कोरोना की पीक नजदीक: लहर के ज्यादा घातक होने के आसार नहीं, मरीजों को नहीं पड़ रही ऑक्सीजन की जरूरत
यूपी में कोरोना संक्रमण बढ़ने की गति धीमी हुई है। वहीं, ठीक होने वाले मरीजों का ग्राफ बढ़ा है। चिकित्सा विशेषज्ञों का कहना है कि तीसरी लहर के अब ज्यादा घातक होने के आसार नहीं हैं।
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जनवरी के आखिरी या फरवरी के पहले हफ्ते में कोरोना संक्रमण की पीक आने की संभावनाओं के बीच जो ट्रेंड सामने आया है, उससे इसके और जल्द आने का अनुमान लगाया जा रहा है। पहले तो संक्रमण काफी तेजी से बढ़ा, फिर धीरे-धीरे इसमें स्थिरता आ गई है। वहीं, ठीक होने वाले मरीजों की संख्या भी काफी तेजी से बढ़ी है। यही नहीं, अस्पतालों में भर्ती मरीजों को ऑक्सीजन की जरूरत न के बराबर पड़ी। चिकित्सा विशेषज्ञ इसे सुखद संदेश मान रहे हैं। उनके अनुसार या तो पीक आ चुका है या इसी हफ्ते आ सकता है। वे उम्मीद कर रहे हैं कि जल्द ही यह लहर कमजोर पड़ जाएगी।
दिसंबर में शुरू हुई कोविड की तीसरी लहर चुनावी रैलियां शुरू होते ही जनवरी के पहले सप्ताह में तेज गति से चली। 20 दिसंबर को सक्रिय केस 200 के पार हो गए। इस दिन संक्रमण की दर 0.011 फीसदी थी। तीन जनवरी को संक्रमण दर बढ़कर 0.38 फीसदी हो गई और एक्टिव केस 2261 हो गए। इसे देखते हुए राज्य परामर्शदाता समिति का अनुमान था कि पीक आने में फरवरी लग सकता है।
इस बीच जनवरी में इसकी गति हर दिन दोगुनी हो गई। 6 जनवरी को संक्रमण दर 1.58 फीसदी व एक्टिव केस 8824 थे। 16 जनवरी को संक्रमण की दर 6.63 फीसदी व सक्रिय केस एक लाख के पार हो गए। ठीक होने वाले मरीजों की संख्या नए मिलने वाले मरीजों से बढ़ने लगी है।
संक्रामक रोग नियंत्रण प्रभारी डॉ. डी हिमांशु का कहना है कि तीसरी लहर में एक फीसदी से भी कम मरीजों को भर्ती करने की जरूरत पड़ी है। जो मरीज अस्पताल में आए, वे किसी न किसी दूसरी बीमारी से पीड़ित थे। अब डिस्चार्ज होने वालों की सख्या भी बढ़ने लगी है। उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही लहर कमजोर पड़ने लगेगी। पीक एकदम नजदीक है।
डिस्चार्ज होने की गति बढ़ी
एक जनवरी को 383 नए मरीज मिले थे। सिर्फ 31 मरीज डिस्चार्ज हुए। दोनों में अंतर करीब 10 गुना से अधिक था। 11 जनवरी को नए मरीज 10 हजार से अधिक हो गए, लेकिन डिस्चार्ज होने वालों का ग्राफ 543 ही रहा। जनवरी के दूसरे सप्ताह में संक्रमण की दर में मामूली बढ़ोतरी हुई, लेकिन डिस्चार्ज होने वालों की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ।
चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार अभी तक का यही पैटर्न रहा है कि जब संक्रमण की दर और एक्टिव केस की गति धीमी हो जाए और डिस्चार्ज होने वालों की गति बढ़ जाए तो लहर में ठहराव आने लगता है। केजीएमयू के प्रो. अजय वर्मा कहते हैं कि पिछले सप्ताह हर दिन करीब एक फीसदी संक्रमण की दर बढ़ रही थी। तीन दिन से इसकी गति कम हुई। 17 की अपेक्षा 18 को यह दर कम भी है। यह वायरस के कमजोर पड़ने के संकेत हैं।
क्या कहते हैं जिम्मेदार
निदेशक एसजीपीजीआई एवं अध्यक्ष राज्य परामर्शदाता समिति प्रो. आरके धीमान का कहना है,‘जिस तरह से मरीजों की संख्या बढ़ी है, उससे उम्मीद है कि पीक जल्दी आ जाएगा। दो, तीन दिन बाद स्थिति साफ हो जाएगी। अच्छी बात यह है कि कोविड को लेकर घबराने जैसी स्थिति नहीं है। जिन मरीजों की मौत हुई है, वे विभिन्न गंभीर बीमारियों से ग्रसित थे।’
प्रदेश में बढ़ती मरीजों की संख्या
तिथि -- संक्रमण की दर -- एक्टिव केस
20 दिसंबर -- 0.011 फीसदी -- 203
31 दिसंबर -- 0.13 फीसदी -- 862
10 जनवरी -- 4.13 फीसदी -- 33946
15 जनवरी -- 6.10 फीसदी -- 95148
16 जनवरी -- 6.63 फीसदी -- 103474
17 जनवरी -- 7.22 फीसदी -- 106616
18 जनवरी -- 7.10 फीसदी -- 101114