्रिपाठी ने बताया कि इको गार्डन के सुपरवाइजर राम पूजन तिवारी के मुताबिक, वह 28 अगस्त की रात ड्यूटी कर घर चले गए।
दूसरे दिन सुबह नौ बजे पहुंचे तो पार्क के जोन पांच में मूर्ति नंबर 53 (बतख), मूर्ति नंबर 55 (खरगोश), मूर्ति नंबर 191 (हिरन का बच्चा), मूर्ति नंबर 161 (खरगोश) नहीं था।
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मूर्ति स्थल पर उसे उखाड़ कर ले जाने के साक्ष्य मौजूद थे। इसकी जानकारी विभाग के उच्चाधिकारियों को दी गई। एक सितंबर को दोबारा जोन पांच से ही मूर्ति नंबर 37, 38 व 41 (छोटी बतख) गायब थीं। सभी मूर्तियां तांबे की थीं।
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इसके बाद इको गार्डन प्रबंधक अपर्णा सरकार के मौखिक निर्देश पर आलमबाग थाने पर तहरीर दी। जांच के बाद पुलिस ने केस दर्ज कर लिया। कर्मचारियों के मुताबिक, चोरी गई मूर्तियों की कीमत करीब 15 से 20 लाख रुपये है।
दोबारा चोरी हुई तो अधिकारी जागे
इंस्पेक्टर के मुताबिक, इको गार्डन में जब दूसरी बार चोरी हुई तो अधिकारियों की आंखें खुली। वारदात में सुरक्षा में तैनात कर्मचारी भी शामिल हो सकते हैं। क्योंकि मुख्य द्वार हमेशा बंद रहता है। बाउंड्रीवॉल इतनी ऊंची है कि कोई आसानी से फांद नहीं सकता है। इसका संदेह विभाग के अधिकारी भी जता रहे हैं।
सुरक्षाकर्मियों व कर्मचारियों से होगी पूछताछ
इंस्पेक्टर ने बताया कि पार्क में दिन व रात दोनों शिफ्ट में सुरक्षाकर्मी तैनात रहते हैं। ऐसे में मूर्तियों के चोरी होना आसान नहीं है। टीम ने मौका मुआयना किया है। दोनों दिन पार्क में तैनात सुरक्षाकर्मियों और कर्मचारियों से पूछताछ की जाएगी।