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केजीएमयू में कुलपति के बाद आठ कर्मचारी भी कोरोना संक्रमित, डीआरएम समेत 15 अफसरों को कोरोना
Wed, 07 Apr 2021 02:52 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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Published by: लखनऊ ब्यूरो
Updated Wed, 07 Apr 2021 02:52 PM IST
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राजधानी में कोरोना संक्रमण बहुत तेजी से फैलता जा रहा है। केजीएमयू में कुलपति के बाद आठ कर्मचारी भी कोरोना संक्रमित पाए गए हैं। लखनऊ में लगातार तीसरे दिन 1100 से ज्यादा संक्रमित मिलने के साथ बेड का संकट और गहरा गया है। हालांकि, शासन ने छह दिन पहले ही कोविड अस्पतालों को पूरी क्षमता के साथ चलाने के निर्देश दे दिए थे, लेकिन लेवल-3 कोविड अस्पतालों में अभी भी बेड की संख्या पहले जैसी ही है। कंट्रोल रूम में फोन करने पर मरीजों को वेटिंग नंबर दिया जा रहा है। कुछ निजी अस्पतालों में बेड जरूर उपलब्ध हैं, लेकिन लेवल-3 के इन अस्पतालों में इलाज कराना हर किसी के बस का नहीं है। इससे गंभीर मरीजों की हालत बिगड़ रही है।
कोरोना की दूसरी लहर से सबका बुरा हाल है। एक माह पहले जहां पूरे प्रदेश में संक्रमण का आंकड़ा प्रतिदिन 50 से भी नीचे आ गया था, वहीं अब अकेले लखनऊ में ही रोजाना 1000 से ज्यादा संक्रमित मिल रहे हैं। सभी को इलाज मुहैया कराने के उद्देश्य से मुख्य सचिव ने 31 मार्च को आदेश जारी कर कोविड अस्पतालों को पूरी क्षमता के साथ काम करने को कहा था, लेकिन अब तक ऐसा नहीं हो सका है।
आलम यह है कि एसजीपीजीआई, केजीएमयू और लोहिया संस्थान जैसे राष्ट्रीय स्तर के अस्पतालों में भी पूरी क्षमता से बेड शुरू नहीं हुए हैं। केजीएमयू व पीजीआई संस्थान व्यवस्था प्रक्रिया में होने तथा लोहिया संस्थान बुधवार से सभी बेड शुरू करने का दावा कर रहा है। लेवल थ्री के बेड उपलब्ध न होने की वजह से मरीजों को मजबूरी में दूसरे अस्पतालों का सहारा लेना पड़ता है।
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कोरोना की दूसरी लहर से सबका बुरा हाल है। एक माह पहले जहां पूरे प्रदेश में संक्रमण का आंकड़ा प्रतिदिन 50 से भी नीचे आ गया था, वहीं अब अकेले लखनऊ में ही रोजाना 1000 से ज्यादा संक्रमित मिल रहे हैं। सभी को इलाज मुहैया कराने के उद्देश्य से मुख्य सचिव ने 31 मार्च को आदेश जारी कर कोविड अस्पतालों को पूरी क्षमता के साथ काम करने को कहा था, लेकिन अब तक ऐसा नहीं हो सका है।
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आलम यह है कि एसजीपीजीआई, केजीएमयू और लोहिया संस्थान जैसे राष्ट्रीय स्तर के अस्पतालों में भी पूरी क्षमता से बेड शुरू नहीं हुए हैं। केजीएमयू व पीजीआई संस्थान व्यवस्था प्रक्रिया में होने तथा लोहिया संस्थान बुधवार से सभी बेड शुरू करने का दावा कर रहा है। लेवल थ्री के बेड उपलब्ध न होने की वजह से मरीजों को मजबूरी में दूसरे अस्पतालों का सहारा लेना पड़ता है।
