लखनऊ: रिकवरी दोगुनी, पर संक्रमण चौतरफा, संक्रमितों का दिल्ली और मुंबई कनेक्शन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गोमती नगर से संक्रमण मिलने की शुरुआत हुई थी। इसके बाद खुर्रमनगर, महानगर में मरीज मिले। सदर में सर्वाधिक मरीज मिलने के बाद ऐशबाग और फिर बिरहाना, नक्खास चपेट में आया। मई तक तो ज्यादातर मरीज दो-तीन इलाके के ही थे, लेकिन जून में आरपीएफ -जीआरपी, पीएसी, डायल 112, बैंककर्मी, बीमा कंपनी कर्मचारी के साथ जानकीपुरम, राजाजीपुरम, एलडीए कॉलोनी, आलमबाग, चिनहट, गोमतीनगर के कई इलाके व गोमतीनगर विस्तार, ठाकुरगंज, मड़ियांव, नीलमाथा, नलखेड़ा, विकासनगर, मलिहाबाद, मोहनलालगंज आदि में भी लगातार मरीज मिले।
इससे स्पष्ट है कि संक्रमण चौतरफा फैला। हालांकि, अभी तक शहर सामुदायिक संक्रमण से बचा है। एसीएमओ डॉ. केपी त्रिपाठी का कहना है कि आसपास के जिलों से दो से तीन गुना सैंपल लिए गए। ऐसे में यहां मरीजों की संख्या बढ़ना स्वाभाविक है। रिपीट सर्वे का काम भी पूरा किया जा चुका है। वहीं, आसपास के जिलों से लगातार मरीज मिलते रहे हैं। अब भी यहां अन्य जिलों के 76 मरीज भर्ती हैं।
इस माह 324 मरीज हुए डिस्चार्ज
कांटेक्ट ट्रेसिंग टीम की मानें तो मरीजों में कई ऐसे हैं जो या तो खुद सप्ताह भर में दिल्ली से लौटे या उनके परिवार में कोई आया। मुंबई से लौटने वाले परिवार के भी कुछ लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। इनका डाटा से सामने आया कि दिल्ली, मुंबई से लौटने वाले युवाओं में भले ही लक्षण दिखे हों, लेकिन उनके परिवार में हाई रिस्क श्रेणी के व्यक्ति में चार से छह दिन बाद लक्षण मिले हैं।
वहीं, जून में पॉजिटिव मरीजों के ठीक होने की गति भी बढ़ी है। जिनमें लक्षण थे, उनकी रिपोर्ट आठ से 10 दिन में निगेटिव आ गई। पहले यह औसत 14 से 18 दिन था। इस माह 324 मरीज डिस्चार्ज हुए हैं। इस तरह रोजाना ठीक होने का औसत 12 है। मई में यह औसत छह से सात मरीज था।
बिना लक्षण वाले मरीजों के ठीक होने की गति बढ़ी है। गंभीर मरीज भी घर लौट रहे हैं। लॉकडाउन खुलने के बाद आवागमन बढ़ने से विभिन्न इलाकों में मरीज मिल रहे हैं। कांटेक्ट ट्रेसिंग और सैंपल कलेक्शन टीम की सक्रियता से वायरस कंट्रोल में है। - डॉ. नरेंद्र अग्रवाल, सीएमओ