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क्या आपकी किस्मत जया प्रदा जैसी है? आजमाइए

Fri, 29 May 2015 12:23 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Fri, 29 May 2015 12:23 PM IST
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Corruption in RTO office.

राजधानी में अगर आपको नियम से लर्निंग डीएल (ड्राइविंग लाइसेंस) बनवाना है तो आरटीओ में सुबह से शाम तक धक्के खाना तय है, वरना आपकी किस्मत जयाप्रदा जैसी होनी जरूरी है।

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अगर आप धक्के नहीं खा सकते और जयाप्रदा जैसी किस्मत भी नहीं तो आरटीओ के गेट के बाद मौजूद के दलालों की शरण में जाइए। वहां 60 रुपये की फीस का दस गुना चुकाकर लर्निंग डीएल बनवाएं।
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यह खेल कानपुर के ट्रांसपोर्टनगर स्थित संभागीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) के मुख्य एंट्री गेट से पुलिस चौकी के सामने तक खुलेआम चल रहा है। इसका खुलासा तब हुआ जब ‘अमर उजाला’ के रिपोर्टर ने आवेदक बनकर लर्निंग डीएल बनवाने के लिए दलालों से बातचीत की।
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रिपोर्टर ने सबसे पहले लाखी नाम के दलाल से लर्निंग डीएल बनवाने के लिए बातचीत शुरू की। लाखी ने तीन फोटो, मतदाता पहचान पत्र, उम्र एवं निवास पत्र होने पर एक घंटे में प्रक्रिया पूरी करने का वायदा किया।

हर काम का रेट फिक्स

Corruption in RTO office.

लाखी ने कहा कि अभी (बृहस्पतिवार) आवेदन कर दीजिए 20 दिन में लर्निंग डीएल डाक के जरिये घर पहुंच जाएगा। इसके लिए 600 रुपये चुकाने होंगे। आवेदक ने सवाल किया 600 रुपये की फीस कितनी जमा होगी तो जवाब मिला कि 60 रुपये।

इसी लर्निंग डीएल को 30 दिन बाद परमानेंट कराएंगे तो 1800 रुपये खर्च करने पड़ेंगे, लेकिन इस शर्त के साथ कि ट्रॉयल टेस्ट खुद पास करना होगा। ट्रॉयल टेस्ट खुद नहीं देना चाहते तो उसके 1000 रुपये अलग से लगेंगे। यह ट्रायल टेस्ट आपकी जगह एक्सपर्ट पास करेगा।

एक हाथ पैसा दो, दूसरे हाथ डीएल लो
लर्निंग डीएल बनवाने के रेट का मोलभाव करने के लिए रिपोर्ट ने दूसरे दलाल मनीष के काउंटर पर पहुंचकर बातचीत शुरू की। तो मनीष ने धड़ल्ले से जवाब दिया कि यहां का खुला खेल फर्रुखाबादी है।

एक हाथ से पैसे दीजिए और चंद समय में लर्निंग डीएल बनवाकर घर जाएं। मनीष ने कहा लर्निंग और परमानेंट डीएल बनवाने के ऊपर से पैसे वसूलते हैं उसमें से आरटीओ में भी देते हैं।

नकली सर्टिफिकेट पाएं मात्र एक हजार रुपये में

Corruption in RTO office.

आरटीओ के दलाल पहचान पत्र सहित कोई भी सर्टिफिकेट न हो तो तब भी लर्निंग डीएल बनवा देते हैं। बशर्ते नकली सर्टिफिकेट  के एक हजार रुपए अलग से लगते हैं।

बकौल दलाल जन्म एवं स्थायी सर्टिफिकेट भी नहीं तो कोई टेंशन नहीं बस अलग से एक हजार रुपए में यह सर्टिफिकेट तैयार हो जाते हैं। आरटीओ में सबसे सांठगांठ है इसलिए झटपट काम हो जाता है।

परमानेंट डीएल बाइक--1800
ट्रॉयल न देने के--1000
परमानेंट डीएल बाइक, कार--2800

यह है नियम

Corruption in RTO office.

- लर्निंग डीएल की दोपहर 2:30 बजे जमा होती फीस
- फीस चुकाने वाले आवेदकों का शाम 6:30 तक बायोमीट्रिक टेस्ट
- टेस्ट के 15 से 20 दिन में आवेदक के घर रजिस्ट्री से डीएल पहुंचे

मामले पर संभागीय परिवहन अधिकारी सगीर अहमद अंसारी का कहना है कि आरटीओ के सामने सड़क पर अतिक्रमण करके दलालों ने दुकानें सजा रखी उन पर पुलिस को कार्रवाई करनी चाहिए। यह दलाल पुलिस के संरक्षण में डटे जो परिवहन अफसरों के नाम पर आवेदकों से अवैध वसूली करते हैं।

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