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डीआरएम समेत 15 अफसरों को कोरोना
पूर्वोत्तर रेलवे लखनऊ मंडल की डीआरएम डॉ. मोनिका अग्निहोत्री सहित मंडल के 15 अधिकारी मंगलवार को कोरोना पॉजिटिव पाए गए। पॉजिटिव मिले अफसरों में अधिकतर डिविजनल कॉमर्शियल मैनेजर, असिस्टेंट कॉमर्शियल मैनेजर और डिविजनल इंजीनियर रैंक के अधिकारी शामिल हैं।
निजी अस्पतालों में भारी भरकम फीस
लखनऊ में सरकारी अस्पतालों के अलावा एरा मेडिकल कॉलेज, विवेकानंद पॉली क्लीनिक, मेदांता, अपोलो और सहारा अस्पताल में भी लेवल-3 की सुविधा है, लेकिन इनकी महंगी फीस चुकाना हर किसी के बूते की बात नहीं है। सरकारी अस्पतालों में लेवल-3 के बेड पूरी क्षमता से न चलने के कारण मरीज लेवल-1 या लेवल-2 के अस्पताल में ही पड़े रहने को विवश हैं।
लेवल 3 अस्पताल मौजूदा बेड पूरी क्षमता
लोहिया 110 200
एसजीपीजीआई 200 250
केजीएमय 185 380
लेवल-1 के अस्पताल
आरएसएस मेव हॉस्पिटल, अथर्व, ईएसआई हॉस्पिटल, चंदन, रेलवे हॉस्पिटल, चरक, मेक वेल हॉस्पिटल, वागा हॉस्पिटल, लखनऊ हेरिटेज, निशात हॉस्पिटल, अल्टिस हॉस्पिटल, डॉक्टर ओपी चौधरी।
लेवल-2 के अस्पताल
इंटीग्रल इंस्टीट्यूट, प्रसाद इंस्टीट्यूट, टीएसएम इंस्टीट्यूट, जनाना अस्पताल, हिंद हॉस्पिटल, जेपी हॉस्पिटल।
अस्पतालों से कर रहे समन्वय
सीएमओ डॉ. संजय भटनागर ने बताया कि सभी अस्पतालों को उनकी पूरी क्षमता से बेड तैयार करने को कहा गया है। उनसे कोऑर्डिनेट किया जा रहा है। जल्द ही अस्पतालों में सभी बेड उपलब्ध होंगे।
निजी अस्पतालों में भारी भरकम फीस
लखनऊ में सरकारी अस्पतालों के अलावा एरा मेडिकल कॉलेज, विवेकानंद पॉली क्लीनिक, मेदांता, अपोलो और सहारा अस्पताल में भी लेवल-3 की सुविधा है, लेकिन इनकी महंगी फीस चुकाना हर किसी के बूते की बात नहीं है। सरकारी अस्पतालों में लेवल-3 के बेड पूरी क्षमता से न चलने के कारण मरीज लेवल-1 या लेवल-2 के अस्पताल में ही पड़े रहने को विवश हैं।
लेवल 3 अस्पताल मौजूदा बेड पूरी क्षमता
लोहिया 110 200
एसजीपीजीआई 200 250
केजीएमय 185 380
लेवल-1 के अस्पताल
आरएसएस मेव हॉस्पिटल, अथर्व, ईएसआई हॉस्पिटल, चंदन, रेलवे हॉस्पिटल, चरक, मेक वेल हॉस्पिटल, वागा हॉस्पिटल, लखनऊ हेरिटेज, निशात हॉस्पिटल, अल्टिस हॉस्पिटल, डॉक्टर ओपी चौधरी।
लेवल-2 के अस्पताल
इंटीग्रल इंस्टीट्यूट, प्रसाद इंस्टीट्यूट, टीएसएम इंस्टीट्यूट, जनाना अस्पताल, हिंद हॉस्पिटल, जेपी हॉस्पिटल।
अस्पतालों से कर रहे समन्वय
सीएमओ डॉ. संजय भटनागर ने बताया कि सभी अस्पतालों को उनकी पूरी क्षमता से बेड तैयार करने को कहा गया है। उनसे कोऑर्डिनेट किया जा रहा है। जल्द ही अस्पतालों में सभी बेड उपलब्ध होंगे।