डॉक्टर कहें मरीज सीरियस है तो हो जाएं सतर्क
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राजधानी में प्राइवेट अस्पताल इलाज के नाम पर मोटी रकम वसूलकर मरीजों की जान से खिलवाड़ कर रहे हैं।
वहीं, स्वास्थ्य विभाग हाथ पर हाथ धरे बैठा है। टायफायड के मरीज की हालत नाजुक बताकर आईसीयू में भर्ती किया गया।
मनमाना इलाज और जांच की गई। मरीज की हालत बिगड़ी तो डॉक्टरों ने दूसरे अस्पताल जाने की सलाह दे दी।
मरीज ने इलाज के कागजात मांगे तो उसे अस्पताल से भगा दिया। पीड़ित ने मामले की शिकायत सीएमओ और एसएसपी से की है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
हालत बिगड़ने पर भगाया
रहीमाबाद निवासी सरोज यादव ने टायफायड की समस्या के बाद अपनी पत्नी रीना (35) को तीन फरवरी को बुद्धेश्वर के लालाबाग स्थित कमला देवी अस्पताल में दिखाया था।
जहां डॉक्टरों ने हालत नाजुक बताकर दस हजार रुपये जमाकर मरीज को आईसीयू में भर्ती कर लिया। दूसरे दिन हालत बिगड़ने पर डॉक्टरों ने दूसरे अस्पताल जाने को कहा।
सरोज ने इलाज के कागजात व जांच रिपोर्ट मांगी तो डॉक्टरों ने देने से मना कर दिया। इस पर उसकी अस्पताल कर्मचारियों से नोकझोंक हो गई।
इसके बाद डॉक्टरों ने पुलिस बुलाकर मरीज और उसके पति को अस्पताल से बाहर निकाल दिया। घरवालों ने मामले की शिकायत 5 फरवरी को सीएमओ से की, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।